• rajkssora 186w

    गुमां

    बनकर कली बाग़ में जिन्हें सँवरते देखा है ,
    उम्र के साथ उन्हें भी जमीं पे बिखरते देखा है।
    कौन है ये लोग गुमां में लबालब डूबे हुये ,
    हमने तो चाँद को भी ग्रहण लगते देखा है ।
    ©rajkssora