Grid View
List View
Reposts
  • man_ki_pati 5d

    बेटे.... बेटियां....

    बेटे को जन्म देकर.....
    कुछ लोग ऐसे खुश होते हैं...
    जैसे कि ब्लेंक चेक पर साइन कर के दिया हो...
    और......
    बेटी के होने पर ऐसे अफ़सोस...
    मानो वो ब्लेंक चेक वही हो...

    यूं तो अब के ज़माने में दोनों ही बराबर हैं...
    लड़का रसोई में निपुण...
    और.....
    लड़की दफ़्तर संभाल रही हैं....
    फिर भी कुछ लोगो को ये बात रास नहीं आती हैं ...
    आखिर छोटी सोच एक रात में बढ़ थोड़े ही जाती हैं...

    Read More

    बेटे... बेटियां...
    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 1w

    फिर किसी को "हम" जैसी...
    "ख़ामोशी" ना देना ऐ ज़िन्दगी....
    कि हर "सांस" ही "घुटन" बन जाए...
    ना करना इस तरह "बेबस" किसी को कि..
    तेरा हर लम्हा एक "चुभन" बन जाए..

    Read More

    खामोशी....
    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 2w

    "मन कि पाती"....

    बहुत जी लिए ज़िन्दगी...
    अब किसी कि चाहत भी नहीं...

    अब तो बात करते हुए भी सहम जाते हैं...
    कि हमारे कुछ कहने से किसी को आहत तो नहीं......

    ये परवाह करते करते आ गए इस मुकाम पर..
    जहां से वापसी कि कोई उम्मीद भी नहीं...

    अब तो ज़िन्दगी भी एसी लगने लगी हैं ..
    मानो इसको अब हमारी जरुरत ही नहीं..

    ना जाने इस संसार में कितने ही बेवजह जीते हैं..
    कही हम भी तो उनमे से नहीं..

    एसा हम ही नहीं..
    ना जाने कितने सोचते हैं अपने बारे में...

    कुछ बयान कर जाते हैं..अपने मन कि पाती को..
    और कुछ उसे अपने साथ ही लिए दुनिया से कूच कर जाते हैं..

    Read More

    "मन कि पाती"....

    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 3w

    शब्द....
    ये शब्द बड़े ही कीमती होते हैं...
    कभी किसी का आशियाँ सजा देते हैं शब्द...
    तो कभी किसी का आशियाँ उजाड़ देते हैं शब्द...
    कभी प्यार से दिल को सराबोर करते हैं शब्द...
    तो कभी तेज़ धार से मन छलनी करते हैं शब्द..
    कभी मन के चमन में बाहर ले आते हैं शब्द...
    तो कभी उसी दिल को तार तार करते हैं शब्द...
    कभी शत्रु को भी अपना मित्र बना लेते हैं शब्द..
    तो कभी मित्र को भी शत्रु बना देते हैं शब्द...
    इन शब्दों कि महिमा बड़ी निराली हैं दोस्तों...
    कभी मीठी मीठी धुन सुनाकर लुभा लेते हैं शब्द...
    कभी इंसान को किसी चक्रव्यूह में फसा देते हैं शब्द...
    कभी "प्यार"....
    कभी "धोका"....
    कभी "गुस्सा"..दिलाते हैं शब्द...
    कभी दिल पर लगी चोट पर "मरहम" लगाते हैं शब्द..
    कभी किसी को सम्मान के सिंघासन पर बैठा देते हैं शब्द...
    तो कभी किसी के सम्मान कि धज्जिया उड़ा देते हैं शब्द...
    इन शब्दों का इस्तेमाल संभाल कर करो दोस्तों...
    इनसे सदा जोड़ो किसी का दिल ना तोड़ो दोस्तों..

    शब्दों में बड़ी ताकत इनका सदुपयोग करो तुम.
    दिलो को ठेस पंहुचा कर इनका दुरूपयोग ना करो तुम..
    इन शब्दों कि महिमा से ऊंचाइयों पर पहुंचते हो तुम..
    ऊंचाइयों को प्राप्त कर फिर अपने स्थान से ना गिरो तुम..
    डरना सीखो उस ईश्वर के न्याय से तुम..
    किसी को आंशू दे अन्याय ना करो तुम..
    किसी कि आह बनकर न उसके मन में बसों तुम..
    जो कहते हो वही करो.. अपने शब्दों पर डटो तुम..
    विश्वास टूटे किसी का ऐसे शब्द न कहो तुम..
    किसी को विश्वास दिलाकर.. विश्वास को न तोड़ो तुम..
    बनोगे सच्चे तो दिल में सबके.. बस जाओगे..
    इंसानियत रखोगे दिल में तभी तो इंसान कहलाओगे.. ������

    Read More

    शब्द.....

    "शब्दो"..का "वजन".. तो बोलने के भाव से पता चलता हैं..
    बाकि "वेलकम"... तो... "पायदान" पर भी लिखा होता हैं..
    शब्द से "ख़ुशी"..
    शब्द से ही "ग़म"..
    शब्द ही "पीड़ा"..
    शब्द ही "मरहम"..
    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 3w

    जानवर ही बेहतर हैं....
    आज के दौर में....
    क्यूँ कि इंसान और उनकी इंसानियत मर चुकी हैं...

    Read More

    इंसानियत...
    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 3w

    दर्द...
    तकलीफ...
    उदासी....
    जुल्म.....
    काश.....
    मज़बूरी.....
    अफ़सोस.....
    ऐसा कोई भी शख्स नहीं जो इन
    सभी चीजों से आज़ाद हो....

    Read More


    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 4w

    मौत अच्छा दाम दे रही हैं...
    सोच रहे अपनी परेशानिया बेच दे...

    Read More

    मौत...

    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 4w

    नियमो से बंधी ज़िन्दगी....
    बस......
    बंध कर ही रह जाती हैं......

    Read More

    ज़िन्दगी....

    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 4w

    आंशुओ को सूखने में....
    थोड़ा वक़्त लगता हैं....
    ये जो ज़िद्दी मन हैं... ना...
    मरते... मरते ही मरता हैं....

    Read More

    "मन" ....
    ©man_ki_pati

  • man_ki_pati 5w

    मुझको पसंद हैं अक्सर, खुद को ही पढ़ना....
    एक किताब हैं मुझमें, जो सफ़र करती हैं...

    Read More

    ©man_ki_pati