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ऋतु नेगी 🦋 | Uttarakhandi 🇮🇳

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    इश्क़ के नाम पर कोई
    निशानी तो ना बनाएँगे
    पर लोग तुमको याद करेंगे
    नाम मेरा जब बुलाएँगे

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 22w

    मुरझा गए गुल कई
    तेरे आने के इंतज़ार में
    जाने कितने गुलों के
    नसीब में तेरा दीदार नहीं

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 22w

    लाज़मी है के तुम से मिले
    तो पिघल जाएँगे
    और जो अब भी ना मिले
    तो किधर जाएँगे

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 23w

    छोड़ गया था वो मुझे
    कुछ साल पहले, और
    कुछ सालों तक मैं उससे
    अकेले झगड़ती रही

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 24w

    तेरी बातों को याद करते हुए
    अक्सर ये सोचती हूँ
    इंसान ज़रूरत के लिए कितना
    गिर सकता है आख़िर

    ©️ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 24w

    वो लेकर ख़त मेरा फिरता था
    मगर पढ़ता ना था मज़मून
    कहता था के ख़त की महक़ से
    ही इकरार का पैग़ाम आता है

    ©️ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 25w

    एक ख़्वाब था गुलाब सा
    जो सहेजना था हमको
    एक ज़िंदगी थी ख़्वाब सी
    जो सम्भाल ना सके हम

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 25w

    लुभाए जाएँगे आज दिल
    गुल-ओं-गुंचों से
    कल यही गुलाब फ़र्श पर
    धूल खाते होंगे

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 26w

    I want us to be different
    from all the worldly
    definition of relationship

    ©ऋतु नेगी

  • khwabedaa__ 26w

    वो मेरा वक़्त बन गया
    इस कदर अच्छे और
    बुरे दिन दिखाए उसने

    ©ऋतु नेगी