neha_netra

��"मन अस्सी तन काशी"��

Grid View
List View
Reposts
  • neha_netra 19h

    शहर का शहर धुंध में लिपटा हुआ है ;
    मुझे तेरी यादों की बरसात से , अब तलक फुर्सत नहीं .!
    ©neha_netra

  • neha_netra 1d

    मैं इश्क़ करूं या इबादत उसकी ;
    एक शख़्स मिला है मुझे ख़ुदा जैसा .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 2d

    ख़्वाब जब टूटते हैं ;
    आंखों को बड़े चुभते हैं .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 2d

    लो दस्तख़त कर लो ;
    दिल अब से तुम्हारा हुआ .!
    ©neha_netra

  • neha_netra 3d

    मैंने उसमें ख़ुदा देखा ;
    तो क्या गुनाह किया ?
    दोनों मुझे गिरने से पहले सम्हाल लेते हैं .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 3d

    किसी का इश्क़
    इतना भी लापरवाह ना रहे ;
    कोई सिसकियां भरता रहे ,
    और कोई चैन से सोता रहे .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 4d

    Be A Rose For Those
    Who Has Watering You With Love,

    But, Be A Thorn For Those
    Who Are Always Trying To Pluck You .

    ©neha_netra

  • neha_netra 5d

    बहोत गुस्ताख़ हो गया है ये मौसम भी ;
    तुम क़रीब भी नहीं हो ,
    और सर्दियां शुरू हो गयीं .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 1w

    जुबां पे दर्द के छाले बहोत हैं ;
    तुम भरोसे का मरहम लगाना ,
    बेईमानी का नमक नहीं .!

    ©neha_netra

  • neha_netra 1w

    मुक़द्दर की बात नहीं ;
    इश्क़ तहज़ीब का मसला है .!

    ©neha_netra