#si

55 posts
  • badnaamshayar777 8w

    Jab tu hoti mujhse juda si

    जब तू होती मुझ से जुदा सी
    तेरी यादों में क्यों घुट के मरता
    जो तू होती मेरी कहानी तुझको
    भी तो में संभाल के रखता

    ©badnaamshayar777

  • onlyanjali_gapat 46w

    �� #SIजीवनचक्रकोसमझना is out
    for collab by Sublime Inscriptions ��

    �� We invite you to engrave on our
    beautiful picture with your sublime inscriptions ��️

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    .

  • rambhakt_ravan9000 47w

    U can't be scape....

    Hey I m chill
    And I completely compromise with ur
    All disitions . because I know u never be
    Wrong. and don't disturb at any condition dear ,
    U r very much good beautiful most best
    Sweet and so on.......
    Khus rho mst rho milte hai kabhi aage
    Abhi to puri life hai yr
    Ab ek hi rasta hai we haves
    That we gain anything aisa ki ghr pr kisi k na picche ki lover hai kaisa
    That's joke
    Ok mst rho aur weight km kr nhi to dba jayenge yr chatni bn jayenge

  • vswrites97 82w

    Tumne Kaha tha

    तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना
    नैपी जब मैं बदलती हूं तुम दूध की बोतल भर दो ना
    बस यूं ही एक हैं एक हैं  करके कहां ज़िंदगी चलती है
    कभी तुम भी सर दबा दो मेरा, ये भी कमी एक खलती है
    जब मैं भी ऑफिस जाती हूं, तुम भी घर को संवार दो ना
    तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना

    मत करो वादे जन्मों के, इस पल ख़ुशी की वजह दो ना
    कभी बाज़ारों से ध्यान हटे, तो मकान को घर भी कर दो ना
    आओ पास बैठो, कुछ बातें करें, कभी दिल के ज़ख्म भी भर दो ना
    क्यों कहना भी पड़ता है ये, तुम एहसासों को समझो ना
    तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना

    तुम क्रिकेट भी अपनी देखो और मैं सीरियल अपना लगाऊंगी
    थोड़ा हाथ बंटा देना, मैं जब किचन में जाऊंगी
    सब मिलकर साथ करने की हममें ये भी तो क्वॉलिटी है
    हम साथ खड़े हैं इक-दूजे के, हल ही जेंडर इक्वॉलिटी है
    तुम भी नए से हो जाओ अब, और नई सी मुझको उमर दो ना
    तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना
    ©Divyadutta&Dr.Rahuldutta

  • vswrites97 82w

    मै भी "मजदूर"

    क्या तुम्हे दिखता है वो दर्द जो हमारी आंखो से छलकता है?
    या फिर तुम भी बेदर्द हो इन सरकारों की तरह?

    मजदूर हूं तभी तो मजबूर हूं!
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    मोहब्बत में कुछ इस कदर इम्तहानों से गुजर रहा हूं
    भूल चुका हूं सब कुछ बस उसके सवालों के जवाब ढूंढ रहा हूं...
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    आज फिर तुझसे सिर्फ़ एक दरख्वास्त है
    "मेरी मोहब्बत को दिल से परख के देख
    दिमाग़ से नहीं"
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    हर रोज़ अब मां का एक ही सवाल होता है
    "तू इतना ख़ामोश क्यों रहता है?
    अब तू ही बता! उसे बतलाऊं क्या?


    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    कभी-कभी सोचता हूं कि उसे कैसे में अपना बना पाऊंगा?
    उसकी जान तो उसकी मां में बसती है फिर उस मां को
    यूं तन्हा छोड़ में अपने सपने कैसे सजा पाऊंगा?
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    कहा शौक था मुझे लिखने का ! ये तो उसकी मोहब्बत है
    जो अक्सर कलम उठाने पर मजबूर कर देती है....
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    जब से मैंने उसे क़रीब से जाना है,
    तब से उसकी फ़िक्र,कद्र,इज्ज़त
    और मोहब्बत का अलग पैमाना बनाया है...
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    ❣️

    अब तक जिसे में किस्सों-कहानियों में खोजा करता था
    वो तलाश मेरी तुझ पर जाकर खत्म हुई....
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    शायद! में उसे अब तक समझ नहीं पाया हूं
    मोहब्बत में हूं मगर दिल के करीब नहीं जा पाया हूं,

    मगर मैं करू भी तो क्या ?

    ना वो कुछ साफ साफ कहती है
    ना कभी मेरी कोई बात सुनती है
    बस कभी उदास तो कभी ख़ामोश रहती है,

    कभी कभी लगता है कि मेरे लिए लिखती है
    या फिर पुराने दर्द के पन्नों को पलटती है?

    बहुत उलझन में हूं उसके इस मिजाज़ से
    मगर मोहब्बत पूरी है उसके हर एहसास से

    ए खुदा कभी तू भी उसे समझा
    वो सिर्फ तुझ पर यकी करती है
    थोड़ा यकीं मेरी बातों का भी करा,

    की वो यूं मुझे अनदेखा ना करे
    जो है वो साफ़ साफ लिखे
    बस यूं गुमराह ना करे,

    मैं यकीं दिलाता हूं कि उसकी हर
    उलझन में उसका साथ दूंगा
    उसकी हर ख़ुशी हर गम में शरीक रहूंगा...
    ©vwrites97

  • vswrites97 83w

    सुन! तेरे शहर में ख़तरा बढ़ रहा है
    तू जरा एहतियात बरतना
    यहां सब खैरियत है
    तू वहां अपना खयाल रखना.....
    ©vswrites97

  • vswrites97 83w

    मोहब्बत है तो अब इसे झुठलाऊ कैसे?
    तू ही बता अब तुझे भूलाऊ कैसे?

    हर रात अकेले बैठता हूं तेरी यादों के शहर में
    अब तुही बता ये शहर छोड़ भला जाऊं कैसे?

    ढूंढता रहता हूं तुझे हर गली हर मोहल्ले में
    अब तेरे घर का पता में लगाऊं कैसे?

    ये शहर अजनबी लोगो से भरा है मेरे लिए
    तेरा नाम लेकर इस शहर में मका बनाऊ कैसे?

    यहां सुबह का मंज़र आसमानी सा दिखता है
    रात में ये शहर खूबसरत कहानी सी कहता है,

    मैं दर-बदर तेरी तलाश में कुछ यूं भटकता हूं
    कभी सड़कों पर तो
    कभी इन रग बिरंगे मकानों में तुझे ढूंढता हूं,

    दिनभर से हारा में कभी मंदिरों तो
    कभी मस्जिदों में रात बसर कर लेता हूं,

    हां रखी है कुछ तस्वीरें तेरी मेरे पास
    मगर में किसी को तुझे दिखाने डरता हूं
    तू खूबसूरत बहुत है तुझे में लोगो की
    नज़र लगने से हर दम बचा लेता हूं,

    कभी खबर मिले तुझे भी मेरे यहां होने की
    तो एक बार मिलना जरूर अगर मिले मुझसे
    तो पल दो पल मेरे पास ठहरना जरूर

    तुझसे बहुत सी बाते भी करनी है
    बथेरे किस्से कहानियां तुझे कहनी है

    फिर एक दिन में जरूर वापस लौट जाऊंगा
    वादा रहा फिर कभी लौटकर नहीं आऊंगा

    लेकिन फिर भी कुछ बाते गले में अटकती है
    की तुझे खो कर में ज़िंदा रह पाऊंगा कैसे?
    मोहब्बत है तो अब इसे झूठलाऊ कैसे?
    ©vwrites97

  • vswrites97 84w

    वो तिल ❣️

    कहना तो बहुत कुछ था, मगर हर बार बात तेरे चेहरे के
    उस छोटे से तिल पर आकर ठहर जाती थी, जाने क्यों
    हर बार मुझे अपनी तरफ़ खींचता था...
    ख़ैर
    याद है मुझे आज भी वो दिन जब मैंने पहली बार तेरी तस्वीर
    को देखा था,
    जाने क्यों तेरे चेहरे से ज्यादा मुझे तेरे उस छोटे
    से तिल के खयालों ने मुझे घेरा था,
    या फिर शायद! तेरी आंखो में ही कोई राज़ गहरा था,
    अब उलझन ये थी कि मुझे
    मोहब्बत हुई थी या सिर्फ़ नज़रों का फेरा था?
    डूबता चला गया में तेरी आंखों कहा दूर दूर तक घना अंधेरा था,
    फिर जब इश्क़ हुआ शिद्दत से तो समझ आया कि बेशक! ये तेरे उस तिल का ही असर था जो दिल पर इतना गहरा था..
    ©vwrites97

  • vswrites97 84w

    Tough days

    देख ये शाम फिर तुझे लेकर आई है
    मेरे कमरे की खिड़कियों के ज़रिए
    तुझे सीधे जहन में उतार लाई है,

    समझा इसे की तू मेरी नहीं है
    तो फिर क्यों ये तुझे
    इस गलत पते पर ले आई है?

    अगर में कुछ वक्त तुझे रख भी लू
    तो बदले में क्या शर्ते ये अपने साथ लाई है?

    बेहतर होगा तू लौट जा फिर इसे
    लेकर देख खामखां वो मोहब्बत
    और वो यादें फिर ताज़ा हो आई है,

    बहुत मुश्किल से संभाल रहा हूं अपने आप को
    फिर क्यों ये मेरी जान लेने पर उतर आई है?
    ©vwrites97

  • vswrites97 84w

    तुम मेरी ज़िन्दगी की आखिरी कहानी हो
    जो अधूरी होकर भी हमेशा पूरी रहेगी....
    ©vwrites97

  • vswrites97 84w

    मै कभी ये नहीं सोचता की तू सिर्फ़ मुझे मिले
    मगर दुआ है कि जिसे तू मिले उसे हर खुशी मिले....
    ©vwrites97

  • vswrites97 84w

    काश!

    काश! उससे बातो का सिलसिला चलता रहे
    मै रहूं या ना रहूं मेरी मोहब्बत यूंही ज़िंदा रहे...
    ©vwrites97