• krwriteup 23w

    नए अंजान शहर से कुछ महिने पहले सोचा एक मुलाकात करते हैं,
    अपने खुद के शहर को थोड़े समय के लिए भुलाया करते हैं।
    अब साल मे एक बार जाना होता है वहा,
    जहां की गलियों मे शोर मचाया करते थे।
    जिन्के चेहरे देख कर सुभा होती थी अपनी,
    उनकी अब आवाज से काम चलाया करते है।
    आज इस नए शहर की रोशनी मे कुछ गुम सा गया है,
    लेकिन वो मकान जो अब घर बन गया है
    उसी आज भी पूजा करते हैं।

    ©krwriteup