poem_writer_

my words knows me better than everyone!!!

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  • poem_writer_ 2w

    खुशियों का मंजर होगा,
    होंगे हम और तुम साथ,
    तभी होली होगी,
    जब तुम मुझे यू,
    रंगों से छुओगे,
    तभी तो हमारी होली होगी,

    अबीर गुलाल रंग सब हैं,
    बस तुम्हारी ही कमी है,
    तुम हो मगर ख्वाबों में,
    पर मेरी किस्मत में नही,

    अजीब बात किसी को ,
    चाहने में जिंदगी गुज़र जाती है,
    और मोहब्बत का एहसास भी nhi होता,
    सामने हर ख्वाब है,
    मगर पूरा हो ऐसी कोई ख्वाइश नहीं

    तुम साथ होगे तभी,
    हमारी होली होगी,
    जब टकराएंगे मैं और तुम,
    तभी तो हम होंगे,
    तभी हमारी होली होगी।
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 2w

    होली

    होली है मगर रंग नहीं,
    होली है मगर खुशी नहीं,
    होली है मगर साथ नही
    होली है मगर बात नही,

    ये त्योहार है,
    जो हमे हमारे अपनो से मिलाता है ,
    होली है मगर कोई रौनक नहीं,

    क्या है इन रंगों में,
    जो हमे मजबूर करता है ,
    सब कुछ भूलकर अपनो से मिलाता है,
    होली है मगर सब फीका है,


    खाने को तो खूब मिलता है ,
    चाहे गुझिया हो ,चाहे पापड़ हो,
    होली है मगर कोई बनाने वाले नहीं है,

    सब साथ होकर भी,
    सब दूर है,
    लेकिन कोई दिल के पास भी नहीं है,
    होली है मगर सब कुछ उजड़ा है

    होली है मगर त्योहार ही तो है
    जहां दो पल ही सही ,
    हम खुद की परेशानी भूल जाते है,
    होली है मगर खूबसूरत रंगों का त्योहार है

  • poem_writer_ 3w

    हमे तकलीफ में,
    मुस्कुराने की आदत क्या हुई,
    लोगो ने तो हमे,
    रुलाने का बहाना ही बना दिया


    हमने खामोशी क्या इख्तियार करली ,
    लोगो ने तो हमे खामोश ही कर दिया,
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 3w

    हमे अपनी बातों में ,
    मत उलझाईएगा साहब ,
    अगर हमने आपको,
    उलझाना शुरू किया ,
    तो आप सुलझ नहीं पाएंगे ,
    क्योंकि हम एक शायर है!!!!!!
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 3w

    जिनसे हम मोहब्बत करते है ,
    वो तो किसी और से मोहब्बत किए बैठे है ,
    ये दर्द भी ऐसा है ,
    जो ना छिपाया जा सकता है ,
    और ना ही दिखाया जा सकता है,
    समझ का फेर है ,
    वरना यहा तो लोग ,
    बहुत कुछ समझाया जा सकता है ,
    हमे मोहब्बत क्या हुई,
    लोगो ने तो नज़रिया ही बदल लिया,
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 3w

    इश्क

    आज से पहले मुझे ,
    ऐसी बेचैनी कभी न हुई,
    न जाने क्यों,
    आज ये धड़कन कुछ कह रही,
    पर क्या ,
    पता नहीं,
    बहुत से अल्फाज रुके है ,
    जैसे उन अल्फाजों को आज जुबान मिल गई
    शायद मुझे कुछ हो गया है ,
    पर क्या पता नही,
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 11w

    जिंदगी

    अंधेरे में रहने वाले से पूछो ,
    साहब!
    उजाला क्या होता है ?
    अकेले रहने वाले से पूछो,
    साहब!
    साथ क्या होता है?
    तकलीफ सहने वाले से पूछो,
    साहब!
    सुख क्या होता है ?
    दुख देखने वाले से पूछो,
    साहब!
    सुख क्या होता है?
    भूखे रहने वाले से पूछो ,
    साहब!
    खाना क्या होता है ?
    भिखारी से पूछो ,
    साहब!
    घर क्या होता है?

    ##ज़िन्दगी है साहब यह कब क्या होता है
    ,ये किसे एहसास है।।।।।_

  • poem_writer_ 14w

    कोई ऐसा हो ,
    जो मेरी आंखो को देखे ,
    और कहे किं उदास हो,

    मैंने हसरतें छोड़ दी,
    तुम्हारे साथ खुश होने कि ,

    मुझे मालूम भी ना चला ,
    और वो मुझे अकेला भी कर गए,

    अब वो ख्वाहिश क्या ,
    जो अंत में टूटे ना ,

    कुछ लोग कहते है ,
    तुम हो कौन ,
    पर वो ये भूल जाते है,
    की हम ना हो तो ,
    उनकी ज़िंदगी अधूरी ही,

    रास्ते में मिली हुई ,
    ठोकर भी हमे रुला देती है,

    पर जिंदगी में
    मिले हुए सबक ,
    रोना भुला देते है ,

    तमाम कोशिशें भी,
    हमे हंसा ना पाई,

    हम वो इंसान है ,
    जो काटे में भी,
    गुलाब देख लेते है।
    ?????????
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 14w

    आज साल का आखिरी दिन है,
    सोचे तो कितना कुछ बदल गया है,
    नहीं बदला तो सिर्फ लोगो के ताने,
    जो आज भी है और कल भी रहेंगे,

    साल बदलता है ,
    ना कि लोग ,
    सब कुछ वहीं है,
    सूरज , चांद ,धरती, लोग ,सब वही है ,
    बस किसी किसी की उमीद बढ़ जाती है,
    अब नया कैलेंडर में एक तारीख और लिखी जाती है,

    शायद इस साल कुछ ख्वाहिशों ने दम तोड़ा,
    कुछ आने वाले साल में टूटेगी ,
    मगर टूटेगी जरूर
    यही उम्मीद है ,

    अफसोस की हम ये क्यों भुल जाते है कि,
    जब इंसान वहीं है,
    हालात वहीं है ,
    और तो और ताने भी वही है,
    तो साल चाहे कितना ही क्यों ना बदल जाए ,
    जब सब वहीं है तो ,
    NEW YEAR कितना ही बदल जाए ,
    होगा तो वहीं .....


    मेरी तरफ से अगर किसी को बुरा लगे तो sorry ,
    Bye bye 2020
    Kynki इस साल ने हमे बहुत रुलाया है।।
    ©poem_writer_

  • poem_writer_ 14w

    मैंने तो तुमसे मोहब्बत की ,
    मगर अफसोस ये है मुझको की,
    तुमने उसे दोस्ती का नाम दे दिया।।
    ©poem_writer_