mrkhan56

on a break ������

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  • mrkhan56 1w

    Sorry pr mai late wish krta hu��(nhi darasal mujhe kuch likhne ka sujhta hi ni aajkl..tu toh jaanti hai��)

    wish you a very Happy Birthday चुड़ैल ��������..(ye चुड़ैल pehla hindi word hai jo maine smjhaya tha tujhe...uske baad se toh har write up tre liye alg se likhna padta tha��)

    Kya hi wish kru tjhe...I don't know what to say ... you're one of my favourite people��
    Tu hmesa khush rahe ..behtareen likhti reh aur bas baaki akele me���� @fromwitchpen




    Saari daulat, shohrat, izzat-o-ayyam de du
    Tri khushiyo k liye apni khushi ka har maqaam de du

    Wo mehnge tahaif(tohfe) toh mre bas ke nahi
    Haan magar tjhe, apne hisse ke aish-o-araam de du

    ©Shazaan

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    Gulab numa surat tri,
    seerat me khusbu pyaar ki

    Dard kar de gayab sabhi ke
    Tareef lafzo me kaha mre yaar ki

    Har lamhe me tre khushiya shareek ho
    Bas yahi duayein rhengi har baar ki

    ©Mrkhan

  • mrkhan56 18w

    फेहरिस्त :- list ; वस्ल :- meeting ; हबीब :- beloved ; क़िस्मत-ओ-अहवा'ल :- luck and situation ; मै-ख़वार :- wine drinkers ; मै-ए-ला'ल :- red coloured wine ; तबीब :- doctor

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    गज़ल

    अपनी कोशिशों का जवाब, ताकत-ए-सवाल पर छोड़ दो
    कर के रिहा कैद से , परिंदों को डा'ल पर छोड़ दो

    सहम जातें है लोग अक्सर, गुनाहों की लंबी फेहरिस्त से
    मुआफी मांगो ख़ुदा से, बाकी नेक आ'माल पर छोड़ दो

    कब तक भटकोगे उसकी चौखट पर एक दीदा'र के लिए
    अब के वस्ल हबीब से, क़िस्मत-ओ-अहवा'ल पर छोड़ दो

    मैं नहीं चाहता कोई चेहरा, मेरे दिल-ओ-दिमाग में आए
    'मोहब्बत दोबारा नहीं होती', मुझे इस ख़्या'ल पर छोड़ दो

    मै-कदे में कोई मै-ख़वार, आज , अकेला नहीं दिखा
    कोई साथी नहीं चाहिए, मुझे मै-ए-ला'ल पर छोड़ दो

    दूर रहो तबीब, मेरे ज़ख़्म को अब ज़रूरत नहीं मरहम की
    मैं जिस हाल में हुं, मुझे बस उस हाल पर छोड़ दो

    ©Mr_khan

  • mrkhan56 21w

    Pahad ye sun kar, dhak se reh gaye
    Unko cheerne waala, alfaazo se tut jaata hai


    ख़ुश-तराने :- pleasant song
    राग़ :- tune, melody
    नासूर :- unhealed wound
    जिस्म-ओ-रूह :- body and soul

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    शेर

    मेरेे ख़ुश-तराने में , बिख'रा हुआ सा एक राग़ अब भी है
    राख हो गए उसके खत जलके,पर बाकी उनमें आग अब भी है

    मलहम लगा कर , रोक तो लिया ज़ख़्म को नासूर बनने से
    हां मगर, मेरे जिस्म-ओ-रूह पर इश्क़ का दाग़ अब भी है

    ©Mrkhan

  • mrkhan56 21w

    Yun to bhule hai hume log kayi phle bhi bahut se
    Par tum jitna unme se Kabhi koi Yaad Nahi aaya

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    शेर

    करने को भरोसा , कहते हैं , दगा देने वाले
    क्या बुझाएंगे आग, शोलों को हवा देने वाले

    मुमकीन नहीं है, इलाज-ए-दर्द-ए-दिल 'शाज़ान'
    कि अब दे रहे है दर्द मुझको, दवा देने वाले

    ©Mrkhan

  • mrkhan56 22w

    शेर

    मेरी कोशिशें, मुझे हार जाने को तय्यार नहीं करती
    जितने हालात घायल करते हैं उतनी तलवार नहीं करती

    उसने कहा नहीं कभी, कि वो मुझसे प्यार करती है
    पर ये भी नही कहा, कि वो मुझ'से प्यार नहीं करती

    ©Mrkhan

  • mrkhan56 23w

    मेहताब :- चांद

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    शेर

    लेलो फूल सारे बा'गीचे से , मुझे एक गुलाब दे दो
    मै कर दुंगा पूरे, मेरी आंखों को अपने ख़्वाब दे दो

    तरकश में फलक के , चमकते तारे बहुत है सनम
    रख लो तुम, सारे के सारे , मुझे बस मेहताब दे दो

    ©Mr_khan

  • mrkhan56 23w

    Dil-e-pur-shauk ko pehlu me daba.e rakha
    Tjh se bhi hm ne, tra pyaar chhupa.e rakha

    ~Habib jalib

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    गज़ल

    अय ख़ुदा, आज कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए
    वो आए, और बारिश भरी शा'म हो जाए

    सहमी-सहमी सी गुफ्त-गु बेलगाम हो जाए
    मेरा मेहबूब गर मुझसे हम-कलाम हो जाए

    गुज़रता देख उसे, देते हैं आवाज़ ख़ुद को
    ताकि याद उसे, मेरा नाम हो जाए

    मुझको डर है कि पास जाऊं उसके
    पास जाऊं, और किस्सा तमाम हो जाए

    ना शराब ना साकी ना चाहिए कोई मै-कदा
    वो हाथो से पीला दे पानी तो जाम हो जाए

    हुस्न-ए-जहां से भी बढ़कर है हुस्न उसका
    एक झलक में चांद तारे भी गुलाम हो जाए

    या तो हासिल हो बस मुझे ही वो शकस
    या फिर सब ही पर वो शकस हराम हो जाए

    ©Mrkhan

  • mrkhan56 26w

    I know Mai kaafi late Hu...mjhe subah hi post krna tha pr kch issue ho gya tha...

    Khair...abhi bhi kuch time baaki hai tmhra bday khatm hone me��

    Once again happy birthday Inky ��..stay blessed stay happy @syaahiii

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    Subah ki sard si
    Hawaon me gard si
    Dard me bedard si
    Sabki laadli, wo fard si


    Ek ansune khwaab si
    Dil-awez hai wo gulaab si
    Chehre pr chamak liye mehtaab si

    Padh ke bhi smjhna usee asaan nhi
    Suljhe hue lafzo me wo uljhi hui kitaab si


    Wo bebaak hai, wo khamosh bhi
    Wo ishq hai, aur usme madhosh bhi
    Wo mehfil hai, aur uske geet bhi.
    Wo Jung hai, wo jeet bhi.


    Badlo me uska basera hai
    Neel gagan hi uska dera hai
    Titli hai wo, rango se bhari
    Wo na ho toh jahaan andhera hai


    Saada Dil, par andaaz saahi hai
    Apne Safar ki akeli wo raahi hai
    Gar uthaye kalam toh tabaahi hai

    Kaazag par bikhar ke jazbaat sajaye
    Rakhe zinda kalam ko, wo syaahi hai

    ©Mr_Khan

  • mrkhan56 26w

    नासाज़ :- unwell
    पर-शिकस्तों :- broken wings
    परवाज़ :- flight

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    शेर

    तुझे करके घायल , लोग रोकेंगे आगाज़ तेरा,,
    मुश्किलों से शायद, हो जाए दिल नासाज़ तेरा...

    हां मगर , टूटने से पंख , हौसले नहीं टूट जाते,,
    पर-शिकस्तों में भी , ऊंचा होगा परवाज़ तेरा...

    ©Mr_khan

  • mrkhan56 26w

    सबब :- reasons
    दीदा-ए-तर :- tearful eyes
    इज्तिराब :- restlessness
    फलक-ओ-मेहताब :- sky and moon

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    ग़ज़ल

    मुद्दतों बाद, आज मिली मुझे एक नज़्म किताब से
    ताज़ा है अब तक, निशान दिया था जिस गुलाब से

    कागज़ लिपटा हुआ गर्द में, अल्फ़ाज़ भरे सारे दर्द में
    पढ़ के जैसे, रू-ब-रू हो गया मैं, अपने शबाब से

    दिल पूछता है के जला क्यों नहीं देते पुरानी यादों को
    जला भी दें तो कैसे निकालें, उन यादों को दिमा'ग से

    सुना है जाम का, दर्द भुलाने से, रिश्ता बहुत गहरा है
    क्या खूब होता साकी, गर नशा ना होता शरा'ब से

    जिनसे उम्मीद थी कि चलेंगे मेरा हाथ थाम कर
    वो सामने से निकल गए, ढक कर चेहरा नक़ा'ब से

    सबब, दीदा-ए-तर होने के हर रोज़ नए चले आते है
    हां मगर खुशियां आती है गीन-चुन कर हिसाब से

    अब तो ज़ख्मों से ऐसा लगा'व हो गया है मुझको
    मल्ह'म लगाते ही, बुरा हाल हो जाता है इज्तिरा'ब से

    यूं टूटना तारों का, इत्तेफ़ाक़न तो नहीं 'शाज़ान'
    कुछ तो नाराज़गी रही होगी फलक-ओ-मेहताब से

    ©Mr_Khan