lazybongness

Namaste�� Aapka swaagat hai ����

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Reposts
  • lazybongness 5d

    बस यूहीं , Kahin fir durr nikal jane ki aaj, जद्दोजहद hai.

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    सब्र का पैमाना भर रहा हैं...
    लड़खड़ाता इश्क़ का मसला
    नज़र आ रहा हैं।।
    ©lazybongness

  • lazybongness 2w

    Scare of missing you.

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    शांत होकर भी सवालों से जूझ रही हूं,
    हाल बेहाल,, अपने आप से लड़ रही हूँ!
    ©lazybongness

  • lazybongness 3w

    Awful thoughts....
    It's 1:00 a:m and her mind remembers, जो भुला बैठे थे या जो भूल जाना था।

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    लफ़्ज़ों का क्या है,
    जो चाहे वो पढ़ ले,,
    सुकून ज़ेहन की खुराफ़ात है,
    जो बेकरार करे..., दे राहत भी।।
    ©lazybongness

  • lazybongness 3w

    सियासती मकडज़ाल में फंसे हुए वो प्यादे,
    अक्सर रंजिशों में हवा हो जाते हैं।

    यकीन मानिए, सीमाओं से परे है सियासती खेल की काली दहलीज़।

    @hindinama @hindiwriters #rachanaprati4

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    राजनीति खेल अजीब हैं
    यहाँ मंजा खिलाड़ी शेर हैं।

    वैसे आबाद लगती है नगरी,
    पर कानून लापता निकली।

    रोज़ नए लिफ़ाफ़े बंद आते हैं,
    दिखावटी, बनावटी खबरों की कब्र लाती है।

    नए अंकों का मेला लगता,
    उल्टी चालो का शुरू होता सिलसिला।

    दिग्गजों का पहल निकलता जाता,
    कमान से छुटा वाण खो जाता।

    वादे नियम सब लंगड़े हैं,
    राजनेताओ के आड़ दबे हैं।

    आपसी रंजिशों का खुला मंच बना,
    " तेरी-मेरी " शिकायतों का आधारशिला।

    गढ़े मुद्दे ज़िंदा रखते यहाँ,
    सच कंधे पे लेटी लाश भटकती यहां।

    खत्म ना होने वाली गहराई,
    सत्ता की भूख ने अनगिनत आग लगाई।

    देश सुरक्षित कहाँ ,, बस राजनीति हैं..
    बाक़ी आम जनता है, सांस लेती ज़िन्दगी हैं!!
    ©lazybongness

  • lazybongness 3w

    #randompost
    #theartofeyecontact

    Kuch bhi ����

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    कभी पलट के देखो जो,
    नज़रे मिल ही जाएंगी...
    हो न हो मेरे इश्क़ की सिफारिश
    तेरे तकदीर से टकराएगी!
    ©lazybongness

  • lazybongness 4w

    इंतेज़ार कर यह वक़्त भी, ढल जाएगा।

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    लफ़्ज़ों को अमीर रख,
    मुफलिसी में जिगर गा़लिब रख...
    माना तकदीर की गिरफ्त में गिर्दाब बहुत हैं,,
    जज्बा -ए-जूनून का खुदपर तासीर रख।
    ©lazybongness

  • lazybongness 5w

    जिंदगी : कश्माकश का दिलकश पैमाना,.. धुंध से भरा
    जब समझ में न आए फिर खुद को कोसना!
    (Piya)

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    गवाह गुसार कर, फरिश्ता बन चला यह वक्त,,
    लगता है किस्मत में पशेमान लिखा हैं!
    ©lazybongness

  • lazybongness 6w

    आज फिर इश्क ❤️ लिखा क्योंकि चाहत की कोई हद नहीं होती।

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    इतेफाकन इश्क के
    मुठभेड़ का
    गुस्ताख़ मंजर
    दे गया...
    क़ब्जा- काबू
    दिल को कर ,,
    कश्माकश में
    फ़साना दे गया!!
    ©lazybongness

  • lazybongness 7w

    फिर से दिमाग ki दही बनाई हैं,
    एहतियात से पढ़िएगा����

    Pic credit : Google images

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    रस्म-ए-मुहब्बत का इतना क़सूर रहा,,
    गम़गुस्सार महबूब मेरा मजबूर रहा...
    देकर अंजान खामोशी क्यों बेकरार कर
    वो गुजारिश के कर्ज़ का, बेगै़रत रहा!!
    ©lazybongness

  • lazybongness 9w

    यह ज़िन्दगी बहोत सताती हैं,..
    बिछड़ो को कहाँ मिलाती हैं?!
    (Piya)

    As they say one day there will be nothing left
    But 'STORIES'.

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    तुम्हें छु तो नहीं सकते, बस लिख सकते हैं,..
    इसी तरह रोज मोहब्बत निभा सकते हैं।।
    ©lazybongness