• hindikavita 51w

    तेरी आँचल के दामन में
    आज खो जाने दे मुझको
    बहुत थक चुका हूँ मैं
    अब सो जाने दे मुझको

    कि शायद वो सुकूँ मिले
    जिसे ढूढ़ता हूँ फिर रहा
    कि शायद वो जुनूँ मिले
    जिसे राह में है खो दिया

    तू हाँथ सर पे फेर दे
    मैं स्वप्न में खो जाऊंगा  
    तू इकबार तो पुकार माँ
    मैं ये जंग छोड़ आऊंगा

    ©hindikavita