587 posts
  • yasirahmad_ 5w


    Rain always effectuate joy, hope and
    It Refreshes each and everything
    Everyone sends good tidings to these
    Small diamond-shaped droplets,
    Be it an insect or a giant tree,
    Every part of mother nature is dancing
    With joy, everyone is celebrating
    This moment till it's going to last,
    Summer was unkind with these
    Little bugs and shrubs, now they are
    Standing out in the rain with their
    Hands pointing up towards the sky
    And making merry with their loved ones,
    They're joined by two lions, by their
    Size and shape they appear as father
    And son, they are dancing, playing and
    Splashing the water from the potholes
    There is a stream running next to them
    They jumped into it, and son
    Climbed on his fathers back, trying
    To hold on to the mane of his father,
    One can easily assume they've
    Met each other again after
    A very long time, while watching
    Their play, Others are joining them too,
    Celebrated their union, and
    They are now happily together.


  • bclark2681 7w


    Born of infant and innocence
    Now before eyes of disbelief
    Blooms young man important

  • reshma_kausar_mohideen 8w


    I am the princess of roads and streets,
    Wrapped in the velour of dirt, my personality greets,
    I do not have a diamond tiara adding to my grace,
    The only jewel I wear is my emarald eyes and smiling face.

    The harshness of the passers by couldn't snatch my charm,
    A bowl of hopes in one and nurturing starvation in another arm,
    I swallow my thirst like a glass of old wine,
    Waited all my life for a miraculous turning point of mine.

    O! But so stupid was I, never knew, never ever realised,
    Dreams aren't meant for the eyes, with poverty that are paralysed,
    He used to pass daily through that lane in his car,
    Dropped more than I desired in my bowl of scar.

    He claimed that he loved me and his love was true,
    He was the prince Godsend to pull me out of my days of blue,
    Very soon I sat next to him in the car, crossing the same streets,
    Not for begging, but enjoying his sweetness, lovely treats.

    We completely forgot that we were still unmarried,
    We lived our lives like a couple, his child I carried,
    But destiny was a foe and remained until last,
    It dugged out my misfortune and enliven my past.

    He broke all promises and merged with the soil,
    A major car accident was the reason for the spoil,
    Months passed by and my labor hit me finally,
    I became the mother of a son whose father silenced eternally.

    The unborn I carried, didn't abort though I had the option,
    As I didn't want to kill the sign of my love, resting peacefully,
    Breast-fed my baby once before giving away for adoption,
    To a barren couple who would give all the luxuries to my son, like a royal family.


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  • inchoate_ananta_upadhaya 10w


    तुझ सा कौन हैं? माँ
    जो मुझे समझता है।।

    तू दिख भी जाए तो
    हर गम भूल जाता हूँ।।

    तेरा नाम ही पुकारने से
    हर चुनौती आसान हो जाती है।।

    वो प्यारी सी पुकार
    जग अंधेरा दूर कर देती है।।

    वो भोली सी मुस्कान
    स्वर्ग द्वार खोल देती है।।

    वो हल्का सा स्पर्श
    नई उमंगों से भर देता है।।

    हाँ! माँ तू ही तो है
    जिसने हर वक़्त साथ दिया है।।

    तूने ही तो हर उलझन
    हाथ पकड़ पार कराया है।।

    मेरा आज भी तू है
    मेरा कल भी तू है।।

    मेरी हर परेशानी का
    हल भी तू है।।

    हाँ! माँ मेरा सारा जग
    तू ही तू है।।

    हाँ! माँ मेरी हर श्वास
    तू ही तू है।।


  • krishnakantrai 12w

    पिता का दर्द

    जब पुत्र अपने जीवन में पिता के योगदान पर सवाल करता है,  तब पिता कुछ इस तरह जवाब देता है :

    उस खुशी का वर्णन मैं कैसे करूं?
    जब तुम्हारी मां ने तुम्हें जाया था ।।

    दिन भर सीने से चिपकाए रहता ।
    मोहल्ले में मिठाई भी तो मैंने ही बटवाया था ।।

    जो उंगलियां तुम्हें आज खिन्न करती हैं।
    इन्हीं उंगलियों ने तुम्हें चलना सिखाया था ।।

    उस दिन मेरी खुशी सातवें आसमान पर थी ।
    जब तुमने पहली बार मुझे 'पापा' बुलाया था।।

    पर मुझे क्या मालूम था।
    कि मैंने अपनी खुशी का हिसाब मंगवाया था।।

    जिन सवालों के दोबारा पूछने पर तुम विकल हो जाते हो।
    उनके ही जवाबों को मैंने हजार बार दोहराया था।।

    जो आवाज आज तुम्हें व्याकुल करती है ।
    उन्हीं आवाजों ने तुम्हें लहजा सिखाया था।।

    जब लोरी सुनाने में अक्षम थी तुम्हारी अस्वस्थ माँ।
    इन्हीं आवाजों ने तुम्हें राजाओं की कहानी सुनाया था।।

    कड़कड़ाती धूप में मना करने पर भी खेले थे तुम ।
    अस्वस्थ होने पर आंसू भी मैंने ही बहाया था।।

    तुम्हारा एकमात्र एहसान है मुझ पर।
    इस पिता रूपी महल को तुमने ही महल बनाया था।।

    तुम्हारे इच्छानुरूप, ना यह महल रहेगा।
    ना रहेगा यह संसार जिसे हमसब ने बनाया था।।

  • anuradhasharma 13w

    कहते है , मर्द रोते नहीं !
    ऐसा रोना देखा है , जिसमे आसूं नहीं ।
    कहते है , मर्द को फिक्र नहीं !
    ऐसा फिक्र देखा हैं , जो अंदर ही अंदर खाती ।
    कहते है , मर्द की कमाई पता नहीं चलती !
    ऐसी कमाई देखी है , जिसमे हिस्से ही हिस्से दिखती ।
    कहते है , मर्द रोते नहीं !
    ऐसा रोना देखा है , जिसमे चीख नहीं ।

  • hidden_emotions10 13w

    Time is a factor controlled by none. Every situation that time brings in has its own importance. So here's a poem from a helpless son's heart who never could let his feelings speak out - "Kyun mai bol nahi pata tha.."

    Kyun mai bol nahi pata tha…
    Ki kadam kuch saath unke chalna tha…
    Sayad waqt ne aaj yahi maanga tha…
    Isiliye mai akele khara tha…

    Kyun mai bol nahi pata tha…
    Ki aapko mai ab bhi khoj raha tha…
    Sayad waqt ne aaj yahi manga tha…
    Isiliye mai khudko adhura hi pura smjh rha tha….

    Kyun mai bol nahi pata tha…
    Ki shukraguzaar tha hamesa main aapka…
    Sayad waqt ne aaj yahi manga tha…
    Isiliye aapko wo ehsaas karana tha…

    Kyun mai bol nahi pata tha…
    Ki khush toh mai bhi nahi tha…
    Sayad waqt ne aaj yahi manga tha…
    Isiliye chehre pe muskaan hamesa rehta tha…

    Kyun mai bol nahi pata tha…
    Ki aapse mai utna hi pyar krta tha…
    Sayad waqt ne aaj yhi manga tha…
    Isiliye khud ko kamjor na hone dena chahta tha…

    Haa mai aapko bol nahi pata tha…
    Isiliye khud me hi bahut pachtata tha…
    Sayad waqt ne aaj yahi manga tha…
    Haa waqt ne mere se aaj yahi manga tha…

    #life #situations #helpless #lost #son #father

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    Kyu nahi mai bol paata tha...!

    (Read in caption - A poem from a helpless son's heart who never could let his feelings speak out)


  • anujtalks 13w

    Lots of love to my Papa ❣��
    Happy Father's Day
    #father #fathersday #son #love #feelings #hiddenfeelings #bond #fathersonbond

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    Warrior Papa

    Mushkile hajar to mene bhi dekhi h
    Pr ruk jana mere papa ne nhi sikhaya

    Gir k uthne m samay to lagta h
    Pr unse haar jana mere papa ne nhi sikhaya

    Dhundh leta hu rasta mushkilo se ladne ka
    Kyuki tut k bikhrna mere papa ne nhi sikhaya

    Wo ladte rhe jindagi bhar mushkilo se
    Mujhe ladna or kisi ne nhi sikhaya

    Vaqt tod deta h Insaan ko
    Pr Wo khade h apne parivaar k liye
    Kyuki shyd dard se ruk jana unke papa ne bhi nhi sikhaya

    Shayad mene kabhi na bola ho pr
    Mushkilo se ladna bs mujhe aapne hi sikhaya... love u papa


  • angel_sneha 17w

    �� _______ लड़का होना आसान नहीं _______ ��

    करते है फरमाईशे पूरी ये सबकी,और अपनी जरूरतो का जिक्र तक नही करते

    जी हाँ ये लड़के ही है जनाब जो उठा रखते है जिम्मेदारियाँ कंधो पर मगर उफ तक नही करते

    यू तो दिल में समंदर भरा है इनके पर आँखो मे कभी नमी नही होती
    और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती

    घर मे बड़े है या छोटे कंधे हमेशा जिम्मेदारियो से भरे रहते है
    अपने परिवार की ही खातिर ये अपनो से दूर रहते है

    घर वाले परेशान ना हो इनकी फिक्र मे इसलिये फोन पर हर बार मै ठीक हुँ ही कहते है

    लड़की की विदाई मे तो जमाना रोता है और इनके घर छोड़ जाने की चर्चा कुछ खास नही होती

    जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती

    माँ के लाडले बेटे है बेशक पर अपनी अलग पहचान बनानी पड़ती है
    एक नौकरी की खातिर सैकड़ो ठोकर खानी पड़ती है

    कभी हर बात मे ढेरो नखरे होते थे जिनके बाहर रह कर सारी फरमाईशे भुलानी पड़ती है

    कुछ लड़को को जरूरते जगाये रखती है और कुछ को जिम्मेदारियाँ सोने नही देती

    जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती
    किसी भी हालत मे उलझने इनकी कम नही होती

    जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती

    किसी भी हाल मे शांत रहने का हुनर इनमें कमाल होता है
    चीजो को सोचने समझने का नजरिया भी बेमिसाल होता है
    छोटी छोटी बातों पर ये अपना धीरज नही खोते

    पर इसका ये मतलब नही इन्हे दर्द नही होता या इनके जज्बात नही होते

    परेशानियाँ तो इनकी राहो मे भी आती है,पर उनसे इनकी हिम्मत कभी कम नही होती

    जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती

    यारो के ये यार कहलाते है,निभाते है ये साथ तब भी जब सब साथ छोड़ जाते है

    घर मे पापा के सामने जिनकी जुबां नही खुलती,वो बाहर निगाहो से ही कमाल कर जाते है

    माँ बहन बेटी गर्ल फ्रेंड सब से हर रिशता बखुबी निभाते है
    दोस्तो की दोस्ती से बढकर इनके के लिये कोई चीज नही होती
    जितना सोचते है हम जनाब लड़को की जिंदगी उतनी आसान नही होती ....... ��

    #boy #sad #inspirational #motivational #ladka #son #life #struggle

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    Itna aasan hota hai kya ek ladka hona ??



  • utkarsh_sinha 17w


    No one knows the intricate nature of my mind more than myself, thus making me a perfect victim and a perfect torturer.

    It is the most unsettling thing to comprehend that you are the one that can inflict the maximum amount of pain on yourself ,but it's the truth...

    I am amazed by the past , I can dig up the past and I can bury them just as easily...I deprive myself of love as punishment and isolation becomes my only prize. Pain rewards more pain.

    A unidirectional route to detoriation . I break down till all my pieces see the sun differently, til I lose almost everything I had when my mother brought me to this earth.
    I'm so sorry mother, I know you love me unconditionally, but I wish I was a better son for you to love.

  • uttertheflutter 17w

    My Father Sahab taught me to live

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  • shubham_20 18w


  • thefangirl 19w

    The Confession -2

    അമ്മയ്ക്കും കിട്ടും ലീവ് ആഴ്ചയിൽ ഒരിക്കൽ. പക്ഷേ അന്ന് സ്കൂളിൽ പോകേണ്ട ദിവസമാണെങ്കിൽ പിന്നെ എന്ത് കാര്യം. സ്കൂൾ ഇല്ലാത്ത ദിവസം ആണെങ്കിൽ ഭയങ്കര സന്തോഷം. കൊറോണ വന്നപ്പോൾ കേക്കും ഡാൽഗോണ കോഫിയും ചില്ലിങ് വിത്ത്‌ ഫാമിലി സ്റ്റാറ്റസും കണ്ടു. സത്യം പറഞ്ഞാൽ കൊതിയായി പോയി. ഇവിടെ അമ്മയുടെ സാമിപ്യം വീഡിയോകോളിൽ ആണല്ലോ. കൊറോണ ഭീതി വേറെയും.
    പക്ഷേ പത്തു വയസ്സുകാരിയിൽ ഇരുപത്തിരണ്ടുകാരിയിലേക്ക് ഞാൻ വളർന്നപ്പോൾ ഇന്നെനിക്കറിയാം അമ്മയുടെ ജോലിയും അതിന്റെ പ്രാധാന്യവും അതിനായുള്ള അർപ്പണവും. ഇടക്ക് അമ്മയുടെ ജോലിസ്ഥലത്തേക്ക് പോയപ്പോൾ രോഗികളിൽ ഒരാൾ എന്നോട് അമ്മയെക്കുറിച്ചു പറഞ്ഞ വാചകങ്ങൾ അത് ഒരു മകൾ എന്ന നിലയിൽ എന്നിൽ ഉണ്ടാക്കിയ ചലനം. കൂടെ ജോലി ചെയ്യുന്നവർ ഷൈനി സിസ്റ്ററെകുറിച്ച് പറയുമ്പോൾ, അമ്മയുടെ മകളായ എന്നോട് സ്നേഹം കാണിച്ചപ്പോൾ എല്ലാം ഉള്ളു നിറഞ്ഞു. വയ്യെങ്കിലും ക്ഷീണമുണ്ടെങ്കിലും ഡ്യൂട്ടിക്ക് പോകുന്ന അമ്മ, കണക്കെഴുതാൻ ഉണ്ടെങ്കിൽ ഡ്യൂട്ടിസമയം കഴിഞ്ഞും അത് തീർത്തു വരുന്ന അമ്മ, ലേബർ റൂം ഡ്യൂട്ടിയിൽ ഓരോ കുഞ്ഞിന്റെയും ഈ ഭൂമിയിലേക്കുള്ള വരവിനെ തൊട്ടറിയുന്ന അമ്മ, കൊറോണ ഡ്യൂട്ടിക്ക് ബാഗ് പാക്ക് ചെയ്തു സന്തോഷത്തോടെയും അഭിമാനത്തോടെയും പോകുന്ന അമ്മ, വീട്ടിലെ ജോലികൾ എല്ലാം ഭംഗിയായി തീർത്തു കൃത്യസമയത്തു ഡ്യൂട്ടിക്ക് കേറാൻ സ്ഥിരം ബസ് കിട്ടാൻ വീട് മുതൽ ബസ് സ്റ്റോപ്പ്‌ വരെ ഓടുന്ന അമ്മ, അടുത്തുള്ളവരുടെ മുറിവ് വച്ചു കെട്ടാനോ രോഗവസ്ഥ നോക്കാനോ വിളിക്കുമ്പോൾ പാതിരയെന്നു പോലും നോക്കാതെ പോകുന്ന അമ്മ..... ഇതെല്ലാം ചെയ്യുന്ന അമ്മയാണ് എന്റെ inspiration, അമ്മയാണ് എന്റെ Hero.

  • sonoftheword 21w


    Eminent is her beauty
    Radiant is her face
    Her voice, oh what a perfect blend of melodies, inspiration and purity
    Embodied within her are treasures
    Beating within her chest are prosperity for her own
    Encamp around her are riches
    The hearing of her song sound track our hearts to sing on and on
    Her perfect blend of colors, attract from every angle
    Washing her street clean by her tears
    Mother to all nations
    Every part in her reflect her nature, emanating her beauty flame in it full capacity ,
    Worth millions of inspiration is her smile
    With her name worth her personality, yet she is misrepresented with a name (The dark continent).
    She hold on to herself, flourishing in her full potential,
    Lighting up her world with the flames of her beauty leaving no darkness
    Never ashame of herself
    With a loud voice she cries to her own,
    With a heavy heart she hope
    With a wounded soul she await healing and wholeness
    To all my own, to every name representated in my heart
    I love you and will forever be your home
    Awake! Awake!! Awake defend our worth, values and potential.
    I am Mama Africa, home of peace and beauty.

    #son of the word

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  • shubham_20 22w

    Chacha kya chachi acchi hai

    Kabhi kabhi woh kaat deti hai


  • shubham_20 23w

    Papa mujhe McDonald's khana hai

    Beta kya yehi kaam baki rah gaya hai mere zindagi main


  • reshma_kausar_mohideen 24w


    Life of a tender soul in the cruel hearth of reality was being spent,
    Eyes radiated innocence, helpless hands, thoughts pure and clean,
    More than the number of heart beats his life had lent,
    Struggling in the bloody pool of wounds, his mother, he had seen.

    From the hole of the torn bedsheet he was comforted,
    He witnessed her being kicked and beaten to bleed,
    She begged and pleaded as her son's life was to be sorted,
    Didn't calm rather ignited, her tolerance acted as a gleed.

    He was lost in the realms of dreams,
    They were not fair to him though,
    Bloody hands causing squeaky screams,
    Strings of his reality held the kite of his dreams low.

    This night was not any new than others life served him,
    Jars of sins and violence bursted, filled upto the brim,
    Lightening of rebel radiated through his eyes, for the first time,
    That soft voice roared fearlessly to curb the domestic crime.

    He lied on her back to share the beatings by his father,
    Was thrown out of that sinful hut, wiping the blood on her bruised face,
    He cloistered her trembling body in his tiny arms and lent a whisper,
    "I'll will never ask for bread or toys maa but let's not ever go to that place."


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  • hrkhanhk 24w

    My loving Parents

    Meri jagah to zameen thi
    Lekin unhone kabhi ehsas hone na diya..

    Hamesha bankar rahe upar chat mere
    Kya hoti hai dhup, kabhi ehsas hone na diya...

    Mjhe to hamesha barish achi lagi..
    Kya hoti hai gam ki barish, kabhi ehsas hone na diya...

    Aj bhi ungli pakdi hui hai meri
    Kya hota hai Girna, kabhi ehsas hone na diya...

    Jab jo manga usse jayda diya...
    Kya hoti hai Jeb tang, kabhi ehsas hone na diya...

    Meri jagah to zameen thi..
    Lekin unhone kabhi ehsas hone na diya...

    Ab mai aur kya bolunga, kya bayan karunga...
    Bas itna kahunga..

    Bayan karu tmhra martaba, to meri zindagi choti hai..
    Bayan karu tmhari tareef, to meri dictionary choti hai..

    Dedicated to My loving parents.

    HR khan

  • bclark2681 28w

    *Written for my son when he turned 16 years old a couple of weeks ago. Such a celebration. Now, I feel old.
    #pod #MirakeeNetwork #writersnetwork #writersbureau #mirakee #mirakeeworld #thewriterstribe #writerstolli #poetry #writersbay
    #16 #sixteen #son #boy #birthday

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    Sixteenth marked in black and gold
    Rising balloons, falling adolescents
    Not sweet but manliness ambitions
    Prepared, adult quickly approaches

  • seraiah_smiles 29w


    You have witnessed 'em all,
    O, walls.
    You have dried my tears,
    O, my bed sheets.
    O, joyful, smiling angels in the painting,
    I know you always saw my silent crying.
    If only...
    If only this heart of mine could break the 'walls,'
    And these feet could run up to you... to
    If only you were my
    House's walls,
    Bed sheets,
    Then my burdened heart, in spite the 'walls,'
    May as well sprint to a compassionate
    Like in a reunion between
    A loving father
    And a prodigal son.