• gunjit_jain 62w

    इश्क़ है❤️��


    स्याही की धार में, अधूरे अश'आर में,
    लिखने की ज़र्फ़ में, बिखरे हुए हर्फ़ में,
    फ़क़त इश्क़ ही तो है!


    *ज़र्फ़- योग्यता/capability*


    @rani_shri collab��

    किसी से मिलने की तड़प, तड़पाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    जब ख्वाबों का दर कोई खटखटाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

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    किसी की बातें और ज़िक्र दिल धड़काने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    के जब सावन भिगाने से ज्यादा सुलगाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    लब हँसे, मगर अश्क़ निगाहों को भिगाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    के दीदार पर जब, खामोश लब थरथराने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    किसी को सोचना, खुद को ही गुदगुदाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    उस से दूर जाने की बात ज़्यादा ही डराने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    विरह की आग ज़रूरत से ज़्यादा जलाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    दिन और रात हरदम मद्धम तराने सुनाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    शब ओ शाम की बातें भी, कम पड़ जाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    इश्क़ का सही मतलब "रानी" समझ आने लगे तो समझना के इश्क़ है।
    ©रानी श्री


    किसी की खुशबुओं का पता, हवा बताने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    एक अनजान चेहरा, ख्यालों में मुस्कराने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    किसी को देख कर, दिल हरकत दिखाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    बातें किसीकी जब दिल को सुकूँ पहुंचाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    निगाहें अश्क़, और दिल जज़्बात छिपाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    कभी बातें तो कभी यादें, रात भर जगाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    जब एक शख़्स में पूरा जहान नज़र आने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    दिल के घर को किसीकी मुस्कान सजाने लगे तो समझना के इश्क़ है।

    जब इश्क़ की ये बातें, यूँ मन को लुभाने लगे तो समझना के इश्क़ है,
    इश्क़ का सही मतलब गुंजित समझ आने लगे तो समझना के इश्क़ है।
    ©गुंजित जैन