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  • jyotichouhan 6w

    शक़ का बीज बड़ा दुखदाई है
    गर पौधा बनते ही सुख गया
    तो इसमें ही रिश्तों की भलाई है
    वरना रुसवाई ही रुसवाई है ।
    ©jyoti

  • jyotichouhan 6w

    जिन उंगलियों ने मुझे थामा था
    अब उन्हें थामने की मेरी बारी आई है,
    हर ख्वाहिशें पूरी की, हर फर्ज़ बखूबी निभाया
    अब फर्ज़ अदा करने की मेरी बारी आई है ।

    ©jyotichouhan

  • jyotichouhan 13w

    कुछ आग ऐसी होती है
    जिसमें धुआँ नहीं उठता,
    जिसमें कोई वस्तु नहीं जलता,
    जलता है तो मन, आत्मा
    मान सम्मान, और ऐसी
    लगी आग की लपटें दिखाई नहीं देती ।

    ©jyotich

  • jyotichouhan 17w

    कागज़ की कश्ती थी
    अश्क की नदी थी
    समंदर सा अथाह कष्ट था
    मन पे लगी चोट अभी नाज़ुक थी ...
    हवाओं की बदलती रुख
    एक और सैलाब के आने की
    दस्तक दे रही थी,
    उस कश्ती को अपने
    साथ बहा ले जाने की,
    कश्ती थी कागज़ की
    बहा ले जाना आसान था,
    लेकिन इरादे थे बुलंद उसके
    बह गया कागज़
    पर कश्ती हिली भी नहीं
    सैलाब की दरिया में ।
    ©jyotichouhan

  • jyotichouhan 23w

    Investing time in relationship makes

    the bonds more stronger and this

    investment is more better than

    wasting time on useless things...

    ©jyotich

  • jyotichouhan 23w

    There are some invisible forces
    Which push us ahead in life...


    ©jyotich

  • jyotichouhan 23w

    .

  • jyotichouhan 23w

    The most beautiful ornament
    everyone should wear
    is of compassion
    and smile

    ©jyotich

  • jyotichouhan 25w

    Ek Ummid ☀️

    Ek nyi ummid ki
    Kiran dhoondh rha hu
    Main khud me jeene ki
    Ek wajah dhoondh rha hu...

    Jana kahan hai
    Uski khabr nhi
    Musafir bne bs
    Chala ja rha hu

    Main khud me jeene ki
    Ek Wajeh dhoondh rha hu...

    Andhera kitna gehara hai
    Mann me raat ka pehara hai
    Maachis ki ek
    Tilli dhoondh rha hu

    Main khud me jeene ki
    Ek wajeh dhoondh rha hu...

    Kho gya hu in
    kali ghataayon me
    Rukh badal di hain
    in tej hwaawon ne

    Gam ke chhaye
    In badalon me
    Muskurane ki eek
    Sabab dhoondh rha hu

    Mai khud me jeene ki
    Ek wajeh dhoondh rha hu...

    Ek nyi ummid ki
    Kiran dhoondh rha hu
    Mai khud me jeene ki
    Ek wajeh dhoondh rha hu...

    ©jyotichouhan

  • jyotichouhan 25w

    उड़ान भरते हैं

    पैरों में बंधे इन पायल - सी बेड़ियों को
    चलो आज तोड़ देते हैं ,
    कामयाबी का इक नया इतिहास रचते हैं
    चलो आज पंखों में उड़ान भरते हैं ।

    चारदीवारी के इस पिंजड़े को
    लोगों के बुने दायरों की इस दहलीज को,
    चलो आज दरिया समझ के पार करते हैं
    कामयाबी का इक नया इतिहास रचते हैं
    चलो आज पंखों में उड़ान भरते हैं ।

    लोगों की बेतुकी दलीलों पर
    आँसुओं से कई तकिए भिगोए हैं,
    तो चलो आज आंसुओं से नहीं
    हौसलों से सैलाब लाते हैं,
    ख़ुद की एक नई पहचान बनाते हैं
    चलो आज पंखों में उड़ान भरते हैं ।

    सफ़र इतना आसान नहीं होगा
    जितना लोगों ने मुश्किल बनाया है,
    काँटे नहीं, बेतुकी बातें चुभती हैं
    पत्थर से नहीं, ठोकर धोखे से लगती है ।

    मुश्किलों को अपनी राह बनाते हैं
    चलो आज धोखों से सबक लेते हैं,
    ख़ुद की इक नई पहचान बनाते हैं
    चलो आज पंखों में उड़ान भरते हैं ।

    ©ज्योतिचौहान