maakinidhi

august5�� spread love....u will get it doubled in the end❣️

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Reposts
  • maakinidhi 1d

    #happy ramnavami to all☺️��❤️

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    श्रीराम

    आप सभी को मेरी ओर से पावन रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

    मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम वे यूं ही नहीं हैं कहलाते!
    सिंहासन के बदले वनवास सहर्ष ही हैं वे अपनाते!!

    मां सीता के प्राणप्रिय यूं ही नहीं वे बन जाते!
    निष्काम भाव एकनारि व्रत आजीवन निभाते!!

    भ्राताओं के हिय में सुमन सरीखे यूं ही नहीं खिलते!
    सर्वत्याग कर मुस्काने वाले राम सहज नहीं मिलते!!

    जीवन प्रतिपल संघर्ष नया, विश्वास की नैया पार लगाए!
    जीवन-वृतान्त श्रीराम चंद्र का,हर क्षण हमें यही समझाए!!

    चित्त शांत निर्मल सुवर्ण सा, भक्तों के तुम सुखधाम हो राम!
    हिय रत्न दशरथ- कौशल्या के,हनुमंत के चारों धाम हो राम!!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 4d

    #just pray so the circumstances may get to normal❤️��

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    प्रार्थना

    विनती सुनो प्रभू कि धैर्य डोल गया है!
    केवल विनाश दृश्य ही चहुंओर है यहां!!
    प्रकाण्ड रौद्र रूप लिए काल है खड़ा!
    डर की विभीषिका ने है चपेट में लिया!!

    शवों के ढेर पर खड़ी ये सृष्टि डगमगा रही!
    नहीं है शांत कोई सबको आशंका सता रही!
    सहम गया हर मन हर एक व्यक्ति है डरा हुआ!
    खो दिए स्वजन जिन्होंने,मन कष्ट से भरा हुआ!

    हे विधाता अब सुनो अरज मेरी दया करो!
    त्रस्त है यह सृष्टि इसमें आशा का संचार हो!
    माना बहुत अपराध हमने भी किए होंगे प्रभू!
    पर तुम से श्रेष्ठ कौन,अब तो यह विपत्ति हरो!!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 5d

    संयोग श्रृंगार रस.... प्रतीकात्मक शैली....प्रियतम और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था व विश्वास झलकाती रचना����❤️❤️

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    मिलन

    तड़पती प्यासी धरती पर,बारिश की बूंदों का गिरना!
    तेरा मिलना,मेरा मिलना,तेरा खिलना,मेरा खिलना!!

    ये दुनिया क्या ही जानेगी,मिलन दो आत्माओं का!
    इन्हें बस डूबना इस देहाकर्षण में,और फिर गिरना!!

    तुझे सोचा है जिस पल,पा लिया मैंने तुझे उस सिम्त!
    नहीं जंचता कोई नजरों को, नहीं जंचना, नहीं जंचना!!

    मैं दिल को लाख समझाती हूं,ये फिर भी जिद पे बैठा है!
    तुझे देखा,की आंखें बंद,न कुछ दिखना,न कुछ सुनना!!

    मुझे जितना मेरे रब पर भरोसा,उतना ही तुझ पर!
    अब इस किताबे-जिंदगी, तुझे पढ़ना, तुझे रटना!!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #बेहद खूबसूरत रिश्ता एक मां और उसके बच्चे का!

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    मां

    ताउम्र सर उठाकर चलना जो अपने बच्चों को सिखाती है!
    वो मां है जाकर भी बच्चों के दिल से जा ही कहां पाती है!!

    रोज दुआओं से अपनी ,बलाएं टालती आई है अब तक वो!
    मां तो जाते- जाते भी बच्चों में अपना अक्स छोड़ जाती है!!

    बच्चों की सलामती को हर रोज पूजती है जिस खुदा को वो!
    बात ममता पे आ जाए ना तो फिर उससे भी लड़ के आती है!

    तुझे बनाकर तो वो खुदा भी बेहद अमीर हो गया,देख मां!
    इस नामुराद सी दुनिया में तू फरिश्तों सी नजर आती है!!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 2w

    #the harsh reality of india......o almighty! Please save my country

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    विडम्बना

    क्यों आततायियों के हाथों मेरा भारत सताया जाता है!
    होता है जब भी कुछ जघन्य,छटपटाता है,अकुलाता है!!

    ये कैसी विवशता है धन, सत्य को हर क्षण आजमाता है!
    ये कैसी है विडम्बना यहां सफेदपोश अपराधी बच जाता है!!

    ये कैसा मकड़जाल है जिसमें निर्दोष फंसकर छटपटाता है!
    ये कैसा कीचड़ है जो तन- मन सब ही दूषित कर जाता है!!

    होता है अपराध चरम पर जब, अवतार तभी कोई आता है!
    हटाकर काली धुंध जगत की ,स्वर्णिम लालिमा बिखराता है!!

    बाहरी दुश्मन से डरे नहीं हम गृह द्रोहियों से ही हारे हैं!
    किसे सहानुभूति है गुनाहों से,क्यों दुश्मन के जयकारे हैं!!

    क्यों उनकी जान है सस्ती जो सीमा पर लड़ने जाते हैं!
    क्यों नेता बैठ दफ्तरों में, फरमान सुनाते जाते हैं!!

    क्यों नहीं शहादत वीरों की एक सबक यहां बन जाती है!
    क्यों चूक सुरक्षा में फिर से,गल्ती दोहराई जाती है!

    कलयुग नित भीषण रूप धरे,सब अस्त-व्यस्त करता है यहां!
    हे ईश्वर अब अवतार धरो कि मानव अब रोज मरता है यहां!!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 3w

    #love is purely unconditional....don't mix it with your expectations.... love to love only☺️��❤️��#rachanaprati6

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    मोहब्बत

    दिल से जब पुकारूंगी तुम्हें मैं,आओगे क्या?
    ये रिश्ता जिसे मोहब्बत कहते हैं,निभाओगे क्या?

    जिंदगी की मुश्किलों ने यूं तो मजबूत ही किया मुझे!
    कभी अकेली जो पड़ी,हाथ में हाथ ले पाओगे क्या?

    मैं जानती हूं खुद का मोल,संघर्षों ने निखारा है मुझे!
    इस बात पर मुझ जितना ही यकीं कर पाओगे क्या?

    कुछ भी और नहीं बस साथ तुम्हारा चाहती हूं मैं!
    बताओ हर सिम्त साथ मेरा दे पाओगे क्या?

    सारी दुनिया के लिए खुशनसीबी का सबब नहीं है प्यार!
    मेरे लिए इसे एक खुशनुमा एहसास बनाओगे क्या?

    एक बार कह कर तो देखो,खुद को वार दूं तुम पर !
    तुम भी मगर खुद को मुझ पर वार पाओगे क्या?

    किसी के लिए भ्रम किसी के लिए हकीकत है ये मोहब्बत!
    तुम पहेली ये सुलझाकर मेरा कल संवार पाओगे क्या?

    जिस्म से रूह तक का ये सफर इतना आसान नहीं होता!
    आंखों से देखकर मुझे दिल में भी उतार पाओगे क्या?

    मैं ये जिंदगी तो अकेले भी खुशहाल जी सकती हूं!
    करार देकर मुझको तुम भी करार पाओगे क्या?
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 3w

    संचालन

    आप सभी से सर्वप्रथम क्षमाप्रार्थी हूं!एक आकस्मिक व्यस्तता के कारण समय से संचालन की जिम्मेदारी ससमय हस्तान्तरित नहीं कर सकी! आप सभी की रचनाएं अपने आप में अप्रतिम थीं फिर भी जिनकी रचना ने मन को सर्वाधिक छुआ उन्हें ही आगे के संचालन हेतु नामित कर रही हूं.....मैं चाहती हूं कि@neelthefeel ...जो मेरे भाई के समान हैं वह इस श्रृंखला को आगे बढाऐं....इनकी रचना की जितनी भी तारीफ की जाए कम ही है!☺️❤️
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 4w

    #she will forever be my first love❤️❤️❤️❤️❤️����������#rachanaprati5@arzoo_machra❤️❤️@rnsharma65...sir����☺️

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    याद तुम्हारी

    मां जिस दिन तुम चली गयीं ना!
    मैं जैसे एकदम से ही बडी़ हो गयी!
    कल तक एक कदम न चली तुम्हारे बिना!
    आज वो हर काम खुद से करने लगी!

    पर तुम्हें कैसे बताऊं मां मैं कि जिंदगी!
    तुम्हारे बिन कैसे रंगहीन सी हो गयी!
    जी तो मैं अब भी रही हूं इसी दुनिया में!
    पर सारी खुशियां मेरी गमगीन सी हो गयीं!

    तुम सा कौन जो मुझे सदा धैर्यपूर्वक सुनेगा!
    तुम सा कौन,राह से सदैव कंटक चुनेगा!
    मैं किसमें तुम को देखूं बताओ तो जरा मां!
    कोई तुम सा मुझे देखेगा?बताओ तो जरा मां!

    मालूम है मुझे कि ये दर्द मेरा कभी भी कम न होगा!
    होगीं ऋतुऐं बहुत जीवन में बसंत का मौसम न होगा!
    बस इस दर्द के साथ जीना अब तो सीख लिया है मैनें!
    होठों को रखकर मौन आंसू पीना सीख लिया है मैनें!

    एक दिन जरूर पास तुम्हारे मैं फिर से आऊंगी मां!
    दिल में दबा रखा है जो भी सब कह जाऊंगी मां!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 4w

    #rachanaprati5 @rnsharma65... sir...@arzoo_machra❤️��������❤️��

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    विषय

    आज मुझे एक बार फिर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है....मैं पूर्ण प्रयास करूंगी कि आप सभी को एक अच्छा विषय दे सकूं....वैसे देखा जाए तो इस समय तो मुझे होली ही विषय के रूप में देना चाहिए पर नौशाद जी के असमय निधन से मन को जो ठेस लगी है....उसके कारण इस विषय को देने की इच्छा अब नहीं है मेरी!......आपको आज जो शब्द दे रही हूं उससे आप सभी का सरोकार जीवन में कभी न कभी तो अवश्य ही रहा होगा.....कोई अपना या कोई ऐसा भी जो गैर था पहले पर फिर अपनों से‌ भी ज्यादा अपना हो गया...वो जब जीवन से चला जाता है....या किसी भी कारणवश दूसरे शहर या दूर चला जाता है....या जब जीवन की‌
    विसंगतियों या किसी व्यक्ति विशेष के कारण भी कभी - कभी जब हमारा कोई बहुत अजीज रिश्ता पहले जैसा नहीं रह पाता.....तब रह जाती है सिर्फ याद....यह याद किसी की भी हो सकती है.....माता,पिता,दोस्त, रिश्तेदार या किसी अजनबी की भी!.....तो आज का शब्द आप को यही दे रही हूं...
    याद अथवा स्मृति!
    शब्द जितना छोटा है.......उसका दायरा उतना ही बडा़ है.....अतःपुन एक बार आत्ममंथन करिएगा....पूरी जिंदगी को‌एक बार फिर से रिवाइन्ड करिएगा और फिर लिखिएगा उसके बारे में जिसकी याद आपको उसी पल में कुछ देर के लिए ही सही पर ठहराव दे देती है!.....आशा है आप सभी को विषय पसंद आएगा!❤️आप सभी इस विषय‌ पर‌ 31 तारीख शाम 5 बजे तक अपने विचार दे सकते हैं.....उसके बाद मुझे भी आप सभी में से किसी एक साहित्य रत्न को इस श्रृंखला की अगली कडी़ को सम्हालने की जिम्मेदारी सौंपनी है!

  • maakinidhi 4w

    #a reminder to your soul❤️❤️❤️❤️❤️

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    सुन रहे हो!

    सुन रहे हो ना?
    मैं आईना दिखा रही हूं तुम्हें!
    जो कोई नहीं कहेगा तुमसे!
    उस सच से रुबरु करा रही हूं तुम्हें!

    देखा था मैनें बेहद कठिन रास्ता था!
    वो जिसपे बडी़ हिम्मत से तू चला था!
    मुश्किलों ने भी आजमाइश भरपूर की थी!
    पर तेरा तो सिर्फ मंजिल से वास्ता था!

    सलाम उन हौसलों को जो झुकते नहीं हैं!
    प्रणाम पादारविंदों को जो रुकते नहीं हैं!
    प्यार ,उस दिल को जो महसूस करता है!
    खुद चोट खाकर औरों को महफूज रखता है!

    अब कभी जीवन में हताशा या निराशा हो ना!
    तो याद रखना कि तेरी उडा़न बडी़ ऊंची है!
    इन्हीं जख्मों ने तो सजाया,संवारा है तुझे!
    हार नहीं सकता तू कि तेरी शान बडी़ ऊंची है!

    ऊपर उठ पर्वत जैसे और समंदर जैसी गहराई ला!
    धैर्य तेरा हो धरित्री जैसा,जग को आकाश अनंत दिखा!
    याद रखना यही कि तू महाराणा का वंशज है!
    याद रखना यही कि तू भावी पीढ़ी का अग्रज है!

    तो उठ और चल फिर कि कोई लक्ष्य रहे अप्राप्य नहीं!
    मैं आत्मविश्वास हूं तेरा कि हर पल तुझी में रहता हूं!
    हर एक दिन श्रेष्ठतर बनते जाना है तुझे बीते कल से!
    कूच करने से पहले योग्य बनना है,यही कहता हूं!

    मृत्यु क्या मारे उसे जिसने जीवन को जीता है!
    चिर शाश्वत है वह जो औरों के आंसू पीता है!!
    ©maakinidhi