• hindisahitya 46w

    आजा।। ए मेरे मुकद्दर तेरे पैरो पर भी मरहम लगा दूँ,




    तू बी तो जख्मी हुआ होगा मेरे सपनों को ठोक कर मार-मार कर।
    ©hindisahitya