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  • hindiwriters 1d

    @my_sky_is_falling जी की ये बेहतरीन रचना पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है प्रदीप जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    मैं गया तो था लौटकर ना आने को
    पर वो आ गया ख़्वाब में मनाने को

    बहुत मुश्किल से लबों पे हँसी लाए
    वक़्त तैयार खड़ा है फिर रुलाने को

    उसकी हर याद मिटा दी मेरे दिल से
    बस कुछ खत रह गए है जलाने को

    इतने ना-समझ तो नही थे तुम कभी
    दवा समझ के ज़हर लाए पिलाने को

    अभी-अभी तो हमने दरिया में उतारी
    और तुम आ गए कश्तियाँ डुबाने को 

    - प्रदीप

  • hindiwriters 2d

    @abhijitpoetic जी की ये बेहतरीन रचना पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है अभिजीत जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    एक शब्द जो अजन्मा है शायद
    कुछ लोगों ने ढाई अक्षर कहा,
    जिसपर उपन्यास लिखे गए, शब्द विन्यास भी हुआ
    लेखक लिखते लिखते मर गए और लेखक आगे भी लिखेंगे
    कवियों का गला बैठ गया, श्रोता जड़ बन गए 
    फिर भी परिभाषा अधूरी रह गई.. 

    एक शब्द और है
    यह भी महज़ ढाई अक्षर हैं
    कइ बर्षों से यह अंधेरे में है
    मुहल्ले के छोर पर बैठा है एक मठाधीश 
    जो बार बार जन्म लेता है
    प्राचीन, मध्य और आधुनिक, तीनों इतिहासों में
    इसका ज़िक्र है, जो हर बार इस शब्द को तोड़ता है
    और कहता है कि यही इसकी परिभाषा है,
    आंख पर काली पट्टी लगाए
    मुहल्ले के लोग इसे मान जाते हैं.. 

    इन दो शब्दों में पहले का पिता इश्वर है... 
    दूसरे का सम्भवतः: मठाधीश
    पहले को प्रेम कहा गया.... 
    और दूसरे को धर्म........!! 

  • hindiwriters 5d

    @ashwani जी की ये बेहतरीन रचना पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :) पूरी रचना इनके मिराकी profile पर है।
    बहुत उम्दा लिखा है अश्वनी जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    जिनकी गर्जन से हर मूषक थर्राता है 
    जिस डगर चला वो रस्ता बनता जाता है 
    जिसने लहू से ज्योत जलाये रक्खी थी,
    क्यों चूहों का झुंड शिकार उन्हें बनाता है।

    आँखों से लहू बह रहा जब दृश्य वहाँ के आए हैं,
    धमनी में आग बही है, शंका के बादल छाए हैं।
    सुखा दिया धमनी में बहती आग को उनकी, 
    क्यों सियारों ने जंगल के कानून बनाए हैं।

    - अश्वनी

  • hindiwriters 1w

    @_shabir जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है शाबीर (विक्की) जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    खुशबू नहीं रखती सूखा गुलाब रखती है 
    गुस्सा करती है सिगरेट का हिसाब रखती है 

    वक़्त से पहले आती है और देर से जाती है 
    घड़ी नहीं पहनती पर वक़्त बेहिसाब रखती है 

    - शाबीर

  • hindiwriters 1w

    @sonugangwar जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है सोनू जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    दुआएँ देनी हैं तो मरने की दीजिये
    वरना ऐसा करिये आप रहने दीजिये,

    इश्क़ है तो सरेआम मेरा हाथ थामो
    जमाना जो कहता है कहने दीजिये,

    तुम कब तक ही दोगे साथ हमारा
    हमारे दुःख हमको ही सहने दीजिये,

    ये ऊँची इमारतें खा गईं सूरज मेरा
    ये आंधियों से ढहती हैं तो ढहने दीजिये,

    ख़्वाब,जान,वक्त,ख़ुदा किस-किस से लड़ें
    अब हमें सोना है हमें सोने दीजिये,

    सुना है इससे दर्द हल्का होता है
    'राग' आँखों से आँसूं बहने दीजिये।

    - सोनू

  • hindiwriters 1w

    @sanjeevshukla_ जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है संजीव जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    इक झोंके जैसा खुश्बू का आलम होता है
    लम्हा गुल का फिर काँटों का मौसम होता है l

    धूप तपिश में जलते रहते ज़िस्म-ओ-जॉ हरदम
    कुछ दिन बस बारिश का मौसम पुरनम होता है l

    रग-रग में यूँ चुभते रहते हैँ नश्तर अक्सर ,
    रिसते ज़ख्मो पर कब कोई मरहम होता है l

    सदियों की इक प्यास कहाँ पानी से बुझती है,
    अपने हिस्से बस कतरा-ए-शबनम होता है l

    "रिक़्त"लहर में डूबे हैँ नज़रें हैँ साहिल पर
    बेज़ारी माक़ूल सुकूँ कुछ कम-कम होता है l

    - संजीव

  • hindiwriters 2w

    @loveneetm जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है लवनीत जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    चौखट पर बिखरा कर कलियाँ,
    हे! माधवी लता बोलो,
    किसके आने की आहट पर,
    मन तेरा उन्माद भरे ।

    लहरा कर इस पवन वेग से,
    क्यूँ झूमे मन आज कहो,
    हे! माधवी लता बोलो,
    किसको मन यह प्यार करे।


    कहे माधवी सुनो पथिक तुम,
    मेरे मन की बात सुनो,
    मैं सजनी हूँ मधुमास की,
    जो बंसत से प्यार करे।

    आने वाला है बंसत अब,
    पवन वेग से मिलने को,
    सोच सोचकर ही मन मेरा,
    अंतर्मन उन्माद भरे।

    - लवनीत

  • hindiwriters 2w

    @saloniiiii जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है सलोनी जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    तपती दोपहरी की प्यास
    घंटों तक चलकर बेहाल
    भूख से पेट में जंग
    पैसों के बिन हाथ तंग
    पैरों में टूटे से चप्पल
    हाथों में फटी-पुरानी कम्बल
    सर से छत जाने का डर
    बीमारी से जूझने का मनोबल
    ये गरीबी है भाई
    तुम समझोगे उससे पहले
    ना जाने क्या क्या कराएगी
    ये गरीबी ना जाने कैसे दिन दिखाएगी

    - सलोनी

  • hindiwriters 2w

    @_nayan जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है नयन जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    सीने में जल रही जो आग है उसे हवा दो ज़रा
    जो तुम्हें कुछ नहीं समझते उन्हें दिखा दो ज़रा
    कब तक सबसे अलग चलते रहना है तुम्हें
    भीड़ को भीड़ में घुसकर जवाब दो ज़रा

    रेत की तरह फिसल रहा है समय हाथ से
    रेत को मुठ्ठी में जकड़ समय बचा लो ज़रा
    कब तक डरते रहोगे दो कौड़ी के सर्पों से
    कुचल इन सर्पों का फन सबको दिखा दो ज़रा

    प्रेम रस की भाषा नहीं समझते लोग यह
    अपने अंदर के दिनकर को जगा दो ज़रा
    बाँसुरी की ताने इनके लिए नहीं बनी हैं
    अपने हाथों को सुदर्शन थमा दो ज़रा

    बैठा है शंकर तुम्हारे अंदर ही कहीं पर
    नेत्र तीजा खोल कर इसे रुद्र बना दो ज़रा
    लातों के भूत अगर ना माने बातों से तो
    बातें बचा कर रखो लातें लुटा दो ज़रा

    - नयन

  • hindiwriters 3w

    @abhawrites जी की इस रचना को पढ़ें, सराहें और इन्हें follow करके इनका मनोबल बढ़ाएँ :)
    बहुत उम्दा लिखा है आभा जी, यूँ ही लिखते रहें ।
    आपकी रचना भी बन सकती है Post of the Day, बस ऐसे ही दिल से लिखते रहिये और @hindiwriters को अपने हिंदी लेखों के caption में ज़रूर tag करें ।
    #hindi #hindiwriters

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    Hindi Post of the Day

    बेटे की चाहत थी
    उफ़्फ़ फिर बेटी आ गयी
    घर भर में जैसे
    मातम फैला गयी

    खुशियां चेहरों से हवा हो गईं
    हाय ! ये किसकी बद्दुआ हो गयी

    एक अनचाहे सामान की तरह
    तिरस्कृत, दिलों में जगह ढूंढती है
    बेटा तो आखिर बेटा होता है
    जुबानें कहने से कहाँ चूकती हैं

    किसी तरह अपना वजूद बचाये
    जीती जाती है बेटियां
    क्यों भूल जाते हैं सब
    अपनी किस्मत संग लाती हैं बेटियाँ

    - आभा अग्रवाल