in_my_heart

❤️����

Grid View
List View
Reposts
  • in_my_heart 2w

    जो संग तुम हो...
    फूलों में सुगंध ... तितलियों में रंग हैं...

    जो संग तुम नहीं
    ये जहां बेनूर,बेरंग हैं...

    Read More

    ❤️

    यही मौसम यही नज़ारे...
    चांदनी रात,नदिया के किनारे...
    सुहाने लगते हैं मनभावन,लगते हैं

    वही मौसम वही नज़ारे...
    चांदनी रात,नदिया के किनारे...
    बंजर,वीरान खौंफनाक मंज़र लगते है

    मौसम वही नज़ारे वही...
    फर्क पड़ता हैं साथ में...
    एक तुम्हारे होने से।
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 3w

    एक दूजे बिन न अस्तित्व न प्रेम न एहसास
    कुछ ऐसा हो तेरा और मेरा साथ��

    Read More

    ❤️

    तुम्हारा और मेरा साथ कुछ ऐसा हो...
    जैसे साथ होता हैं...

    फूलों का रंगबिरंगी तितलियों से...
    पंछियों का बयार से...
    सुहागन का सोलह श्रृंगार से...
    क्षितिज का सिंदूरी शाम से...


    ©in_my_heart

  • in_my_heart 6w

    ❤️

    तेरी सोहबत में हर पल को मैंने शाम किया था...
    मेरी बातों में तेरा जिक्र सरेआम किया था...
    एक ख़्वाब में देखे थे कई ख़्वाब तेरे साथ...
    मैंने सालो का काम एक रात में किया था...
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 10w

    ❤️

    ठहरे हुए है दिल में ...दिल से जाते भी नहीं है
    देते नही सुकून मुझे ... वो सताते भी नही है

    नींदें नहीं देते मुझे...वो जगाते भी नही है
    चुपके से आते हैं वो...मुझे बताते भी नही है

    आते हैं ख्वाबों में वो... मिल कर जाते भी नही है
    करते है प्यार बोहोत ... वो जताते भी नही है...

    रोने नही देते मुझे... वो हसाते भी नही है
    बातें खूब बनाते है वो...मुझे सुनाते भी नही है


    भूले नहीं है वो हमें...
    हम उनको याद आते भी नही है

    चुपके चुपके से आते हैं ...वो बताते भी नही है
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 11w

    ❤️

    वो पल बेहद हसीन थे
    हम रहे तेरे अजीज़ थे
    जब तक रहे थें साथ में
    तारों के हम हबीब थे

    इक शाम जब हम फिर मिले
    खुदा की थी इनायतें
    कह रही थीं चांदनी
    तुम चांद थे... हम ईद थे!
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 11w

    ❤️

    ढूंढती रही मैं खुद को
    मुझमें मुझसा कोई मिला नहीं

    मेरे आईनो में तलाश कर
    कोई अक्स तेरे सिवा नही!
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 21w

    ❤️

    कड़ी धूप में प्रेम छांव हो तुम...
    मन के शहर में गांव हो तुम...
    हो तुम तो है खुशनुमा हर पल मेरा...
    मेरे दिल की किताब में लिखा
    प्यारा सा नाम हो तुम...


    ©in_my_heart

  • in_my_heart 22w

    ❤️

    कम लगने लगेगी तकलीफे सारी
    बस तेरे कांधे पर सिर रख लूं...
    ©in_my_heart

  • in_my_heart 24w

    ��������राधे राधे ��������

    कान्हा पूनम का हैं चंदा
    फिर उसका तेज क्यूं आधा हैं!
    लट श्यामन घुंघराली सी
    फिर लगती क्यूं वो सादा हैं!
    मुस्कुराहट उसकी जगमग जगमग
    आनंद क्यूं विहीन हैं!
    चलता हैं क्यूं डगमग डगमग
    जो सबको मार्ग दिखाता हैं!
    जो सबके विघ्नहर्ता हैं
    क्या उसकी भी कोई बाधा हैं?
    हां हैं...!
    क्यूंकि हैं तो वो अपूर्ण ही
    जब तक न साथ उसके राधा हैं
    जब तक न साथ उसके राधा हैं!

    पनघट पर हर मटकी तोड़ी
    माखन खाया करके चोरी!
    यमुना तट पर इसकी बंसी का धुन क्यूं सबको भाता हैं
    क्यूंकि इसके तो हर सुर में राधा हैं
    इसके तो कण कण में राधा हैं!

    सागर में बनाई द्वारका तो उंगली पर गोवर्धन साधा
    परंतु जिसके अश्रु कभी सह ना पाया
    वो थी तो केवल राधा वो थी तो केवल राधा!
    एकमात्र राधा हैं जिसने कृष्ण को साधा हैं

    इसलिए तो यदि नौका कृष्ण हैं तो पतवार राधा हैं
    जो पंछी कृष्ण हैं तो बयार राधा हैं
    कृष्ण हैं विस्तार तो सार राधा हैं
    कृष्ण की हर बात का आधार राधा हैं
    यदि शस्त्र कृष्ण हैं तो धार राधा हैं
    यदि सिंह कृष्ण हो तो दहाड़ राधा हैं

    इसलिए तो विरह के बाद कृष्ण पुनः लौट कर आता हैं
    क्यूंकि उसका एकमात्र लक्ष्य हैं
    जिसका नाम राधा हैं...
    यदि पाना हैं कृष्ण को तो राधा के हृदय को ढूंढो
    वो वही है
    जैसे गौरी के मन में शंकर हो❤️��

    ��������������������������

    Read More

    ❤️

    ©in_my_heart

  • in_my_heart 24w

    ❤️

    तुम ही हो हृदय मेरा...
    हो तुम ही भावना...
    मन में हो तुम्हीं...
    तुम्हीं हो मन की कामना...
    ©in_my_heart