• saranshjain 87w

    जज़्बात

    मैंने तो अपने गमों को जज़्बातों से लिखकर बयां कर दिया,
    और महफ़िल पसंद लोगों ने अल्फ़ाज़ समझकर तालियां बजा दी।
    ©saranshjain