• ajaykrsingh123 11w

    क्या उठा लाये

    गिरती रही मोहब्बत दिलों से,
    लोगों ने मोहब्बत से जनाज़े उठाये,
    खुदा ने अफसोस कर पूछा,
    क्या लेने गए थे और क्या उठा लाये।
    शांति के प्रतीक श्वेत ध्वज को
    तुमने लहू से सुर्ख लाल कर दिया,
    नम थी आँखें रब की जब कहा,
    मेरे प्रिय तुमने कमाल कर दिया।
    कहते है कि ईश्वर हारता नहीं,
    बेवक़्त किसी को भी मारता नहीं,
    पर यहाँ तो खुदा बंदों से हारा है,
    उसकी दुनिया पर हक़ हमारा है।
    धरती तो हाथ से निकल चुकी है,
    अब तो स्वर्ग पर भी नज़र है,
    लूट से भरते है वो दान की पेंशन,
    क्या करें भले ही वो ईश्वर है।
    ©ajaykrsingh123