nehaprakash

कवि�� Delhi �� ऊँ नमः शिवाय ��

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  • nehaprakash 4d



    पड जाएेंगें ये सितारे कम ,
    जब मिलेंगे हम,
    देख दूर से वो चाँद भी मुस्कुराएगा,
    प्यार हमारा जब मुक्कम्मल हो जाएगा!!
    ©neha

  • nehaprakash 1w



    लगा कुछ ऐसा यूँ,
    नई - नई है रात,
    बिखर के तेरी बाँहों में ,
    हम कर ले थाेडी बात!!

    ©neha

  • nehaprakash 3w

    नीचा दिखा के दूसरो को ,
    होते वह खुशहाल है,
    एे मूर्ख, तेरा जीवन ही तेरे लिए अभिशाप है!!
    करता क्यों है इतना घमंड ?
    क्या घमंड ही तेरा मजहब है ?

    ©neha

  • nehaprakash 3w

    तुम्हारी खुशियों के लिए,
    सब्र दिल में रख कर थोडा,
    तुमसे दूर अब हो गए !! ♥
    ©neha

  • nehaprakash 3w

    खोते-खोते कभी-कभी,
    हूँ अपने आप को पाती,
    दिल में तेरे मैं थोडी हूँ जगह चाहती!
    ©neha

  • nehaprakash 9w

    लिखुँ कविता एेसी में,
    जो ना तेरी जैसी हो,
    साथ दे हमेशा मेरा,
    फितरत उसकी एेसी हो...!!
    ©neha

  • nehaprakash 9w

    इंतजार में अब तुम्हारे ये घडी भी रूकने लगी है..,
    आया करो थोडा जल्दी,
    अब तो मेरी साँसें भी रूकने लगी है!
    ©neha

  • nehaprakash 9w

    सुनसान है ये मकान..,
    ना खिलता कोई फूल है..,
    आसूँ भरी आँखों में..,
    ये कैसा जोरो का शोर है..?
    ©neha

  • nehaprakash 9w

    Word Prompt:

    Write a 8 word micro-tale on Burden

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    दिल का बोझ कुछ यूँ हल्का हो गया...,
    जब से मेरा प्यार मुकम्मल हो गया..!
    ©neha

  • nehaprakash 11w

    है खूबसूरत तो ये आँखें,
    कतल भी लाखों करती है,
    छुपा कितना गम है ?
    ये भी बयान करती है!
    ©neha