#thakuraain

22 posts
  • thakuraain 8w

    You

    I used to write poems of love, I used to write about you.
    I write poems of misery now, I still write about you.

    Look what you've made of me,
    Look what you've made me do
    You picked my broken pieces and made me whole again...
    And in no time, you broke my heart in two.

    I still write about you.

    I want to hate you, and I think I do too,
    But on days when I need strength to just breathe,
    My mind warns me but the heart still wants to run to you.
    My hands shiver,
    my lips quiver, and yet...

    I still write about you.

    ©thakuraain

  • thakuraain 30w

    आंसू सूख गए हैं, ज़ख़्म भी भर जाएंगे,
    स्याही सूख गई है, पन्ने भी भर गए है ।

    ये सताती हैं कभी कभी मगर यादें भी फीकी पड़ जाएंगी
    जनाब अब उमर होने लगी है, दो बाल भी सफेद हो गए है।

    ©thakuraain

  • thakuraain 36w

    रात के गहरे अंधेरे होते ही हैं रोने के लिए
    ताकि हम एक नई, उजली सुबह को साफ़ आँखों से देख सकें।

    ©thakuraain

  • thakuraain 43w

    आज गुलाब की लालसा नहीं है।
    इस पूरे हफ़्ते किसी तरह की उम्मीद किसी से भी नहीं है।
    सिवाए खुद के।
    खुद से एक वादा लेना है,
    एक सौदा करना है आज,
    ज़िन्दगी भर का।

    की क्यारियों में फूल खिलते रहे,
    की मौसमी धूप उन्हें मिलती रहे,
    और मेरे दिल को भी।

    की रंगीन गुलिस्तां आबाद रहे,
    की पंखुड़ियां बेवजह बिखरे नहीं,
    और मैं भी।


    ©thakuraain

  • thakuraain 48w

    ख़्वाहिशें कुछ ऐसी हैं...
    कि दे जाऊ इस चेहरे पर मुस्कराहट,
    हर एक पल को जीने की चाहत,

    सजा दू सुंदर पलों से यादों के बाग़
    तेरी लय पर बैठें वोह सारे राग|
    सुन री बिटिया, यह तेरा है जहां प्यारा
    पर तू है मेरा जहां सारा..

    ख्वाहिशें कुछ ऐसी हैं...
    जाना जाऊँ तेरे नाम से ओह री गुड़िया,
    कल ही तोह तूने उड़ान भरी थी..
    और आज उड़ भी गई कोसों दूर मेरी चिड़िया..

    तुझे रोका नहीं कभी ना कभी रोकूंगा,
    तेरी याद आई तो बस ज़रा सा रो लूंगा।
    यह। तेरा सफर है तुझे ही पूरा करना है,
    पर मैं चुपके से एक पोटली प्यार की भेज दिया करूंगा।

    जिस दिशा को तू जाए, जीत का परचम लहराए,
    और जो ना हो ऐसा, कुछ नया सीख कर ज़रूर आए
    ख़्वाहिशें कुछ ऐसी हैं...

    ©thakuraain

  • thakuraain 59w

    हम तोह दुनिया घूमने निकले थे जनाब...
    जाने कब यह दुनिया हमें घुमाने लगी।

    ©thakuraain

  • thakuraain 69w

    Kanha

    Fir mili Radha jab Kanhaiya se,
    Beh gayi fir yamuna, is baar ankhiyo se..

    Dwarkadheesh na pukaro, mai toh tumhara kanha hu,
    Sab hai mere fir bhi tum bin tanha hu!

    Pi kar apne aansu boli Radha,
    Kahaa rahe ab tum wahi Kanha?

    Ussey toh tum kab ka peeche cchod gaye,
    Yamuna k meethe paani se shuru hue, samudra k khaare paani tak pahuch gaye.

    Aaj bhi duniya ko tumhari baansuri yaad hai,
    Kaise us dhwani ki or daudi aati thi mai..
    Par shayad ek ungli par sudarshan chalate chalate, tum apni das ungliyo ko baansuri par wapas rakhna bhool gaye.

    ©thakuraain

  • thakuraain 74w

    उनका और मेरा रिश्ता गर्मी में चाय पीने जैसा है, दूसरों को अटपटा लगता है , मुझे सुकून देता है।

    आज फ़िर दूसरों की टिप्पणियों को "फूं" कर दिया, आज फिर एक कप अपने होठों से लगा लिया।

    ©thakuraain

  • thakuraain 76w

    जी लो जी भरकर आज तुम्हारे नूर में, लेकिन ना रहना अपने गुरूर में।
    आज जो खूबसूरत है, कल उसे भी ग्रहण लगना है।

    ©thakuraain

  • thakuraain 86w

    ज़िन्दगी

    ज़िन्दगी बहुत अनमोल है, इसे खैरातओं में मत बाँट...

    जब एक चुटकी में गुज़र जाएंगे ये खुशनुमा पल,
    तो गामगीन पलों की क्यूं बांध बैठी है गाँठ ?

    सूरज की रोशनी भी है, है चाँद का नूर भी
    चल उठ, अपने मन के अंधेरे कमरे से बाहर निकल भी|

    ज़िन्दगी सिर्फ एक कठिन खेल है, ऐसा तय नहीं है,
    तू इस खेल कि कच्ची खिलाड़ी है, ये सच कतई नहीं है|

    कारवां आते जाते रहे हैं इस रास्ते पर,
    ये रास्ता कभी किसी के लिए रुका नहीं है |
    तू चलती जा, तेरा दिल अभी थका नहीं है |

    मुश्किलों में पूरी खर्च मत हो जाना,
    वह सिखाने आई है तुझे सफलता का पाठ
    ज़िन्दगी बहुत अनमोल है, इसे खैरातओं में मत बाँट।

    - ठकुराइन
    ©thakuraain

  • thakuraain 87w

    Aao chai par milte hai,
    woh galatfahmi ki jo daraarein padh gayi hai na humare beech, aao un par baaton ki putti bharte hai.
    Aao, chai par milte hai

    ©thakuraain

  • thakuraain 93w

    A beautiful fly

    Like a beautiful fly, fluttering in a glass jar,
    Sure it all looks pretty from afar.

    Caged, trapped, tied down with shackles,
    I'm lost amidst this tornado of debacles.

    Imprisoned by my own indecision,
    It's all too much to take, this transition.

    From a caterpillar to this colorful butterfly,
    After each stage, the cages multiply!

    I keep wondering if this will ever end?
    Will these different parts of my life ever blend?

    How do I even begin to pick a life that's the best,
    If it's the choices that I truly detest?

    How do i soar, steadily aim to fly high,
    When this life feels like that of a firefly?

    Like a beautiful fly, fluttering in a glass jar,
    Sure it all looks pretty from afar.

    ©thakuraain

  • thakuraain 97w

    सोचती हूँ कि

    सोचती हूँ कि तुम्हे छोड़ दू ,  
    मुझसे नाता तोड़, खुशियों से तुम्हे जोड़ दू ,
    मुस्कुराहटों से तुम्हारे होठों को ऊपर की तरफ मोड़ दू |

    तुम कहते हो कि मैं खुद पर कठोर हूँ ,
    कि मैं वो काली रात के बाद वाला भोर  हूँ ,
    तुम्हारी खुशियों के मोती को पिरोयी हुई डोर  हूँ  
    फिर भी सोचती  हूँ कि तुम्हे  छोड़ दू |

    दिल कहता है तुम्हारे नाम की चुनरी ओढ़  लू ,
    लेकिन मैं अपने ही दुखों से सराबोर हूँ ,
    तुम्हारे साथ चलने के लिए बेहद कमज़ोर हूँ
    इसलिए, सोचती हूँ कि तुम्हे छोड़ दू |

    ग़मगीन हूँ कुछ सदियों  से ,
    डर लगता है कही तुम्हे न तोड़ दू
    आज सोचा तुम्हे बोल ही दू
    कि तुम्हारी खुशियों के लिए ,

    सोचती हूँ कि तुम्हे छोड़ दू  |

    ©thakuraain

  • thakuraain 99w

    HER

    And when she refused your help and started to look out for herself,
    You questioned her CAPABILITY.
    And when she no longer sought validation to do what she loved,
    You called it INSANITY.
    And when she let herself loose from your ideas of an "ideal" her,
    You doubted her DIGNITY
    And when she loved herself in ways she knew how,
    You called it VANITY

    I am HER.
    Every woman is HER.

    And our jar of flying fucks to give is now EMPTY.

    ©thakuraain

  • thakuraain 105w

    "An eye for an eye will make the world go blind" they say.

    If this is how I'll be safe in this country,
    Go on, make the work blind I say!

    "Sharam hi aurat ka gehna hai",
    they say.

    If having different body parts than you makes me vulnerable,
    Sharam tumko aani chahiye, I say!

    Take care of your dicks, we'll be safe!
    Call out their behavior which is sick, we'll be safe!
    Make the law strict, we'll be safe!

    And above all, STOP suffocating us with your patriarchal ideas of safeguarding women, and instead make yourself & the ignorants aware and then
    WE WILL BE SAFE!

    ©thakuraain

  • thakuraain 107w

    He's a Man

    He's a man.
    He's aware of the different fragrances & lotions
    He knows of the various colour options
    He's at peace with his emotions..
    Yet he's a man.

    He's a man
    He's not disturbed by the women of power
    He appreciates the beauty of a flower
    He is gentle in his demeanor
    Yet he's a man

    He's a man
    He's soft spoken and his actions are loud
    He's seen crying sometimes away from the crowd
    He's true to himself and that makes me proud

    He doesnt fit in the forced image of patriarchy, yet he's a man.

    ©thakuraain

  • thakuraain 108w

    तुम्हारे लिए

    कुछ शोर सा हैं मन में,
    ऐसा जो काच्ची नींद से जगा दे और फिर सोने ना दे |

    कुछ सवाल भी हैं दिल में,
    ऐसे जिनके जवाब कई और सवाल खड़े कर दे |

    कुछ बातें भी अधुरी हैं,
    ऐसी जो अगर कह दूँ तोह डरती हूँ की वो हमारे बीच खामेशी ना ला दे ...

    जब तुम कहते हो ना कि जाने कितने राज़ चिपे हैं मेरी मुस्कान में , मैं फिर मुस्कुरा देती हूँ ...

    तुम्हारे लिए |

    उन तामाम बातों , सावालों और शोर को अपनी मुस्कान की ओट में छिपा लेती हूँ ...

    हर बार , बार बार ...

    तुम्हारे लिए |

    ©thakuraain

  • thakuraain 119w

    Tum Kaafi Ho

    Meri chai patti khatam ho jaane par jis packet par nazar jaati hai, tum wahi favourite coffee ho..

    Tum kaafi ho

    Adulting k chalte raah mei aane wali mushkilo se jab mai toot si jaati hu, tab mujhe bachpan ki yaad dilane wali toffee ho

    Tum kaafi ho

    Humari ladai mei meri unchi awaz se tumhara Dil toot jata hai, aur pachtave k chalte jab mai chuppi saadh leti hu, tum us waqt ki bin maangi maafi ho

    Tum kaafi ho

    Jab jab is safar mei khud Ko akela paati hu, tum kisi na kisi tarah yaad dila hi dete ho ki tum mere liye ...

    kaafi ho :))
    ©thakuraain

  • thakuraain 126w

    जाने क्या तलाशती है उसकी आँखें
    जाने कितने सवाल है दफ़न उसके मन में |
    उम्मीद भी अब हारने सी लगी है ,
    बुझे न जो, यह कैसी तिश्नगी है ?

    पूछ रही है दुनिया से ख़ुशी का पता
    हर कदम के उठते हो रही है और भी लापता |
    छूट रहा है साथ अपनों का
    दिल भी हो गया है मोहताज ग़ैरों का

    ख़िज़ाँ का मौसम बदलता ही नहीं ,
    बगिया में अब गुल कोई खिलता ही नहीं
    जाने क्यों रंज से भर गयी है साँसें
    बस एक मुस्कराहट ही तो तलाश रही थी वह आँखें

    ©thakuraain

  • thakuraain 146w

    Vision in White

    You picked my broken pieces from the ground,
    "The puzzle isn't that twisted, look hun. Turn around!"

    Long before I had an audience listening to me, you heard me, eased out the pain & set me free.

    Scared, this rabbit kept falling deep in her hole, the un-ending spiral of self doubt and some more
    Until one day.
    And the day after.
    Everyday, with your warmth,
    you made her realise what a lioness she was, helped her find her roar.

    The smell of fear, fear of the unknown,
    Familiarity with my soul left forlorn..
    It keeps coming back and haunts me
    My reflection in the mirror taunts me.

    It is a dark place to be in, with no one in sight,
    It try and try and try, almost decide to give up the fight.

    Right then you come back, as my vision in white.
    My never ending respite, my vision in white.

    ©thakuraain