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राही का हमराही

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  • naveensanadhya99 15w

    सोच - समझ

    तुम समझ ना पाओगे, ऐसी बात कह जाऊंगा....
    कि तुम सोचते रह जाओगे, ऐसी बात कर जाऊंगा।
    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99

  • naveensanadhya99 15w

    हमने....

    तोड़ दिए वो सारे रिश्ते, जो सिर्फ नाम के थे....
    हम तो वो शख्शियत रहे हैं, जो कब किसी के काम के थे....
    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99

  • naveensanadhya99 17w

    मेरे दोस्त....

    पायल की झनकार, मुझे दोस्तों की याद दिलाती है।
    मेरे चैतन्य की अवस्था, मुझे दोस्तों की याद दिलाती है।
    सांझ की किरण, मुझे दोस्तों की याद दिलाती है।
    कुछ मेरे दोस्त ऐसे हैं, जिनकी छाप मेरे ज़हन को महकाती है।
    दोस्ती का ऐहसास ऐसा, कि सोचकर ही रूह में जान आ जाती है।
    मेरे दोस्त....
    - नवीन कुमार सनाढ्य (राही का हमराही)
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  • naveensanadhya99 21w

    ऋतु

    मौसम की परिचायक, ऋतु
    बसंत राग मल्हार है, ऋतु
    तपतपाती गर्मी है, ऋतु
    शीतल ठंडी सर्दी है, ऋतु
    बारिश वो घनघोर है, ऋतु
    पतझड़ प्रकृति का बुढ़ापा है, ऋतु
    हेमंत सर्द आगाज़ है, ऋतु
    तापमान पर्याय है, ऋतु
    अवधि आए और जाए है, ऋतु
    शून्य है स्थूल है, ऋतु
    ना होकर भी सबकुछ है, ऋतु
    जीवन का ये अर्थ है, ऋतु
    वर्ष का कालखंड है, ऋतु
    भिन्न - भिन्न वो दृश्य है, ऋतु
    रोचकता है, सरसता है और
    जीवन की पूर्णता है, ऋतु
    आभास है, अहसास है,
    जीवन की वास्तविकता है, ऋतु
    रोमांच है, सर्वत्र है, बदलाव का प्रमाण है....
    एक ऋतु ही है एहसास वो जो जीने की उमंग है
    जीवन को प्रकृति से जोड़े रखने का,
    एकमात्र वो साधन है, ऋतु
    एकमात्र वो साधन है, ऋतु
    ऋतु ही जीवन है,
    और जीवन में ऋतु ही है।
    - नवीन कुमार सनाढ्य (राही का हमराही)
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  • naveensanadhya99 22w

    लिखता

    मै लिखता नही....
    बस कलम चल जाती है।
    - नवीन कुमार सनाढ्य
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  • naveensanadhya99 23w

    कहां

    कहां गलत था मैं....
    - नवीन कुमार सनाढ्य
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  • naveensanadhya99 23w

    मै

    मै पत्थर तो नही,
    पर दिल बहुत तोड़े हैं मैने....
    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99

  • naveensanadhya99 23w

    पापा

    जो ना कुछ "पा"कर भी....
    ना "पा"ना कुछ चाहे....
    वो "पापा" है।
    नवीन कुमार सनाढ्य
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  • naveensanadhya99 26w

    हम

    हम उन भूले हुए पन्नों में से हैं....
    जो कभी इक बेमिसाल क़िताब का हिस्सा हुआ करते थे।
    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99

  • naveensanadhya99 28w

    ध्यान देने योग्य

    जन्मोत्सव व जयंती के बीच का फर्क

    जो भी महानुभाव या बुद्धिजीवी जन्मोत्सव और जयंती में फर्क ना जानते हों, यह जानकारी उनके लिए है।

    जन्मोत्सव यानी जन्म का दिवस, प्राकट्य दिवस इत्यादि

    और जयंती यानी शहीद दिवस, देह त्याग दिवस इत्यादि

    आगे से कृपा करके जन्मोत्सव को जयंती ना लिखे, अन्यथा इससे आपके ही ज्ञान पर संदेह होगा। कृपा करके पूरी जानकारी प्राप्त किए बिना इस प्रकार का कुछ पोस्ट ना करें।

    नकल में भी अक्ल होनी चाहिए

    धन्यवाद

    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99