• malay_28 8w

    04/05/2022

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    2122. 2122. 212

    हमसफ़र बन के मिलूँ तुम जो कहो
    साथ अब उम्र भर चलूँ तुम जो कहो !

    ज़िन्दगी की हसरतों का क्या करें
    फूल सा बन कर खिलूँ तुम जो कहो !

    चिलचिलाती धूप जब प्यासी लगे
    साथ झरनों सा चलूँ तुम जो कहो !

    क्यों ज़माना अब हमें देखे सनम
    ख़्वाब में ही अब मिलूँ तुम जो कहो !

    अनगिनत तारों भरी हो ज़िन्दगी
    चाँद बन कर मैं चलूँ तुम जो कहो !


    ©malay_28