• ashish_d 36w

    मां

    धड़कन की हर सांस भी तुझी से हैं मां
    आसमां छुने की आस भी तुझी से हैं मां
    वैसे तो दरमियां मिलों के फासले हैं पर
    तेरे होने का एहसास भी तुझी से हैं मां

    आंगन में जलता चिराग‌‌ तुझी से हैं मां
    नन्ही आंखों में ख्वाब भी तुझी से हैं मां
    छत-दिवारे, द्वार तो वैसे, घर के बस ढांचे हैं
    उसपर लिखे शुभ लाभ भी तुझी से हैं मां

    मेरा घनश्याम मेरा राम तुझी से हैं मां
    तेरी मुस्कान मेरे धाम तुझी से हैं मां
    जब भी ठोकर खाकर गिरा हूं मैं जमीं पर
    जुबां पर पहला तेरा नाम तुझी से हैं मां

    ©ashish_d