• vipin_bahar 6w

    @gunjit_jain
    आज हमारे प्रिय लाडले और मेरे प्राण प्रिय भाई गुंजित का जन्मदिवस है ऊपर-वाला आपको और ज्यादा कलम -फन से नवाजे मेरे भाई...सच कहूँ तो मेरे भाई जी मिराकी पर कुछ ही लोग है जिनको पढ़ने ..मै विशेष तौर पर आता हूँ..उनमे से एक आप भी हो,वैसे तो आप को हर विधा में महारत हासिल है..पर आपकी शिल्प-शैली और शब्दों के अनुशासन का मैं कायल हूँ...
    ऐसे ही लिखते रहो और हमें प्रोत्साहित करते रहो..
    एक दोहा भाई जी आपको उपहार स्वरुप भेट कर रहा हूँ������अभी यही है मेरे पास देने के लिए������������������

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    दोहा...

    लेखन का सुमिरन करें,लेखन का अभिराम ।
    लेखन का जब नाम हो,गुंजित का ही नाम ।।

    विपिन"बहार"
    ©
    ©vipin_bahar