• yusuf_meester 15w

    मिरे लहज़ों में नज़ाकत , खुमारी या मस्ती ना ढूँढो

    मैं न तो बुलबुल-ए-चमन हूँ और न शाख़-ए-गुल !

    ©yusuf_meester