• kamini_bhardwaj1 29w

    व्यक्तित्व

    स्त्री की हंसी में भी एक लाज है
    उसकी ममता भरी आवाज है
    शर्म का पर्दा है आँखों में,इसलिए
    उसको अपने व्यक्तित्व पर नाज है
    ह्रदय में अपार स्नेह लिए रहती है
    होंठों पर मुस्कान सजी रहती है
    कभी मन की आँखों से देखो उसे
    वो भावनाओं का सुन्दर ताज है
    माँ जिसकी तुलना किसी से नहीं
    बहन से प्यारा कोई रिश्ता नहीं
    बेटी से रौनक है घर ऑंगन की
    पत्नी पति की गहरी हमराज है

    ©kamini_bhardwaj1