• be_fortitude 23w

    हर बच्चा तैयार है भरने को किताबे वन्दे मातरम से
    माँ डरती नहीं है यहाँ शहीद बेटे को सीने से लगाने से
    बाप की लाठी कमज़ोर पड़ती नहीं जवान बेटे के आंसू से
    सींचता है हर किसान धरती को अपने खून पसीने से
    काफी हो जाती है अन्न बन्न कुछ उलटी बहती नदियों से
    पर एक साथ ही मिलेगा सर सब का उठा हुआ गर्व से
    जब जब लेहरता दीखता है तिरंगा आसमान में आज़ादी से
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    गार्गी शर्मा