#vihindi

58 posts
  • vindhya_princess 22w

    कुछ रिश्तों की ना चाहत थी
    ना जरूरत थी
    फिर क्यों इतने रिश्ते बनाते गए
    कुछ तोड़ कर आगे बढ़ते गए?

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 24w

    #vihindi
    Kuch to h ��

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    मेरी किताब में
    कुछ गलत फैसलों के पन्ने है
    कुछ रिश्ते बिखरे है
    कुछ दुखों की स्याही से भरे है
    कुछ मुस्कुराहट के पल झलक रहे है

    पर खुशी इस बात की है कि मुझे मालूम है
    अंतिम पन्ना खाली है
    शांत और स्थिर है।

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 36w

    कुछ इस कदर बिखरे है कि समेट नहीं पा रहे हैं,
    कोई समेटना चाहे और उसे इजाज़त भी नहीं दे पा रहे हैं।
    इजाज़त देने के बाद फिर बिखर जाऊं,
    इससे अच्छा बिखरे ही ना रहे जाऊं !!!
    क्यों किसी को इजाज़त दूं,
    थोड़ा खुद ही कोशिश करके
    कुछ ज्यादा समय लेकर
    खुद ही ना अपने आपको समेट लूं !!!

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 37w

    Adhuraa hai ��
    #vihindi

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    दो साल पहले गाड़ियों से भरी हुई सड़के मन अशांत करती थी,
    आज लगता है वही सड़के, वही चहल पहल अच्छी थी।
    ज़िंदगी कुछ ज्यादा ही तेज चल रही थी,
    शायद कायनात थोड़ी रफ़्तार कम करने का संदेश दे रही थी।
    शायद सुन लेते तो कायनात की रफ़्तार कुछ इस कदर हावी नहीं होती।
    हम सिर्फ़ कल्पना कर सकते है कि
    ऐसा क्यों हुआ होगा।
    हम सिर्फ़ कोशिश कर सकते है
    हमारी आने वाली पीढ़ी ऐसे साल ना देखे।

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 41w

    ��
    PS- Mujhe bhi dekh skte ho vese ��
    #vihindi

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    कुछ चीजें बिना सजे संवरे ही खूबसूरत होती है।
    आसमान में उड़ते पंछी ले लो या
    ज़मीन में खिलते फूल को ही देख लो।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 54w

    मेरी एक झलक पाने के लिए बैचेन रहते है,
    पर मुझसे मिलना भी नहीं चाहते है।
    ये भी कोई बात हुई?

    - अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 55w

    इंदौर

    अहिल्या की नगरी, राजवाड़ा हैं इसकी आन बान।
    स्वच्छ शहर के नाम से चार बार इसने बढ़ाई हैं अपनी शान।

    सुबह पोहा जलेबी से
    छप्पन में जॉनी हॉट डॉग तक की यहां है शाम
    सराफा में सुबह गहनों के लिए तो रात को खाने के लिए लगता है यहां भूखड़ों का जाम।

    यहां की भाषा भी थोड़ी है हटकर
    "बकर", "अंड बंड शंड" और थोड़ा
    सा लगता है "जुगाड़"।
    "नहीं" को "नी", "हा" को "हाओ" बोलो
    नी तो देंगे तुम्हें यहीं गाड़।

    अन्नपूर्णा मंदिर में हैं अन्नपूर्णा देवी तो
    खजराना में है गणेश देव का काल,
    अरे भिया थोड़ा सैंडविच में भी तो सेव डाल।

    सेव पर बात आयी हैं तो बता दूं,
    किसी भी इंदौरी से पूछ लो
    "सेव के बिना तो मैं जीना छोड़ दूं।"

    शिक्षा क्षेत्र में भी हम नहीं है पीछे,
    पुस्कते खरीदनी हो कोई सी भी,
    खजुरी बाज़ार है हम चले।
    IIT और IIM दोनों भी यही है बने।

    लता दीदी के गाने और
    ज़ाकिर भाई का सर्कास्म
    भी तो यहीं है पले बढ़े।
    रणजीत सिंह के नाच से भी कईयों के चलान है कटे।

    थोड़ा सा अमीर भी हैं तो थोड़ा सा गरीब भी हैं,
    पर इंदौर हम इंदौरियो के दिल के बेहद करीब है।
    हम प्योर नहीं पीवर इंदौरी हैं।

    ©अपर्णा बिरले


    Hehe Damn Old yet Close to my heart ❤️
    #vihindi

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    .

  • vindhya_princess 56w

    तू पास से गुजरता है
    तो तू नहीं, अब बस
    हमारी यादें मुझे याद आती है।

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 57w

    सारे गमों को अपनी मुस्कान में छुपा लूं,
    मैं वो हूं जो गमों को भी हंसना सिखा दूं।

    -अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 66w

    Puraani posts repost kr krke mene apni writing skills ka murder kr diya ಥ_ಥ
    #vihindi

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    क्यों हर दफा अपने होने का एहसास दिलाता है?
    कोशिश करती हूं थोड़ा आगे बढ़ने की
    और फिर तू हाथ पकड़ कर पीछे खींच लाता है।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 66w

    I've so many tags ��
    Can't read all
    #vihindi

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    लिखने के लिए आजकल शब्द नहीं है,
    शायद अपने आपको सुनने का मन नहीं है।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 70w



    हा मैं जानती हूं कि
    तुझे मेरे साथ वक्त बिताना पसन्द हैं
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    तुझे मेरी ख़ामोशी में आवाज तलाशना पसन्द है
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    किसी अनजान के साथ मुझे देखना तुझे पसन्द नहीं
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    तुझे मैं हर वक्त, हर पल खूबसूरत लगती हूं
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    मेरी परेशानी तुझे भी परेशान करती हैं
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    तुझे मेरी सांसों और धड़कनों को महसूस करना पसन्द हैं
    पर क्यों समझ नहीं पा रही हूं।

    हा मैं जानती हूं कि
    मैं तेरी बस खास दोस्त हूं
    पर कैसे समझ नहीं पा रही हूं।

    जानती तो कुछ खास नहीं,
    पर समझ कुछ भी नहीं पा रही हूं।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 70w

    तुम मुझे कमज़ोर समझ रहे हो क्योंकि मैंने कई रिश्तों को टूटते देखा है।
    पर एक बात बता दूं तुम्हें इन टूटे रिश्तों से ही मैंने
    रिश्तों की एहमियत को समझना और उनको जीना सीखा है।

    © अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 70w

    #vihindi #repost भैय्या ��

    विपथगा :)

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    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 71w

    @gjain2309 ༎ຶ‿༎ຶ
    #vihindi

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    छुट्टी उसके लिए नहीं होती कभी भी
    पर बच्चे की छुट्टी पर उसके सारे काम करके जाती है।
    ख़ुद भले ही थकी क्यों ना हो,
    पर बच्चे को कुछ पल सुकून देने के लिए अपनी थकान भी भूल जाती है।

    मां कुछ प्यारी सी अनोखी सी होती है ❤️

    © अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 71w

    ༎ຶ‿༎ຶ Oh Nadaan parinde ghr aajaa ༎ຶ‿༎ຶ
    #vihindi

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    मां मेरे पानी पीने का भी हिसाब रखती है,
    जब दूर होती है तब उनकी ज्यादा ऐहमियत महसूस होती है।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 72w

    " • " काला टीका नज़र ना लग जाएं ��
    #vihindi

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    बातों को दिल पर कम लेती हूं,
    शायद इसलिए हमेशा मुस्कुराती रहती हूं।


    अगर तुम्हें जवाब नहीं दे रही हूं,
    तो शायद तुम्हें नज़रंदाज़ करना मुनासिब समझ रही हूं।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 72w

    तेरे मेरे रिश्ते में कुछ बात तो खास है,
    यूं तो नहीं लाख तकारारो के बाद भी हम हमेशा साथ है।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 72w

    हा, वो किताब अधूरी छोड़ दी हैं मैंने...
    क्योंकि उन पन्नों को "स्याही से भरने" का मन नहीं करता,
    जिन्हें पहले "दिल से लिखने" पर सुकून मिलता था।

    ©अपर्णा बिरले

  • vindhya_princess 72w

    @tortoise ye rkhlo hindi posts me ye thodi thik lgti h
    #repost #vihindi

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