• goldenwrites_jakir 7w

    #इंतजार

    हर इक धड़कन को इंतजार तेरा है
    गुजर गई सदिया तन्हाई की गलियों मे
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    तेरे जाने के बाद तेरी यादों में जीता रहा हूँ मैं
    बनाकर तस्वीर कागज़ पर शब्दो की
    हर रोज तुझसे मिलता रहा हूँ मैं
    गम के साय में पलकों से अश्क दिल के बहाता रहा हूँ मैं
    पल पल तेरे ही ख़्याल में
    ज़िन्दगी को झूठे ख़्वाब दिखाता रहा हूँ मैं
    क्या सहा इस दिल ने तुम बिन उन लम्हो को
    उन ज़ख्म के दर्द को हर पल महसूस करके जिया हूँ मैं
    कैसे कहूं तुमसे दिल की बात
    ना जाने कितने सालों से तेरे इंतज़ार में
    पल पल तेरे लिए तरसा हूँ मैं
    यादों के साय में ज़िन्दगी रुकी सी है
    चाँद सूरज रोज आते जाते - पर तेरी आहट
    तेरी चाहत तेरी मोहब्बत से दूर बहुत दूर रहा हूँ मैं
    कैसे कहूं इन 12 सालों में कितना तुझे याद किया
    कितना तेरे लिए तड़पा हूँ मैं ,,,,,,,
    तू भूली नही और ना ही भूलने की कोशिस की तूने
    मेरी तरह तू भी पल पल तड़प रही होगी
    मांग कर दुआओँ में ख़ुशीयाँ मेरी इबादत खुदा की कर रही होगी
    मजबूरी की ज़नजीरों में जकड़ी तेरे दिल की हर इक ख्वाइश होगी
    तू पगली रखकर लबों पर झूठी मुस्कान
    भीगी पलकों को छुपाकर रखती होगी .....
    ©goldenwrites_jakir