neha_sultanpuri

हम तो मस्त फ़क़ीर

Grid View
List View
Reposts
  • neha_sultanpuri 5d

    ~जगजीत सिंह❤️

    Read More

    सुनते हैं के मिल जाती है हर चीज़ दुआ से
    इक रोज़ तुम्हें माँग के देखेंगे ख़ुदा से

    दुनिया भी मिली है ग़म-ए-दुनिया भी मिली है
    वो क्यूँ नहीं मिलता जिसे माँगा था ख़ुदा से

    ऐ दिल तू उन्हें देख के कुछ ऐसे तड़पना
    आ जाये हँसी उनको जो बैठे हैं ख़फ़ा से

    जब कुछ ना मिला हाथ दुआओं को उठा कर
    फिर हाथ उठाने ही पड़े हमको दुआ से

  • neha_sultanpuri 2w

    कुछ खो देने का डर,
    उसको भी सताता होगा,
    हूक उठती है हर शाम,
    किसी पहर तो
    उसको भी कुछ खलता होगा,

    एक ही रास्ते के
    दो छोर बनना,
    यूँही आसान तो नहीं
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 2w

    वो मुझको ढूंढ़ लेगा
    स्याह रातों के अंधेरों से,
    वो जिसको होगी चाहत
    सवेरों की सदाक़त से
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 3w

    चला है सिलसिला कैसा ये रातों को मनाने का
    तुम्हें हक़ दे दिया किसने दियों के दिल दुखाने का

    इरादा छोड़िए अपनी हदों से दूर जाने का
    ज़माना है ज़माने की निगाहों में न आने का

    कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो
    मियाँ दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का

    निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया
    भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का

    ये मैं ही था बचा के ख़ुद को ले आया किनारे तक
    समन्दर ने बहुत मौक़ा दिया था डूब जाने का
    ~वसीम बरेलवी

  • neha_sultanpuri 5w

    नीरवता

    एक नीरवता घेरती है
    आस-पास के वातावरण को,
    अंतर्मन
    विचारों के कोलाहल से भरा,
    इस नीरवता को देखता है
    और सोचता है
    न जाने कब ये नीरवता
    मुझमें समायेगी
    और मुझे
    चिर-स्थिरता मिलेगी
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 7w

    एक फ़िक्र...

    Read More

    वक़्त की क़ैद में
    एक रोज़
    ये चाहत भी ख़त्म हो जाएगी
    और सैकड़ों ख़्वाहिशों की तरह

    फिर वही खालीपन बचेगा
    इस ज़िन्दगी और
    ख़ुद के दरमियाँ
    जो कभी तुमने भर रखा था
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 8w

    ~जगजीत सिंह

    Read More

    फिर कोई दर्द जगा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी
    मुझकों अहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी

    रुक गया मैं तो मेरी सांस भी रुक जाएगी
    फासले और भी बढ़ा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी

    मेरी तारीफ़ ही तारीफ़ के क्या मानी है
    किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी

  • neha_sultanpuri 8w

    दिल धड़कने का सबब याद आया
    वो तिरी याद थी अब याद आया
    ~नासिर काज़मी

  • neha_sultanpuri 11w

    जागे तो नज़र आया न वाजिब कोई मंज़र
    सोए तो कोई ख़्वाब मुनासिब नहीं आया
    - राजेश रेड्डी

  • neha_sultanpuri 12w

    ख़ुद को खोते रहने की
    इस अनहद चाल से निकल,
    तू निकल,
    इस मायाजाल से निकल
    ©neha_sultanpuri