• thakurvikram 116w

    तेरी मुस्कुराहट को किन शब्दों में बयां करूं मैं, बस यूं समझ लो कि तुम्हारी हसीं मेरे लिए तपती धरती पे पड़ने वाले उस बारिश की बूंद की तरह है जिसके तालाश में धरती खुद सूरज की जलन सहन कर लेती है।
    ©thakurvikram