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  • isikaa 10w

    श्रृंगार

    गहनों और सुंदरता से नहीं
    शब्दों से श्रृंगार करूं,
    गर मिल जाए कुछ वक्त मुझे
    फिर खुद से ही मैं प्यार करूं।

    भेद भाव क्यों है तेरे मन में
    जो रंग नहीं मेरा गोरा है,
    रंगों से क्या होगा अगर
    मन ही तेरा यूं कोरा है।।

    सावन हो या फिर हो बसंत
    बस झूमूं और मैं मौज करूं,
    गर मिल जाए कुछ वक्त मुझे
    फिर खुद से ही मैं प्यार करूं।

    ये भेद भाव क्यों करते हैं
    रंगों में यहां कुछ लोग,
    क्यों गोरे तन में ही बसता है
    सुंदरता नाम का रोग ।।

    रंग जाऊं मैं इश्क में मेरे
    और सपनों से श्रृंगार करूं,
    गर मिल जाए कुछ वक्त मुझे
    फिर खुद से ही मैं प्यार करूं।

    क्या हुआ अगर है रंग दबा
    हक है मुझको भी जीने का,
    क्यों सजूं मैं आकर बातों में उनकी
    रह जाएगा अहसास ही मेरा जब दबा हुआ।।

    क्यों आऊं मैं बातों में उनकी
    क्यों उनके लिए श्रृंगार करूं,
    गर मिल जाए कुछ वक्त मुझे
    फिर खुद से ही मैं प्यार करूं।...
    ©isikaa

  • isikaa 10w

    #rachanaprati51
    @greenpeace767 @bhaijaan_goldenwriteszakir @beleza_ @aka_ra_143 @anusugandh

    सबसे पहले मैं @greenpeace767 दी का बहुत बहुत धन्यवाद करना चाहूंगी जिन्होंने मुझे #rachanaprati50 का कार्यभार सौंपा और मुझे इस योग्य समझा ������
    मैं आप सभी को भी बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूंगी ���������� जिन्होंने "आजादी का महत्व" विषय पर बहुत ही सुंदर अपने- अपने विचार लिखे ।आप सभी की रचनाएं श्रेष्ठ थीं ।����������
    मैं आप सब से क्षमा चाहूंगी कि मैंने इतना समय लिया ,,वो अभी मेरी परीक्षाएं चल रही हैं जिसकी वजह से मैं इस पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही।।����इसके लिए मैं आप सभी से फिर से क्षमा चाहती हूं।।������
    अब मैं विजेता के रूप में @beleza_ , @aka_ra_143 aur @bhaijaan_goldenwriteszakir को घोषित करती हूं जिन्होंने बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत की।
    आप सभी को बहुत बहुत बधाई ������❤️❤️

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    आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद और आभार जिन्होंने मेरे इस विषय को पसंद किया और अपने अपने विचार व्यक्त किए। अब मैं आगे के संचालन का कार्यभार @beleza_ को सौंपती हूं।
    धन्यवाद।।
    ©isikaa

  • isikaa 10w

    Sabse pahle mai aap sabhi ka tahe dil se shukriya ada karna chahti hu aur@greenpeace767 dii ka jinhone mujhe is kabil samjha aur #rachanaprati50 ka karyabhar saupa
    Winner hone ka shrey to aap sabhi ko jata hai nd aapne hi mujhe yeh likhne ke liye prerit kiya aur link aur topic bhi bheja iske liye boht boht thank you
    Ab is sanchalan ko aage badhate hue rachanaprati se jude hue sabhi umda kaviyon aur dosto se mai kahna chahti hu ki boht jald hi ham independence day celebrate karne wale hai to kyu na ham isi se jure hue kuchh kare
    To aaj ka topic hai "importance of independence"
    Topic -- "aazadi ka mahtva"
    Is vishay par likhakar aap sabhi apna najariya aur andaj vyak kijiye mujhe intejar rahegi..
    05-08-2021 raat 11:00pm tak
    ©isikaa

  • isikaa 10w

    #rachanaprati49
    @sisira @greenpeace767

    हजारों खिलाड़ियों के आंखों में
    बसता है बस सपना एक ,

    कि जाएं वो ओलंपिक्स में
    और बिखेरें उसमें जलवे अनेक ।

    मेहनत कड़ी से कड़ी करते हैं
    ताकि पहुंचें वो इस मुकाम पर ,

    खेल नहीं ये जरिया है एक
    उठाने का अपना ध्वज ऊपर ।।

    खिलाड़ियों के तो देशभक्ति
    दिखते हैं बस इस राह से ,

    न कोई ऊपर न कोई नीचे
    शह और मात बनते हैं बस एक वार से ।

    सालों साल की मेहनत के बाद
    फिर मिलता है मौका कुछ करने का ,

    Olympics ही तो एक जरिया है
    दुनिया में अपना एक पहचान बनाने का ।।

    अपना अस्तित्व दिखाने का
    कद देश का ऊंचा उठाने का ।।...

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    Olympics

    ©isikaa

  • isikaa 11w

    दबती बचपन

    समय का कैसा ये चक्र चला
    सबकुछ तो बस जैसे ठहर सा गया ।

    जन जीवन भी अब रुक सी गई
    और शरारतें तो बचपन की जैसे थमने ही लगी।

    कोरोना का ऐसा एक कहर बना
    खुशियां ही फिर सबके लूटने लगे ।

    डर और मातम के इस माहौल में
    बचपन तो यहां अब खोने से लगे ।

    सुनी सी लगने लगी हैं गालियां
    आंगन और सड़क भी मौन हुए ।

    शांत रहना ही मुश्किल था जिनको
    अपने ही घरों में अब वो कैद हुए ।

    छूट गए हैं सारे खेल खिलौने
    फोन और लैपटॉप अब सबकी जरूरतें बनीं ।

    बच्चे अब तो खोने ही लगे हैं बचपन
    सिमटने लगे वो नए तकनीकी खेलों में ।

    क्या इससे बच पाएंगे बालपन उनके
    जो गर वो फसने लगे इन आधुनिक यंत्रों में ।

    जाने कैसी विपदा है आई
    के ले तक नहीं सकते हम खुलकर सांस ।

    खत्म होगी कब ये कहानी
    के लौटेंगी बचपन इन मासूमों के पास ।

    खेल खिलौने और शैतानियों में ही
    गुजरेंगी दिवस फिर इन बच्चों की ।

    गुजारिश है बस एक ही अब तो
    के आ जाए फिर से सवेरा वो खुशियों की।।..
    ©isikaa

  • isikaa 13w

    उलझन..

    कैसी ये मुस्किल है, हाय !
    न राह दिखे न मंजिल ।,,
    खत्म करूं क्या ही इस तन को,
    जो रूह में मेरे तू शामिल ।।..
    ©isikaa

  • isikaa 15w

    मंजिल

    सफर मुश्किल हैं राहें लम्बी
    अभी दूर है बहुत मेरी मंजिल ,,
    कांटों से बिखरे हुए सफर मेरे
    चलना लग रहा काफी अब मुश्किल ।।

    सपने भी सारे धुंधले पर रहे
    उड़ान हौसले की पर न होगी अब धूमिल ,,
    यूं ही थामे हुए हाथ सपनों के अपने
    उम्मिद है कभी तो मिलेगी मुझे अपनी मंजिल ।।

    सूरज की तपती हुई धूप की गर्मी में
    आशाओं की नन्ही सी किरणें हैं शामिल ,,
    हालातों के खानी परे कितनी भी चाहे ठोकरें
    मंजिल फिर भी अपनी करनी है मुझे हासिल ।।...
    मंजिल फिर भी अपनी करनी है मुझे हासिल ।।...
    ©isikaa

  • isikaa 15w

    बारिश का मौसम और यादों का संग
    मिट्टी की खुशबू और अंबर का रंग
    पानी की बूंदों संग बहे सीतल पवन
    फिर छम छम सी धुन बने संगीत मनभावन ,
    फिर छम छम सी धुन बने संगीत मनभावन ।।

    धरती हो बहकी सी और झूमे गगन
    सौंधी सी खुशबू से हर्षित हो मन
    रिमझिम सी बारिश और मेघों की गर्जन
    फिर छम छम सी धुन बने संगीत मनभावन ,
    फिर छम छम सी धुन बने संगीत मनभावन ।।..
    Nupur...


    @sisira @greenpeace767 @sachinkr_

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    संगीत

    ©isikaa

  • isikaa 18w

    इश्क

    इश्क है इबादत, इश्क है दुआ..
    इश्क है इक वादा ,रब से किया हुआ...।।
    ©isikaa

  • isikaa 18w



    एक आस थी विश्वास था
    मुस्कुराता हुआ एक साथ था,,

    जाने कब किस्मत ने करवट ली
    फिर साथ वो मुझसे छूट गई,,

    अपनों के फिर सच्चे रंग दिखे
    हक भी सारे हमसे छिनने लगे,,

    करते भी हम क्या ही गीले
    अपनों से ही सारे दर्द मिले
    अपनों से ही सारे दर्द मिले..।।
    ©isikaa