• iamankyt 46w

    दोस्त तेरी दिलासा से हालत ए दिल सुधरेगी या नहीं
    ये बता वो मेरी मोहब्बत है, वो मुझे मिलेगी या नहीं

    वो चाहती थी कि मैं उसके सामने आकर बैठा करूँ
    मैं सोचता ये रहता कि पीछे मुड़ कर देखेगी या नहीं

    उसे देखे हुए ज़माने हुए, सोचे बिना कोई दिन नहीं
    जो भी ख़बर थी उसे कभी मेरी अब रहेगी या नहीं

    तुम हवा पर सवार हो मैं किसी कश्ती में बैठा हुआ
    चीखता हूँ समन्दरों पर, कश्ती अब बढ़ेगी या नहीं

    उसे देखकर हमेशा अजीब सी कशमकश में रहा
    सोचता हूँ मुस्कुराने से भी अब बात बनेगी या नहीं

    तुम्हारी ज़िंदगी तुम जियो, बस ख़बर तो रहने दो
    मेरी अना की ये ज़ुबाँ बोलो वो समझेगी या नहीं

    हर इम्तिहान पर मेरे, तेरे ख्यालों का परदा रहा है
    आज कोई इम्तिहान नहीं, तू याद आयेगी या नहीं

    हूँ जो मुश्ताक़ मैं ठहरा हुआ, पिछड़ता सा हुआ
    लौट आओ जहाँ भी हो, पुकार ये आयेगी या नहीं

    मैं जो पहुँच जाऊँ यकायक ही उसके दर पर कभी
    वो पहचानेगी ज़रूर मग़र फिर पहचानेगी या नहीं

    है उफ़ूक का मंज़र क़ैद कब से बंद खिड़कियों में
    सोचूँ हूँ अब वो बस से किसी को झाँकेगी या नहीं

    ©️I A M A N K Y T