Grid View
List View
Reposts
  • limra786 47w

    Kafas hi kafas darmiyaa h ab
    Zindgi phir koi Naya aagaz dikha de

    ©limra786

  • limra786 47w

    खूब सारी हयात कम हो गई मेरी...
    जिस रोज मोहब्बत का मातम मनाया मैंने

    ©limra786

  • limra786 47w

    रूख- ए- जाना से नजर जब हटी
    फिर मुस्तकिल जिंदगी कैद में कटी

    ©limra786

  • limra786 48w



    बंद तालों में आज मेरी वीरानी है
    कैसे दिखाऊं मेरे आंख में पानी है

    मेरे सुबह शाम ओ सहर शब
    अब रोज दोहराते यही कहानी है

    ©limra786

  • limra786 48w

    अच्छी नहीं तेरी यह बेरुखी

    तू क्यों न देखें मेरी दिल्लगी

    ©limra786

  • limra786 48w

    ना देख कितनी बची है जिंदगी
    तू देख कितनी कटी है जिंदगी

    ©limra786

  • limra786 57w

    फासले तो अब भी है दरमियां
    तेरे खयालों से दिल का राबता जो है

    ©limra786

  • limra786 57w

    बेबुनियाद यह जिंदगी मुझे लगने लगी है अब
    इक तेरे खयालों से उम्मीद जगने लगी है अब

    ©limra786

  • limra786 71w

    तहरीर जो की थी अब तकरीर भी करेंगे
    तेरे इश्क का दावा सरेआम करेंगे

    ©limra786

  • limra786 76w

    एक उम्मीद टूट के दूसरी बनती है
    इसी तरह जिंदगी चलती है
    ©limra786