• curious_writer 82w

    तन्हाईओं का मंजर
    ख़ामोशियों का समंदर,
    बेचैनियों का ही बस साया,
    किसे फ़िक्र किसके मन को कौन भाया,
    दूरियों ने भी अपना रास्ता पाया,
    वक़्त तो वो था, जो कभी लौट कर ना आया।


    ©curious_writer