• vinaypandey84 5w

    बहुत सी होलिया खेली है हमने
    ये रंग क्या बिगाड़ेंगे हमारा
    इन रंगो से पुराना नाता जो ठहरा।।
    गर खेलना ही हो तो इश्क़ की होली खेलना,
    इन रंगो में रखा क्या है,
    इन रंगो से ना चोट होगी,
    ना दर्द होगा ना ज़ख़्म ही होगा।।
    गर चोट पौहचानी ही हो,
    तो आशिकी में दिल तोड के पौहचालेना,
    तुम्हे चोट पौहचाने में भी मज़ा आएगा,
    और हमें उस चोट की दर्द सैहने में...✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84