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Reposts
  • kabir003 2w

    वो जो अपनी मतलब की चाल चल रहा था ,
    दरअसल वो शख्स बदल रहा था ,
    गैरों से तुलना करता है मेरी ,
    मेरे हिज्र की तैयारी में निकल रहा था।
    ©kabir003

  • kabir003 3w

    सिर्फ तेरी गालों की खुशबू याद नहीं मुझको,
    मेरे आईने में तेरा सँवरना भी याद है ।
    वैसे तो बहोत एहसास हैं उस बंद कमरे में,
    पर तेरा मुझ संग खुलकर जीना याद है।
    ©kabir003

  • kabir003 3w

    किराया मकान का अकेले का भरता हूँ मैं
    पर वहाँ रहती तेरी यादें और मेरी तन्हाई भी है।
    ©kabir003

  • kabir003 3w

    दर्द में है जिन्दगी,जल रहा है घर ।
    मैं सुकूँ से हूँ,मुझे किस बात का डर ।
    तू दौलतमंद, तुझे चाहिए घर,
    मैं कबीर, मंजिल मेरा सफर ।
    जब हो जाए घमंड श्मशान से तू गुजर ,
    मौत तेरी मंजिल फिर किसकी फिकर ।
    हो सके तो भला कर ,
    डरना हो तो खुदा से डर ,
    मंजिल तेरी मौत है,
    जीता जा बस सफर।
    ©kabir003

  • kabir003 3w

    किराये की जिन्दगी, किराये का घर
    ना जाने कब खत्म हो जाए सफर,
    फिर किस बात का डर।
    ©kabir003

  • kabir003 3w

    एक सवाल है,जो अब भी जिंदा है।
    एक ख्याल है, जो अब भी जिंदा है।
    सवालों और ख्यालों से हटकर तू ,
    तू एक मलाल है, जो अब भी जिंदा है।
    ©kabir003

  • kabir003 4w

    ना जंग हुई,ना शिकस्त हुआ।
    फिर भी हारा हूँ मैं।
    मौत ने भी ठुकरा दिया कितना बेचारा हूँ मैं।।
    ©kabir003

  • kabir003 4w

    Bahen suni pad jati h
    Aakhen raahen takti h
    Sirf tujhse bichadne k dar se
    Wo pagli saham si jati h
    ©kabir003

  • kabir003 5w

    जिनसे मिलने को हम बदले ,
    वो हम से मिलकर बदल गए
    पुराने वाले पीछे छूटे ,नये वाले छोड़ गए।
    ©kabir003

  • kabir003 5w

    मैं सिगरेट जलाता हूँ,और वो गुस्से में होती है।
    मैं मुस्कुराकर देखता हूँ और वो भी हँस देती है।
    ©kabir003