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Reposts
  • garima_mishra 1w

    मुझे मेरे आज से मत आकंना ,

    ये तुफान से पहले की खा़मोशी है ।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 2w

    तेरी वादा खिलाफ़ी से हम हैरान थोड़ी हैं,

    वचन दे और मुकर न जाए ,तु राम थोड़ी है ।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 3w

    नहीं भाती शहर की घुटन भरी हवाएं अब,
    मैं पीपल के छाँव जाना चाहती हूँ,

    जी भर गया है शहर की चकाचौंध से,
    अब मैं गाँव जाना चाहती हूँ ।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 13w

    Participate for entertainment

    but Perform like a winner .

  • garima_mishra 13w

    You can't criticise me ...!

    only you can give disgusting complement.

  • garima_mishra 16w

    मैं हिन्दू हूँ तु मुस्लिम है ,
    तुझे पसन्द सिंदूर नहीं,

    चल‌ रास्ते बदल लेते हैं,
    अब ये रिश्ता मंजूर नहीं ।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 17w

    जो भी तकलीफ़ देती है,
    वो हर बात मुझे पता होती है ।


    ©garima_mishra

  • garima_mishra 17w

    तेरी शहर की गलियों में मेरी यादें गुम हो जाएगी,
    तु ढ़ूढे़ंगा मुझे और तेरी आँखें नम हो जाएगी,

    कबतक रहेगा तू दूर मुझसे,
    यूँ तेरे नज़र अंदाज करने से
    क्या मोहब्बत कम हो जाएगी,

    चल मान लिया नहीं बनी तेरे लिए मैं,
    फिर तेरे हमसाये के साथ ये ज़िन्दगी ख़तम हो जाएगी,

    अभी मोहब्बत है तो इज़हार कर ले,
    ए ज़िन्दगी ......
    क्या पता कब किसकी सांसे बंद हो जाएगी ।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 18w

    इकलौती मोहब्बत की आदत है हमें,
    ये तेरा बंँटा हुआ इश़्क समझ नहीं आता ।।

    ©garima_mishra

  • garima_mishra 18w

    बन्दा वैरागी चलता चल‌
    हर‌ राह‌ कठिन है काँटे हैं,
    तू छोड़ उम्मीदें दुनिया से
    किसने किसके दुःख बाँटे हैं,
    मंजिल हजार हैं राहें भी
    तू सोच‌ तुझे चलना किसपर,
    बस लक्ष्य बनाले उसको ही
    जीवन तेरा तन्मय जिसपर,
    कोई राह‌ नहीं फूलों से लतपथ
    तीखे ,कटाक्ष और पत्थर हैं,
    कोई एक छोड़कर गया तो क्या
    अब भी चुनाव में सत्तर हैं,
    कबतक उम्मीदों की बंधन में
    खुद को बाँधे बैठेगा,
    तक़लीफों का जंजाल लिए
    यूँ खु़द को खोए बैठेगा,
    अब आसमान को देख जरा
    किससे उम्मीद लगया है,
    फिर भी अजेय यह‌ टिका हुआ
    सबसे ऊँचा पद पाया है,
    तेरे एक कदम ही चलने से
    जीवन सुखमय हो जाएगा,
    जो दुनिया से तुझे नहीं मिला
    विस्तार वो खुद में पाएगा ।।

    गरिमा मिश्रा