#zakir

241 posts
  • goldenwrites_jakir 1w

    ज़िन्दगी थक कर यूँ गुजर गई
    जैसे इंतज़ार में थी ख़ुशी और
    मौतआख़री सांस से गले लग गई ,,
    कफन भी चेहरे से फ़िजाओं का चहल पहल से हट जाता
    किसी छत से तेरी नज़र मुझे देखले
    इसी उम्मीद में क़ब्रस्तान का रास्ता खुदा बड़ जाए
    ज़िस्म मिट्टी में बदलने को बेक़रार है और
    रूह के बहते अश्क को तेरे दीदार का इंतज़ार है ...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    दादी माँ ✍️

    बादलों के पीछे कहीं " सितारों के आँगन में
    इक तारा बनकर रौशन " मेरी दादी माँ
    याद आती आज भी उनकी इतनी
    आँखों से बरसती बारिश इतनी प्यारी मेरी दादी माँ ,,,
    मिल जाता राह में ज़ब भी कोई बुजुर्ग
    दे देता उनको चाय पीने के पैसे
    लेकर नाम मेरी दादी माँ का
    दिल में होती ख़ुशी सोचकर खुश है मुझसे मेरी दादी माँ
    ......... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    बेपन्हा मोहब्बत का दरिया "आँखों से बहता ही रहा
    समा जलती रही "परवाना अंधेरों में ही रहा .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    जल धारा ✍️

    आज भी बहती उस जल धारा के किनारे यादें हमारी
    लेजाती संग अपने मेरे पलकों से कुछ बुँदे लेकर नाम तुम्हारी
    कितने हसीन खूबसूरत वो लम्हें थे
    ज़ब संग हम तुम उस धारा के हिस्से थे
    छल छल बहती मधुर संगीत की वो लहरें जिसमे दिखती तस्वीर हमारी थी
    चार रोटी की वो कहानी "प्याज़ के संग आम का अचार
    और बहती नदियाँ की जल धारा और तेरे आंचल की छाँव में
    पेट के साथ रूह भी सुकून से भर जाती थी
    तेरे लबों की मुस्कान वो तेरी नादानियाँ - मस्तियाँ
    आज भी इस बहती धारा में मौजूद है
    आता में तन्हा यहां - और जाता संग तेरे
    इसी खूबसूरत हमारी यादों की ये जल धारा .... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    मेरी उसरत को वो दिरहम में रख कर तोलती थी
    निगह-पुर-नम अकसर जाम-ए-जम में बोलती थी
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    कहीं से तो आए उसकी आहट इंतज़ार में
    मेरे हमदम हम ख़ुदको तेरे लिए छोड़ बैठे हैं
    ज़िन्दगी बेरंग बेमजा नही सब के बिना तन्हा बैठे हैं
    उल्फत लगाती आग हर इक साँसो पर
    हम तेरी चांदनी की बरसात के इंतज़ार में बैठे हैं
    दुआ सुनकर दिल की रब ख़ामोश बैठे हैं
    हर इक ज़ख्म पर हम यादों के पानी लगाए बैठे हैं
    कभी बदलेगा ज़िन्दगी का पन्ना
    हर रोज ख़ुदको किताब बनाए बैठे हैं ...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    संग हो तुम मेरे ❤ दिल की धड़कन में सुकून धड़कता है

    #jp #zakir #hamsafar #rachanaprati89 @aryaaverma12

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    सुकून ❤

    सुकून की चादर तेरी बाहों की हर इक मौसम में नई ज़िन्दगी दे जाती
    चलती तेरी सांसे मेरी साँसो के साथ तेरी परछाई मेरी ज़िन्दगी का आईना बनजाति
    तुम्हारा रिश्ता ही मेरी ज़िन्दगी का सुकून है
    तुम बिन मेरी ज़िन्दगी बिखरा हुआ फ़ूल है
    तुमसे ही शुरू तुम पर ही ख़त्म मेरी ज़िन्दगी की सुबह शाम
    तुम ही मेरी ज़िन्दगी का चाँद हो
    तुम्हे पाकर तक़दीर की लकीरों से इश्क़ हुआ
    क्या होती अर्धांगिनी वो सफ़र ज़िन्दगी का तुम्हारे साथ शुरू हुआ ...

  • goldenwrites_jakir 3w

    सुकून ✍️✍️

    बात कुछ वक्त पुरानी है
    दिल के दर्द से रूह जख़्मी है
    क्या पाया था ज़िन्दगी में फिर उसे खो दिया
    वो दर्द से राहत दिल को पाना ना मुमकिन था
    ना ही उस ज़ख्म की दवा थी ना ही कोई मरहम
    हर रोज दिल टूट कर बिखर रहा था
    रह रह कर उनकी यादें दिल को रुला जाती थी
    हर तरफ तन्हाई दिल को कुछ राहत देती
    तो कहीं उनको ख्यालों में महसूस करना
    उनके साथ ख़्वाnrब सजाना दिल को कुछ पल सुकून के दे जाता
    पर ज़ख्म और भी गहरे होते चले जाते
    ऐसे ही कई दिन कई साल गुजर गए पर राह नज़र दिल को नही मिलती
    रूह रहती बेचैन और ज़िन्दगी थक हार कर कहीं रुक जाती
    वक्त के साथ कुछ चीजे नज़र के सामने होने के बाद भी दिखाई नही देती ऐसा लम्हा भी मेरी ज़िन्दगी में आया ,,,
    तन्हाई का साया मुझे ऐसी जगह लेकर आया जहां रूह के हर इक ज़ख्म पर मरहम मिला
    बैठ कर उस दरगाह पर मन के सारे सवालों का जवाब मिला
    खोल कर रख दी दिल ने हर इक बात बंद आँखों से
    मन ही मन ख़ामोशी से सारे दिल के राज़ खोल दिए
    क्या ख़ुशी क्या गम हर इक बातों की कहानी रूह ने सुनादी
    कोई नही था पास फिर भी लग रहा था कोई सुन रहा है मेरे दिल की हर इक बात - कब कैसे दिल को सुकून मिलता चला गया
    कब कैसे हर इक ज़ख्म रूह से फना हो गए पता भी ना चला
    चहरे पर ख़ुशी लवों पर मुस्कान लिए बहाँ से लौट आया
    मानो इक नई ज़िन्दगी वहाँ से लेकर आया
    इक अलग ही आत्मविश्वास मन में उभर रहा था
    वो मन्नत का धागा मेरी ज़िन्दगी की कहानी लिख रहा था
    दुआ से बढ़कर कुछ भी नही सुकून का रास्ता
    वो बंद आँखों का जादू भीगी पलकों की नमी
    नई ज़िन्दगी की कहानी लिख रही थी
    सुकून मिला कैसे - कहां ----- आज भी वो लम्हा दिल को
    इक आईना ज़िन्दगी को दिखाता है .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    प्रदुषण ✍️

    प्रदुषण भी मानव पर इक अभिशाप है
    जिसकी खोज भी सिर्फ मानव ने ही की थी
    ज़ब दौर कुछ और था - पर आज लालच ही
    मूल्यांकन बनकर उभर रहा ,,,,
    कहीं भी देखो हर तरफ प्रगति की खूबसूरत कोद उजड़ रही है
    पेड़ पौधे नदियाँ तलाब बंजर होते पहाड़ों की शिल्प लिपियाँ
    हम किस और हमारे आने बाले कल को लेकर जा रहे
    ये वक्त आज किसी के पास नही सोचने का
    सबब लालच के दलदल में धसते जा रहे ..... !¡!

  • goldenwrites_jakir 4w

    प्रदुषण ✍️

    प्रदुषण भी मानव पर इक अभिशाप है
    जिसकी खोज भी सिर्फ मानव ने ही की थी
    ज़ब दौर कुछ और था - पर आज लालच ही
    मूल्यांकन बनकर उभर रहा ,,,,
    कहीं भी देखो हर तरफ प्रगति की खूबसूरत कोद उजड़ रही है
    पेड़ पौधे नदियाँ तलाब बंजर होते पहाड़ों की शिल्प लिपियाँ
    हम किस और हमारे आने बाले कल को लेकर जा रहे
    ये वक्त आज किसी के पास नही सोचने का
    सबब लालच के दलदल में धसते जा रहे ..... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    Collab ✍️

    #my_sky_is_falling_
    ख़्वाब इसलिए परियों का नही आता मुझको
    माँ नही थी तो कौन कहानी सुनाता मुझको

    बनाकर तस्वीर "माँ की --- कागज़ पर महसूस होता मुझको
    छुपाकर रखी अपने आँचल में आज भी एहसास होता मुझको
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    उम्मीद इंतज़ार के साय में दफ़न होती चली गई
    रिहा ज़िन्दगी से हर इक सांसे होती चली गई

    खौफ ना रहा दिल के हर इक ज़ख्म को
    हर इक दर्द को सहते हुए ज़िन्दगी चली गई

    कभी ओढ़कर रखा यादों का दरिया आँखों में
    कभी तेरे ख्यालों का आसमा ज़िन्दगी सजाती चली गई

    रखा नही फिर कभी किसी और कांधे पर सर
    कागज़ कलम को तेरी परछाई जानकर तुझसे मिलती चली गई..
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    ज़िन्दगी से चलो कुछ शिकायत करें
    ज़ख्म दिल के कुछ हरे करें
    कहीं तो मिले मरहम
    चलो फिर दवा मर्ज़ पर करें ,,,,
    कौन किसका कब तक दोस्त
    आओ हर इक से फिर मिलकर गुफ़्तगू करें
    ज़िन्दगी चार दिन की आज हर इक साँसो का हिसाब करें ,,
    क्या पाया क्या खोया हर इक मुस्कान
    हर इक ख़ामोशी का आज हम जायजा करें
    छुपाकर कब तक ख़ुदको आईने से
    अपनी परछाई का हम क्यों बोझ बने
    करके तोबह हर इक गुनाह से - हम माफ़ी की तलब करें ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    इत्तेफाक ✍️

    क्या खूब इत्तेफ़ाक़ ज़िन्दगी में है आया
    जिसके लिए रहता था ये मन उदास
    वो लम्हा ज़िन्दगी में है आया ,,,
    ख़ून के रिश्तो में नही थी जो कहानी
    अजनबी एहसास की जुबां पर भाई का नाम आया
    इत्तेफ़ाक देखिए कोरे जीवन में mirakee परिवार आया
    सोचा नही था कभी ज़िन्दगी में वो मक़ाम आया
    हर इक दिल में मेरे लिए दुआ - मेरे लिए प्यार आया
    भुल गया उस दर्द को - ज़ब आप सब का साथ आया
    इत्तेफ़ाक ही सही - ज़िन्दगी में किसी बहाने आप सबका प्यार आया
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    बहन ✍️

    कौन कहता है बहन भाई पर बोझ होती है
    इक बहन ही तो है जो भाई के साथ होती है
    पाकर बहन का प्यार जीने की इक उम्मीद मिली
    उनके हौसले उनके साथ से फिर राह नई मिली
    बहुत कुछ खोकर कुछ पाया भी
    कलम कागज़ के साय में बहनो का प्यार मिला भी
    ज़िन्दगी अधूरी थी इन रिश्तो के बिना
    इन्ह सब को पाकर खुद को ईश्वर से मिला
    रखना ता उम्र हर एक पल उन्हें खुशहाल दिल की दुआओँ में मेरी बहने हैं ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    माँ ✍️

    कुछ भी नही हूँ मैं
    बस तेरी दुआओँ का असर हूँ मैं माँ
    माँ तेरी परछाई बनकर तेरे साथ चल ना सका
    पर आज भी तू ही मेरा आईना है माँ
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    #jp #zakir @alkatripathi79 @abr_e_shayari @anusugandh @parle_g @tejasmita_tjjt

    अँधेरी रातों के शौर में - इक हम सफर चाहिए
    थामे रखे जो ज़िन्दगी की साँसो को वो दुआ का काफिला चाहिए

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    जुगनू ✍️

    सब को चाँद सूरज - सितारों की दुनियां चाहिए
    बस मुझे "जुगनू का इक सहारा चाहिए ,,,,
    ©goldenwrites_jakir

  • lusttforlife202 4w

    Dil tuta to maine
    Shayari ko ruma ki trh
    Istemal kiya hai
    Taki mere aanshu
    Poch sku...


    ©ZakirKhan
    ©lusttforlife202

  • goldenwrites_jakir 4w

    ज़िन्दगी ✍️

    वक्त के साथ ज़िन्दगी में हलचल होती रही
    खुशियों की बारिसों के साथ
    गम की बदलिया भी ज़िन्दगी में आती रही
    क्या है ज़िन्दगी क्या है उसके मायने
    पल पल ये पहेली कभी सुलझती कभी उलझ कर रहती रही
    कब अपने बेगाने और कब बेगाने अपने बनजाते
    उस राह पर सफर ज़िन्दगी करती रही
    बचपन से सुन्दर ज़िन्दगी में कुछ भी नही वो एहसास फिर जीने की चाह में उम्र गुजरती रही
    रहे हाथ अकसर खाली कुछ पाने की चाह में
    वो लालसा भी दिल की अधूरी ही रही ... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 70w

    आंखे खुली ही रहती है तेरे दीदार के लिए ---
    एक जमाना हो गया तुझे देखे हुए ,,,
    दिल की धड़कन भी अब थमसी जातीं है
    ज़ब याद तेरी आती है ,,,,

    लिखकर कागज पर अस्क दिल के जुबां खामोश है
    इंतजार में जिंदगी ----- जिंदगी अब अनजान मेरी ख़ुशी से है
    गुमराह हो गई राहें ----- तक़दीर की लकीरो में
    और मोहब्बत यादों के निशां में तुम्हे तलाश कर रही है ....

    . तेरे जाने के बाद तन्हाई दोस्त बनी
    बेबासी ---- के लम्हों में मेरे आंसुओ की एक पहचान बनी
    कितनी लाचार है दुनियां मेरी ---- मेरी वफ़ा ही मेरी कमजोरी बनी

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    Collab with @sh_gopal #picturechallenge2020
    #jp #zakir #jakir

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