jasminesharma

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  • jasminesharma 6w

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    धूल जमी यादों में
    खोकर सुकून
    खोजें फिर्से

    ख़्वाब सारे
    आँखो के
    तोड़ हर दफ़ा
    जोड़े फिर्से

    गुज़रते गुज़रते
    गुज़ारे लम्हे
    हर सांस पर जीना
    छोड़े फिर्से

    धुंधली तस्वीरों पर
    फेरकर हाथ
    वक़्त बीता
    बटोरे फिर्से

    पलट कर देखें
    पलभर देखें
    राहों से उन्हीं
    मुँह मोड़े फिर्से

    तिनका तिनका
    सबर बांधे
    बात बात पर
    तोड़े फिर्से

    ठहरी रहे
    धडकनें अक्सर
    देख उसे
    हाँ, दौड़े फिर्से।।।।
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 7w

    इत्तफाक से इत्तफाक होते रहे
    खास से फ़िर खाक होते रहे
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 7w

    वो कहनी थी जो बातें
    आँखो में उतर कर रह गई
    दिल से मेरे निकल कर
    होंठो पर चढ़ कर रह गई
    रह गई वो रातों की करवटों में
    स्याह से लिपट वो
    किसी पन्ने की लिखावट में रह गई
    गुज़रे लमहों में रह गई
    किसी अधूरी इबादत में रह गई
    चाहतें कितनी
    बस चाहत चाहत में रह गई

    ©jasminesharma

  • jasminesharma 8w

    पल नमकीन
    मीठे खारे
    समंदर से गहरे
    घाव उभारे
    डूबकर जिनमें
    बड़ा तरसे
    फ़िर बरसे
    बन यादें सारे
    ठहर जो
    सताते अक्सर
    गुज़र कर भी
    ना जाए गुज़ारे
    लिपटे रहे
    जैसे निशान पक्के
    छोड़े जाते
    कच्चे धागे
    मंजिल ढ़ूढे
    रास्ते मेरे
    तेरे पास
    तुझसे भागे
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 10w

    तु भी मेरी ज़रा खबर रख
    मैं जो तुझपे नज़र रखता हूँ
    तु भी मेरी ज़रा कदर कर
    मैं जो तुझपे मरा करता हूँ
    मैं खुदमें बर्बाद रहता हूँ
    पर तेरी फिकर करता हूँ
    मैं अपनी राहों से भटका राही
    तेरी गलियों का सफ़र करता हूँ
    बेचैनियों के बीच भी
    मैं कितना सबर रखता हूँ
    रहता हैं विराना दिल में मेरे
    आँखों में अपनी समंदर रखता हूँ
    की मैं लुटा देता हूँ
    बोझ उम्मीदों का आँखों से
    खज़ाना तेरी यादों का
    कही अन्दर रखता हूँ
    तु भी मेरी ज़रा खबर रख
    मैं जो तुझपे नज़र रखता हूँ।।।
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 16w

    जागी हैं रातें मेरी तमाम
    आँखें उसकी भी कहाँ सोई होगी

    उतारे हैं मैनें कागज़ पर जज़्बात
    मन में उसके भी गज़ल कोई होगी

    यादें जो जली हैं शमा सी मेरी
    गली उसकी भी धुए से भरी होगी

    शोर हैं गर मेरे अंदर
    कोई अवाज़ उसमें भी उठी होगी

    ख्वाबों, ख़्यालो में बीता दिन मेरा
    शाम उसकी भी ढली कुछ यूँही होगी

    खलबली रही हैं मेरे दिल में
    कुछ हलचल तो वहाँ भी हुई होगी
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 18w

    ��

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    ज़िन्दगी भी अब एक दिलरुबा सी लगती हैं
    कभी हसींन और कभी खफ़ा सी लगती हैं
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 18w

    absolutely random

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    बस यूहि देखना उसे और देख कर लौट आना
    अजी बड़ा मुश्किल काम हैं इश्क़ करना और निभाना
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 18w

    like a falling star on a dark night
    estranded from all those loose ties
    leaving those middle grounds
    I found a solace in happy tears and sad smiles

    crushed down under heavy thoughts
    I let out my deepest sorrows in innumerable sighs
    insidiously moving towards nowhere
    just reminiscing the memories of lost skies

    then I felt a strong thud
    my efforts to escape the agony went futile
    must have fallen deeper than I thought
    the journey was long with tough fights
    ©jasminesharma

  • jasminesharma 18w

    जंग हैं खुद्से खुद्के लिए
    ज़िन्दगी अजी एक इम्तिहाँ हो चली हैं ।।।

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    दर्द की उसमें अब इन्तहां हो चली हैं
    लगता हैं मोहब्बत बेपनाह हो चली हैं ।।।

    हसकर ताल देता हूँ मैं बातें सारी
    शिक्वो से भी अब देख सुलाह हो चली हैं ।।।

    खाली रातें मुझे अपनी सी लगती हैं
    तनहाईयाँ मेरी अब पनाह हो चली हैं ।।।

    ये लफ्ज़ो का इस्तेमाल कभी आया ही नहीं
    खामोशियां लबो की जुबा हो चली हैं ।।।

    जलते देखें हैं मैनें मकान उम्मीदों के
    तमाम ख्वाहिशें अब धुआँ हो चली हैं ।।।

    जंग हैं खुद्से खुद्के लिए
    ज़िन्दगी अजी एक इम्तिहाँ हो चली हैं।।।

    मैं ठहर कर भी सफ़र में चला हूँ बहुत
    की कोशिशें मेरे कदमो की मेरा कारवां हो चली हैं ।।।
    ©jasminesharma