• shristi_dubey 21w

    अपने सुकून को गवा कर मैंने उस इंसान को दिन रात काम करते देखा है,
    हो जितने भी परेशान पर, हमेशा मेरे सामने अपनी परेशानी को छुपाते हुए देखा है
    जेब में भले ही हो बजट उनके कम,
    पर मेरी ज़रूरतों को उन्होंने कभी भी नहीं इंकारा है,
    अगर सच बताऊँ,
    मैंने अपने पिता से अमीर इंसान आज तक नहीं देखा है।
    ©shristi_dubey