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  • kumarrrmanoj 3d

    कुछ शेर अर्ज किये हैं तवज्जों चाहूंगा....

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    खिड़की

    नफरत मोहब्बत से बेशुमार है मुझे,
    ये जानते हैं सब,मगर फिर भी,
    मोहब्बत मै दोबारा कर लेता,
    अगर मुझको फिर वो सख्स दोबारा मिलता।।1।।

    मुझ पर तेरी गली से गुजरने पर पाबंदी है,
    लेकिन तुझको आने जाने की आज़ादी है,
    मैं चाहता हु मिलना तुझसे एक अर्शे से,
    एक अर्शे से जाने क्या रब की रजामंदी है,।।2।।

    सोचता हूँ खिड़की पे आते होंगे तुम तो,
    मगर एक सख्स है जो वहाँ नही दिखता,
    मार तो दिया था तुमने मुझको आसानी से,
    लेकिन इश्क तो आसानी से नही मरता।।3।।

    अब इस तरह से रोने का क्या फायदा,
    अरे वक़्त रहते ही सम्भलना होता हैं,
    डगमगा जाएं अगर कही साथी राह में,
    फिर ताउम्र हाथ पकड़कर चलना होता हैं।।4।।

    अब उन तक पहुचाना हर एक बात मेरी,
    सिर्फ हवाओ पर छोड़ दिया हमने,
    मेरीे तरफ से खेले उसकी जुल्फों से,
    ये कल हवाओ से बोल दिया हमने,।।5।।
    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 5d

    नजर जी नजर जी झुका लो नजर जी,
    जो बिखरी है जुल्फे संभालो इन्हे भी,--।।1।।

    वो दौर - ऐ - मोहब्बत ना लौटेगा फिर से,
    होंगी तुमसे मुलाकाते भी अब खत्म जी,

    वो चिट्ठी,वो तोहफे वो तारो की बाते,
    भूल जाओ अब वो सब पुरानी बाते,

    वो छिप छिप कर जो मिलते थे तुमसे,
    आने का तुम्हारे करते थे इंतज़ार,

    वो लगकर गले करना मुलाक़ात खत्म,
    होते थे मिलने के रोज़ आयाम नए,

    नज़र जी नजर जी झुका लो नज़र जी,
    जो बिखरी है जुल्फे संभालो इन्हे भी,--।।2।।

    वो वादों की रस्में,हर बात पर कसमे,
    होंगे अब वो सब रिवाज खत्म जी,

    वो खनका कर कंगन मुझको बुलाना,
    चलते चलते तेरा वो पीछे मुड़ जाना,

    वो नकली बनाकर अंगूठी पहनाना,
    हाथ पकडकर वो हक़ जताना,

    वो बिछड़ने के डर से गले लग जाना,
    ना बिछड़ने की मुझको कसमे खिलाना,

    वो करना सच्चे से झूठे वादे हज़ार,


    नजर जी नजर जी झुका लो नजर जी,
    जो बिखरी है जुल्फे संभालो इन्हे भी,--।।3।।
    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 5d

    अधूरा गीत

    कल ख्वाब आया,तुम भी थे आये,
    बैठे थे पास नजरे झुकाये,
    हाथो में लेकर हाथ तुम्हारा,
    करने लगा मैं फिर तुमसे बात,

    थे तन्हा से तुम भी,हम भी थे तन्हा,
    पलको पे थे तुम आँसू सजाये,
    लगकर गले फिर हम दोनों ही रोये,
    करने लगे फिर वादे हज़ार,

    थी माथे पर बिंदिया,पैरो में पायल,
    तिल था तुम्हारे होठो के पास,
    कंगन तुम्हारे खनकने लगे थे,
    खुसबू थी तेरे गजरे की खास,


    सोचता हूँ के तुम हो पास मेरे,
    होता हु लेकिन तकिये के पास,


    आंखे खुली तो पाया ना तुमको,
    होता हैं अक्सर यही मेरे साथ,

  • kumarrrmanoj 5d

    चाँद,तारे,आसमान तुम सब ले आओ,
    रात लाओ ओर मेरा सनम ले आओ,
    बैठ कर करू बाते उस से रात भर में,
    अरे ख्वाबो ऐसा कोई भृम ले आओ।।।

  • kumarrrmanoj 5d

    यादो को दफन करके,मोहब्बत को बदनाम लिखोगे,
    छुड़ाकर पहले हाथ मुझसे,क्या अब तुम ऐसा करोगे??

    झूटी मुस्कुराहटें लेकर कहते हो के,इश्क बुरा होता हैं,
    फिर तो इस बार जब मिलोगे, तो गले तो नही लगोगे???

    हाथ रखकर खुद के दिल पर कहदो,इश्क बुरा होता हैं,
    फिर मै समझू,तुम आँसू से मेरी कमीज गिला न करोगे??

    ओर कितनी दफा लगाओगे तोहमतें मेरे इश्क पर तुम,
    एक बार बस इतना कह दो मरने पर मेरे रोया न करोगे।।

    तुम ही थे जो चहाते थे,के किसी रोज मुझसे हिज्र हो,
    अब क्यो पूछते हो तुम? अब फिर मुझसे कब मिलोगे??

    शिकायतों का लेकर घूमते रहते थे एक पिटारा तुम,
    मैं ना कहता था तुमसे के,बिछड़कर मुझसे रो पड़ोगे।।

    अब जो दुआओं में मांगते फिरते हो यू विशाल तुम,
    विशाल गर हो तो बताओ मेरे जख्मो का क्या करोगे??

    अक्सर जो मुझे जलाने को लगते थे गले रकीब को,
    बताओ इस बार जलाने के लिए तुम क्या करोगे ???
    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 1w

    जो भी अपने थे वहां पर,सब गैर थे,
    रेत के थे सारे वो जो , वहा शहर थे,
    हँस रहे थे वो सभी लोग मुझपर ही,
    कल तलक जो मुझको लगते मेरे थे।।।
    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 1w

    गफलत-धोखे में,
    गमगुस्सार-तसल्ली से भरे,
    मौसम की बारिश-तकलीफ में आँसू

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    बिगाड़कर के मैंने अपने हालात देखे,
    बदलकर के सारे सवालात भी देखे,
    करवटे भी बदलता रहा था कई रात,
    रखकर गफलत में ख्यालात भी देखे,।।1।।

    समझाया आंखों को भी तो बहुत मैंने,
    दिल पर भी मैंने गम़गुस्सार हाथ रखे,
    बहकती चाल भी कई दफा सम्भाली,
    सम्भाले थे एक रोज तक जज्बात मैंने,।।2।।

    सम्भाला मैन खुद को जितना संभाल सकता था,
    मगर मौसम की बारिश को कोन टाल सकता था,
    समझा समझा कर थक गए थे सब दोस्त भी मेरे,
    लेकिन किस्मत का लिखा कौन काट सकता था,।।3।।



    इसके आगे की लाइन लिखने में आप मदद करे प्ल्ज़.....

  • kumarrrmanoj 1w

    बेशक़ दो आँसू ही गिरे मगर,
    एक रोज तो सबको रुला दूंगा,
    और तुम बिछड़न बिछड़न करते हो,
    देखना एक रोज बिछड़ के भी दिखा दूंगा,

    और

    आंसू मेरे मरने पर गिराने से पहले,
    जरा सा सोचना तुम जरूर,
    रकीब के हाथो में हाथ रखकर वो,
    मेरे मरने की दुआएँ मांगने वाला
    सख्स कौन था।।।

    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 1w

    अब मैं बोलता नही हु अगर तो,
    क्या तुम मेरी खामोशी पर भी सवाल उठाओगे,
    टूटा हुआ परिंदा अगर घर छोड़कर भटकने लगे,
    तो क्या तुम अब आवारगी का इल्जाम लगाओगे??
    ©kumarrrmanoj

  • kumarrrmanoj 3w

    बेवजह

    बेवजह ही मैंने, शायद उसको बदनाम किया,
    मैं एक पंछी था,ओर मोहब्बत मेरा पिंजरा,
    उसने तो उस पिंजरे को बस नीलाम किया,

    इश्क था ही क्या उसका,
    फ़क़त दरख्त की छाव में बंजारे का डेरा,
    बुरा क्यो मानु,उसने तो बस अपना काम किया,







    ©kumarrrmanoj