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  • kafir_shiv 10w

    निसबत

    सुनके लोगों की दास्तां क्यूँ ज़िंदगी अपनी बैचैन हो जाती है,
    अजनबियों से अक्सर ना जाने क्यूँ अपनी निसबत हो जाती है।
    ©kafir_shiv

  • kafir_shiv 10w

    Word Prompt:

    Write a 8 word short write-up on Explore

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    Keep exploring yourself to solve your all problems.

  • kafir_shiv 10w

    Word Prompt:

    Write a 6 word one-liner on Forgot

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    Forget bad memories, remember good ones.

  • kafir_shiv 11w

    Word Prompt:

    Write a 10 word short write-up on Landscape

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    Eyes capture best landscape view, just live and leave mobile.

  • kafir_shiv 11w

    Word Prompt:

    Write a 3 word micro-tale on Inhuman

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    Life without love

  • kafir_shiv 12w

    Word Prompt:

    Write a 3 word short tale on Space

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    Everyone needs space.

  • kafir_shiv 12w

    #cooking
    सिर्फ़ प्यार नहीं जो रुलाता है, ����

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    अश्क-ए-इश्क़

    जब भी साथ होता हूँ उसके, आँख में आँसू आते हैं,
    इतना प्यार करता हूँ उस से, फ़िर भी कितना रुलाती है,



    उफ्फ....... ये प्याज़ भी ना...
    ©kafir_shiv

  • kafir_shiv 12w

    Word Prompt:

    Write a 6 word micro-tale on Remind

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    Stop reminding when they stop care.

  • kafir_shiv 12w

    Trying out something new,
    Don't know what it is...

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    कहानी

    पता तो था हर कहानी में एक ज़िंदगी छुपी थी,
    पर जी सकूँ मैं जिस कहानी को,
    वो कहानी अब तक मुझे कहाँ मिली थी,
    मग़र सुनी जब उसकी जुबां से ऐसी ही एक कहानी,
    तो जी किया मैं भी हिस्सा बन जाऊँ उसकी कहानी का,
    और क्यूँ नहीं बन सकता, जिसकी तलाश में थी वो,
    वही प्यास मुझे भी लगी थी,
    वो कहानी में छुपी ज़िंदगी मुझे नज़र आने लगी थी
    ©kafir_shiv

  • kafir_shiv 12w

    ये शहर-ए-बेंगलूरु,
    ये कभी ना रूकती ज़िंदगी,
    यह भागते हुए लोग,
    ढूँढ़ते फिरते अपनी बंदगी,
    पाते हैं सुकून कितना,
    मिलती इन्हें तसल्ली कितनी,
    ये शहर-ए-बेंगलूरु,
    ये कभी न रूकती ज़िंदगी...
    #bengalurudiaries #bengalurucitylife #bengalurucity

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    तलाश

    काफिर चल अपनी तलाश जारी रखते हैं,
    वीरानियों के शहर से गुजर चलते हैं,
    मज़मा गवाही नहीं देता दिलों के होने की,
    मेरे जूनून दुनिया में आकर कभी ठहरा नहीं करते हैं|
    ©kafir_shiv