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  • faiza_noor 5w

    आंखें तर हैं मेरी जुबां है खामोश,
    कुछ छूट जाने का दिल में है अफसोस,
    छूट रहें मुझसे बेहतरीन रिश्ते हैं,
    आज साथ जा रहें मेरे अच्छे तज़ुर्बे और किस्से हैं,
    क्या सही क्या गलत इन सब से मन है बेखबर,
    बेहतरीन की तलाश में जारी है ज़िन्दगी का सफ़र,
    सही मायने में आज घर वापसी हो रही है,
    न जाने क्यों आंखों में लगी अश्कों की झड़ी है,
    या रब मैं अपने लिए सब्र...........
    और अपनों के लिए बेहतरी की तलबगार हूं,
    जिनसे मुझे इज्ज़त और अपनापन मिला,
    उनके लिए रिज़्क में बरकत, सेहत
    और खुशहाली की तलबगार हूं।
    ©faiza_noor

  • faiza_noor 9w

    कुछ दिलचस्प किस्से याद आते है,
    जब हम बचपन में पहुंच जाते है,

    बड़ों से मान - मनुहार करवाते थे,
    अपनी हर एक बात मनवाते थे,
    छोटे होने के खुब फायदे नज़र आते थे,
    बड़े भाइयों की पापा से डांट पढ़वाते थे,
    वो भी क्या दिन थे जब हम बच्चे कहलाते थे,

    कुछ दिलचस्प किस्से याद आते है,
    जब हम बचपन में पहुंच जाते है,

    भाई-बहन हम आपस में खुब झगड़ते थे,
    पर परवाह भी एक-दूजे की बहुत करते थे,
    अपनी हर चीज़ साझा करते थे,
    मिल बैठ संग खाना खाते थे,
    एक-दूसरे पर खुब प्यार लुटाते थे,

    कुछ दिलचस्प किस्से याद आते है,
    जब हम बचपन में पहुंच जाते है,

    मुझे याद है अपना पहली बार नाम लिखना,
    और यह देख भाई का खुशी से उछलना,
    स्कूल में देर होने पर भाई का वहां मुझे लेने आ जाना,
    कितनी चिंता थी मेरी यह भाई की आंखें साफ बतलाती थी,
    मेरे मुस्कुरा देने से मेरे भाई को भी हंसी आ जाती थी,

    कितने मनमोहक बचपन के हिस्से हैं
    जो दिल में बस जाते है
    कुछ दिलचस्प किस्से याद आते है,
    जब हम बचपन में पहुंच जाते है,

    ©faiza_noor

  • faiza_noor 9w

    इबादत का एक तरीका है मुस्कुराहट,
    ज़िन्दगी जीने का सलीका है मुस्कुराहट,

    तमाम तकलीफों की दवा है मुस्कुराहट,
    बेहतरीन सेहत की गीज़ा है मुस्कुराहट,

    चेहरे का नूरानी नूर होती है मुस्कुराहट,
    नामुमकिन काम को मुमकिन बनाती मुस्कुराहट,

    अपनेपन का अहसास कराती है मुस्कुराहट,
    बेगानों को भी अपना बनाती है मुस्कुराहट,

    अगर चेहरे पर नूर और अच्छी सेहत पाना है,
    तब जिन्दगी हसंते-मुस्कुराते गुजारना है,

    #rachanaprati113 #rachanaprati114 @anandbarun ji @goldenwrites_jakir ji @jigna_a ji @kshatrani_words ji

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    #rachanaprati114

    आप सभी को शुभप्रभात
    मैं पुनः एक बार @kshatrani_words जी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूॅं कि उन्होंने मुझे संचालन के लिए चुना था। कल की आप सभी की रचनाओं को पढ़कर दिल बहुत प्रसन्न हुआ और चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। मेरे नज़रिए मैं सभी उच्च कोटि के रचनाकार हैं और विजेता हैं ।
    अतः इसके आगे का क्रम बढ़ाने हेतु संचालक की भूमिका के लिए मैं आदरणीय @anandbarun जी को आमंत्रित करना चाहती हूॅं कि वह रचनाप्रति114 के लिए संचालन करे।
    सादर आमंत्रित

    ©faiza_noor

  • faiza_noor 9w

    #rachanaprati113

    आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया कि आपने मुझे सराहा और मेरा हौसला बढ़ाया और @kshatrani_words ji का भी धन्यवाद करना चाहुंगी जिन्होंने मुझे संचालन की भूमिका सौंपकर मेरा मान बढ़ाया।

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमसे न जाने कितना कुछ पीछे छूट जाता है एक मुस्कराहट ही है जो हर लम्हा हमारे साथ होती है, हमें ऊर्जावान दिखाने के लिए, हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए, और हमें खुबसूरत इंसान बनाने के लिए, इसलिए
    आज सुबह की शुरुआत, मुस्कुराहट के साथ

    आज की अभिव्यक्ति का विषय है- "मुस्कुराहट"
    ©faiza_noor

  • faiza_noor 9w

    इस पंक्ति को लेकर लिखना आसान काम नहीं था मेरे लिए फिर भी मैंने एक छोटा सा प्रयास किया है गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूं������

    मश्क़ - अभ्यास

    #rachanaprati112 @anusugandh ji @kshatrani_words ji @rangkarmi_anuj ji @goldenwrites_jakir ji

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    जिन्दगी रंगमंच सा सफ़र है,
    उसमें उतार - चढ़ाव का भंवर है,
    इसके अच्छे - बुरे कई हिस्से हैं,
    नज़रंदाज़ करने को इसके बुरे किस्से हैं,
    क्योंकि.........
    देखने को इसके अच्छे पहलू और भी है,

    "अभी न पर्दा गिराओ, ठहरों.....
    कि दास्तां आगे और भी है,"

    तरक्की की राहों में आती है कठिनाईयां,
    मेहनत और लगन से दूर होती है परेशानियां,
    नामुमकिन के पीछे छिपी होती है मुमकिन की रोशनी,
    मश्क़ से मिलती है कामयाबी की ज़मीं,
    मंजिल को पाने में मेहनत का नशा और ही है,

    "अभी न पर्दा गिराओ, ठहरों....
    कि दास्तां आगे और भी है,"

    ऊंचाईयों से उलझी हुई है आंखें हमारी,
    ज़मीं पर आकर नहीं टिकतीं यें बेचारी,
    कसूर इनका नहीं है ज़मानें के ढ़ंग है,
    जो इंसान को बनाते बेहुदा बेरंग है,
    ज़मीं से जुड़े रहने का मजा और ही है,

    "अभी न पर्दा गिराओ, ठहरों....
    कि दास्तां आगे और भी है,"
    ©faiza_noor

  • faiza_noor 10w

    कैसी यह तलाश है।
    खामोश सा प्रयास है।
    गंभीर यह अहसास है।
    घटना का आभास है।

    प्रयत्नशील मन में, उल्लास है।
    फिक्र के साथ आस है।
    बदलाव का उभरता प्रकाश है।
    भटकता मन किनारे, पास है।
    मझधार से उभरता विश्वास है।

    ©faiza_noor

  • faiza_noor 11w

    अगर इबादत से ही रब को राज़ी करना काफ़ी होता,
    तब शराफ़त और सदाक़त का व़जुद न होता,

    न बेहतरीन हुस्ने अख़लाक का सिलसिला कायम होता,
    न अच्छाई पर अक़ीदा दिल में शामिल होता,

    न ही आंखों में शर्मों-हया होती,
    न ही तहज़ीब की हिफाज़त समझी जाती,

    न होता बड़ों के रुतबे का ख़्याल,
    न होता मां-बाप की नाफरमानी पर मलाल,

    होते झूठ से लबरेज हर एक के दामन,
    बदकारी का ख़ौफ न रहता दिलों में कायम,

    या रब ज़िक्र-ए-ईलाही के साथ कायम रहें ईमानदारी,
    बुराई से बचें और अच्छाई का सफ़र रहें जारी,
    ©faiza_noor

  • faiza_noor 34w

    कमी उस पल की नहीं,
    जिसका हमें इंतजार है,

    कमी तो उस पल की है,
    जिसे गुज़रे मुद्दत हो गई।

    ©faiza_noor

  • faiza_noor 45w

    मुमकिन नहीं होता कभी,
    लफ़्ज़ों में करना एहसास बयां,

    वक्त ही समझा देता है,
    खामोशियों की सदा,



    ©faiza_noor

  • faiza_noor 53w

    ख्वाबों सा एक दरख़्त है मन में,
    मीठे फलों की उम्मीद लिए,
    मेहनत का पानी हर रोज़ चाहता हमसे,
    सुख सी छांव देने के लिए,
    सब्र से धूप सहन करनी होगी उसको,
    कामयाबी को ऊंचाई देने के लिए,


    ©faiza_noor