• shalinivarshney 49w

    इंतज़ार

    ऐसा भाव है, या कहे कि एक ऐसी क्रिया जो हम सभी ने अपने जीवन में की है और करते भी रहते हैं।
    इंतज़ार रहता है,एक सैनिक की बीवी को जंग से उसके घर लौटकर आने का....
    इंतज़ार रहता है, एक माँ को अपने बेटे को अपने सीने से लगाने का...
    इंतज़ार रहता है, एक प्रेमिका को अपने प्रेमी के इज़हार करने का...
    इंतज़ार रहता है, एक दोस्त को अपने दोस्त की वक़्त वे वक़्त दोस्ती निभाने का...
    इंतज़ार रहता है, एक पिता को अपनी बेटी के मायके आने का...
    इंतज़ार रहता है, एक बहन को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने का....
    इंतज़ार रहता है, फूलों को बसन्त ऋतु में खिलकर अपनी खूबसूरती बिखरने का...
    इंतज़ार रहता है, बिना किसी के कहे उसका दिन के चारो पहर, घड़ी के हर टिक टिक पर दिल की तेज धड़कन होने का, उसकी एक हल्की सी मुस्कान देखने का,
    किसी की आवाज़ सुनकर दिल को सुकून आने का....
    ऐसे ही न जाने कितने कहे और अनकहे इंतज़ार होते हैं, जो हम करते है बिना किसी के ये कहे कि हमारा इंतज़ार मत करना...
    ©shalinivarshney