#the

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  • pinky_grande 12h

    MY FRAGILED HEART

    When I lost you I wish I want to
    see you but I know that it is
    impossible. Wherever I see,
    I can see that you are standing there,
    Whenever I sleep, I can hear
    your voice & laugh.

    I know you can see my tears
    and you don't want me to cry.
    Yet my heart is fragile because
    I can feel that I deeply miss you.

    Still now, I can't bear the feel
    of your death. I wish you could
    come & hold me again. But
    I know that it is impossible.

    Now I am melting your memories
    because my emotions in the grief
    Of your "40"th day.
    ©Fathima_Sumaiya

  • sparkingpoet 1d

    Love your parents and respect their work you are their life and make it worth
    I dont say never commit mistakes but never do wrong and if you did be strong and improve it you are your parents jwell (jewellery)prove it

    #Hindiwriters#love parents #love life #the precious gift #sparking poet

    तुम भी फिक्र करना
    जिनके वजह से तुम जिंदा हो उन्हें कभी शरमीनदा मत करना
    जिनके वजह से तुम जिंदा हो
    जिन्दगी दी है उन्होंने तुम्हें उनकी जिन्दगी छीनने का हशर मत करना
    मिले है मा बाप बरी गनिमत है रब की
    कभी रब इस गनिमत पर फिक्र ना करे ऐसा करना
    कुछ भी जो करो तुम
    तो माँ बाप का खुद से ज़िक्र तो करना
    सच मानो तुम जीत जाओगे , जो गलत हुए तो पछताऔगे
    पर गलत ना कर पाओगे
    बहुत फिक्र करते है वो तुम्हारी कभी तुम भी उनकी फिक्र करना
    अपनी कामयाबी मे चाहे ना उनका ज़िक्र करना वो कामयाबी पर ही खुश हो जाएगे
    बहुत फिक्र करते है वो तुम्हारी कभी तुम भी उनकी फिक्र करना
    रब के बाद सिर्फ वो ही याद आएगे
    इतना कहोगी बस में जिंदगी दी है जिसने उनकी जिंदगी मत लेंना
    बस उनके जीने की वजह बंन कर रहना

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    तुम फिक्र करना

    ©sparkingpoet

  • sunitachhoti 1d

    Love

    I need you like a heart needs a beat.❣️
    @myfeelingsmywords.97
    ©sunitachhoti

  • aniketangaria 3d

    Heart is like a full snowy mountain it's beautiful till avalanche
    ©aniketangaria

  • akshadajadhav 1w

    From debut poetry collection
    #the seven
    Link in bio

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    Surrounded with dark clouds

    looks scary though

    but who knows the truth

    it gonna go pour

    life looks tough yet

    scary and stuffed

    it breathe so heavy

    and feels so hot

    the forest gets cheered

    after pouring stares

    stars shine the clear sky

    after pouring clears

    it smells so fresh

    and alive no fear

    learn to leave gloomy vibes

    they are just to make you

    improvise

    sky gets darker before it rains

    so is the pain

    and i know the darkness

    will shed the tear

    and story in rain
    ©akr.j

  • rmitra 1w

    The player

    The player

    Splendid finesse of those skills so well mastered..
    Dwelling in the core of each heart so well flattered....

    Melting in those relentless scorching piercing eyes..
    Not a scope to escape,sanity seems truly capsized..

    Each stroke crafted to entrap and conquer..
    Each willing victim taken with promise of no dishonor..

    The true player rules this game of enticing..
    But someday may just find his soul truly despising..

    The game of life has strange scores to keep..
    What looks victory may erode wounds scarred and deep..

    Blessed are the ones who play the game with grace and integrity..
    Bound by everlasting love,warmth and alluring simplicity
    ©rmitra

  • isid57 1w

    ... Be Worthy ...

    If you can't inhale the darkness down in your heart...
    Then... You are not worthy to wander in the wake of a bright day!

    © Siddhesh Sawant

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    मेरे भैया (part-3)

    हमारा रिश्ता बिल्कुल उस टाम और जैरी के कार्टून की तरह था जो न तो एक -दूसरे के साथ जी सकते थे और ना एक दूसरे के बिना समय बीता और हमारी मौसी जी की शादी हो गई...उस वक्त भैया बिल्कुल अकेले पड़ गये और कुछ ही वक्त बाद जब भैया जल सेना में चयनित हो गये तो मैं बिल्कुल अकेली पड़ गयी... भैया ने तो अपना दुख उस वक्त भी डायरी में लिख दिया पर मैं बहुत छोटी थी तब और नहीं जानती थी कि लिखने से भी कुछ पल के लिए ही सही पर दिल हल्का हो जाता है!.….. खैर! आज तो हम दोनों की शादियां हो चुकी हैं और वो एक प्यारी सी बेटी के पिता हैं और मैं एक प्यारी सी बेटी की मां...पर आज भी मैने जिंदगी से इन पलों को चुराकर रखा है और मैं भैया को‌ हमेशा इसी रूप में याद रखना चाहती हूं क्योंकि यादों के मामले में मैं ज्यादा समझदार होना ही नहीं चाहती क्योंकि कहीं न कहीं ये समझदारी आपसे आपकी मासूमियत छीन लेती है... इसीलिए वक्त के‌ साथ बदलते रिश्तों की खूबसूरती को याद रखिए बस ... जिंदगी थोड़ी सी आसान लगने लगेगी♥️
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    मेरे भैया (part-2)

    और फिर जब मैं इनको बुलाने के लिए जाती थी तो ये नाराज होकर कहते थे...चल आ रहा हूं अभी...और मैं खिसियाकर जा कर घर में ये कहती थी कि ....वो कह रहे हैं कि अभी नहीं आऊंगा.. और इसके बाद तो भैया जब लौटते थे तो घर की झाड़ू ,चप्पल और मुंगरी ( कपड़े पीटने वाला यंत्र) से इनका भव्य स्वागत मौसी जी के द्वारा किया जाता था!और फिर इससे पहले कि मौसी जी की तिरछी नजरें ( शनि की साढ़ेसाती) मुझ पर भी पड़ें... मैं किताब- कापी लेकर बैठ जाती थी...आज भी इनके शरीर पर पिटाई की सुनहरी यादें अंकित हैं और इन्हें हमारे घर का राणा- सांगा भी कहा जाता था! अच्छा मां ने तो हम दोनों को मासी ( हमारी यशोदा मां) को जैसे गोद ही दे दिया था तो इनकी पिटाई के समय वो घर से बाहर ही निकल जाती थीं और पापा को तो बस एक ही चिंता खाए जाती थी कि जिस चप्पल से मासी इनको पीट रही होती थीं वो कहीं उनकी न हो क्योंकि उस चप्पल के टूटने की प्रबल संभावना होती थीऐसे थे हमारे भैया और हमारा बचपन.... To be continued

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    मेरे भैया

    माता-पिता की हम दो संतानें थे! भैया का नाम प्रशान्त रखा तो गया था किन्तु अगर हमारे परमपूज्य मामा जी की मानें तो इनका नाम अशान्त होना चाहिए था क्योंकि इनका चित्त कभी भी शांत नहीं रहता था और ये यदा-कदा ही घर में पाए जाते थे!
    और अगर गल्ती से भी कोई मेहमान घर में आ गया तो अनायास ही इन्हें वह स्वर्णिम अवसर प्राप्त हो जाता था जिसके लिए ये प्रतीक्षारत रहते थे! दरअसल इनका गंतव्य स्थल तो हमारे घर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित एक पार्क होता था जिसमें किक्रेट खेलने के दौरान इनके चौके और छक्के लगते थे और फिर वह क्षण आता था जो मुझे बेहद नापसंद था... मुझे इनको वापस बुलाने के लिए भेजा जाना क्योंकि जब घर में आए हुए मेहमानों से मिलवाने के लिए इनको पुकारा जाता था तभी पता लगता था कि ये दूसरे कमरे के दरवाजे से निकलकर पार्क भाग गये हैं ...to be continued
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    वो दुनिया (part-5)

    ये तो थीं मेरे बचपन की कुछ सुनहरी यादें....आज आप सभी के साथ इनको साझा करने का एक खास मकसद है!.... मैं तो कुछ पलों के लिए जैसे बचपन में ही लौट गयी....बचपन की यादें हम सबके पास हैं....पर जिंदगी की कशमकश हमें इस कदर उलझा देती है कि कहीं समय ही नहीं निकाल पाते हम अपने उन सबसे अजीज, खूबसूरत और निश्छल पलों को याद करने के लिए!....आप सभी से एक विनम्र निवेदन है कि कुछ पल के लिए ही सही....इस दौड़ती-भागती जिंदगी से कुछ पल उधार लेकर अपने बचपन में लौट जाइए और अपने हृदय में सोए हुए उस बच्चे को थोड़ा झंकझोर कर जगा दीजिए जो न जाने कितने वर्षों से चिरनिद्रा में विलीन है....यकीन मानिए! बहुत सुकून मिलेगा....आशा करती हूं कि लेखन के माध्यम से ही सही पर आप सब अपने बचपन में कुछ देर के लिए लौट जाने का प्रयास अवश्य करेंगे! और हां! अगर आप ऐसा करते हैं तो मुझे अपनी रचना में टैग करना कदापि मत भूलिएगा! ♥️
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    वो दुनिया (part-3)

    एक थे हमारे कल्लू भैया.... बिना बुलाए मेहमान थे हर महीने के क्योंकि अच्छी तरह जानते थे वो कि काफी कबाड़ मिलने वाला था हमारे घर से....उनके पास जब फुटकर पैसे नहीं होते थे ना तब वो हमें ठेले पर लाए हुए जामुन देते थे वो भी ढाक के पत्तों पर रखकर!... हमें तो इस बात से तब कोई मतलब ही नहीं होता था कि कबाड़ कितने का बिका.... क्योंकि हमारी नजर तो उन काले मीठे जामुनों पर होती थी जो ठेले पर रखे होते थे और हम यही मना रहे होते थे बस कि कल्लू भैया के पास फुटकर पैसे कुछ कम निकलें......to be continued
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #the golden days ♥️

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    वो दुनिया ( part-2)

    हां तो पहला भाग पढ़ा आपने? अब चलते हैं दोपहर की ओर...उस व्यंजन का नाम तो आज भी नहीं पता मुझे पर हां उसका वर्णन अवश्य कर सकती हूं! कुछ ऐसा जैसे कोई फीता हो खाने वाला......फर्राटे से उसे लपेटकर वो भैया कभी मोर तो‌ कभी झंडे की आकृति बनाकर हमारे नन्हें से हाथों में थमा देते थे और हम ऐसे खुश हो जाते थे जैसे कि जमाने भर की दौलत मिल गई हो!.... कुछ ही देर बाद आते थे हमारे कुल्फी वाले भैया जिनके पास लोहे के अनगिनत सांचे होते थे जिनमें जमी हुई कुल्फी को डालकर आकर्षक रूप प्रदान करके (लम्बा और सिरे पर तिकोना वह नुकीला) हमें थमा देते थे!......to be continued
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    #the golden days♥️

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    वो दुनिया!( Part_1)

    वो दुनिया बचपन वाली....कितनी हसीं... कितनी प्यारी!
    सुबह मुर्गे की बांग से भी ज्यादा हमारे प्यारेलाल अंकल की आवाज से शुरू होती थी...चलो आपको बताती हूं उनके बारे में! उनके पास लकड़ी का बना एक अलग प्रकार का ही वाहन था जिसके बीच से दो भाग थे(पल्ले)...एक भाग में होता था क्रीमरोल जो उन दिनों हमारा अतिप्रिय था....और दूसरे भाग में नमकीन बिस्किट और जीरा...जी नहीं मसाले वाला नहीं...चाय के साथ खाने वाला... अंकल जी की गति इतनी उत्कृष्ट थी कि घर से कभी- कभी बिना चप्पल पहने ही मैराथन की गति से भागना होता था ताकि खाली चाय न पीनी पड़े!...............to be continued
    ©maakinidhi

  • pakeez 2w

    #the love of mine heart❤

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    A soul mate in a stranger

    Before I was a longer
    Always brooding in my own shelter

    Thought love would never stop for ever
    As i couldn't find someone that special lover

    Then I met you one summer
    For hours we set and talked each other

    Like old friends we were, I remember
    Funny that I could find a soul in a stranger

    I knew than I have found the prefect partner
    Someone I could love and cherish forever

    Now, my love has only grown deeper
    And life with you has never been sweeter
    ©pakeez

  • poet_holuwatoseen 2w

    #poets of mirakee #writers of mirakee # friends on mirakee #The world #heart feelings #read and like

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    Heart aches

    Illusion becomes my comfort zone
    as reality is being snatched away from me
    by my irrational thoughts of wanting to
    swim in the wild ocean of eternal solitude.

    Loudly, I can hear,
    the unfathomed aches in my head
    that drives me to the climax of disarray.
    Like a slave wrapped up in shackles,
    I transform into a captive in my own body
    as am engulfed and buried in the deep of rue.

    Breathing becomes such an arduos task
    even though I could hear my heart throb
    as if slammed against a hard wall
    Is this pain real or it's just a charade?
    or is it a mere figment of my imagination?

    A state of obscurity that propels me
    into a pool of languidness where time
    could not even play its role as a healer.
    Will this pain be subdued or fortified?
    I cry aloud to Almighty for healing.

    ©unbreakable_me12

  • poetibrah 2w

    #the tales of the unreciprocated love


    @aliyaazeez @azulonze

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    ©poetibrah

  • linefluencer 2w

    PERSONALITY

    Some say it's inborn,
    Some say it's formed.
    It's not what you worn,
    It's what you are on.

    ©linefluencer

  • fatty_07 2w

    ��
    .
    .
    .
    .
    .
    #the thing about pain
    @mirakee @writersnetwork

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    ©fatty_07

  • saint_luis 2w

    #the new revolution.

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    The more complicated life becomes, the more sophisticated you ought to be.


    ©SAINT LOUIS.