• lovelynivedita 14w

    तुमसे मोहब्बत है, मान क्यों नहीं लेते.....
    उलझती हुई जुल्फ़ों को संवार क्यों नहीं देते....
    सुर्ख लबों का क़तरा मैं,
    दिल की प्यास बुझा क्यों नहीं देते....
    तुमसे मोहब्बत है, मान क्यों नहीं लेते....
    मरीज़ -ए -इश्क़ मैं
    ज़ख्म -ए -दर्द की दवा क्यों नहीं देते..
    तुमसे मोहब्बत है, मान क्यों नहीं लेते
    उलझती हुई जुल्फ़ों को संवार क्यों नहीं देते.....

    ©lovelynivedita