• goldenwrites_jakir 55w

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    #abhivyakti39 @piu_writes

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    पहचान कलम की

    माना मेने मेरे अल्फाज़ो में
    चाँद सितारे --- जमीं आसमां है
    मंदिरो की अज़ान --- जुगनुओ का अंधेरा है
    यादों के लम्हें ------ फूलों का चमन है
    इन सब में सिमटी मेरी जिंदगी के सुनहरे ख्वाव है ...
    बही अल्फाज़ मेरे --- बही नज़्म बही ग़ज़ल है मेरे
    कर सको तो करना महसूस इनमे ही मेरी खुशी मेरे ही दर्द है छुपे ये पहचान मेरी कलम की है ...

    कभी सुनाता राग दुनियां की बातों का तो कभी खुदके ग़म
    में सिमट जाता ---
    पहचान मेरी कलम से हर लम्हा जमाने को कराता
    लिख कर कोरे कागज़ पर एहसास दिल के
    मेरे ख़्वाबों की एक उड़ान के परिंदो को पहचान मेरे जज़्बात से कराता ...........


    ©goldenwrites_jakir