• mrig_trishna_ 18w

    मेरी क़िस्मत की लकीरों में किसी का नाम नहीं था
    मैं कैसे भला हथेली में किसी का नाम लिख लेता
    हर एक नाम का मृगतृष्णा जहाँ पर दावेदार था
    मैं कैसे भला किसी का नाम बदनाम लिख देता
    ©mrig_trishna_nomore